एक दिलचस्प खबर पाकिस्तान से आई। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने PMO में अपने स्पेशल असिस्टेंट बिलाल बिन साक़िब को हटा दिया है। बिलाल पाकिस्तान के PMO में जनरल आसिम मुनीर के आदमी थे। बिलाल को मुनीर ने ही PMO में रखवाया था। बिलाल क्रिप्टो करेंसी के बड़े कारोबारी हैं। बिलाल बिन साकिब के अमेरिकी सरकार में गहरे ताल्लुकात हैं। PMO के इस स्पेशल असिस्टेंट ने ही जनरल मुनीर की व्हाइट हाउस में एंट्री कराई थी।
नवाज़ शरीफ और शहबाज़ शरीफ आसिम मुनीर को किसी भी हालत में तानाशाह बनने से रोकना चाहते हैं। जैसे ही बिलाल के इस्तीफे की खबर आई, पूरे पाकिस्तान में हलचल मच गई। शहबाज़ हुकूमत ने इसी साल बिलाल बिन साक़िब को बड़े शोर-शराबे के साथ पाकिस्तान क्रिप्टो काउंसिल का सीईओ बनाया था। उनको प्रधानमंत्री का स्पेशल असिस्टैंट नियुक्त करके कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया था। इसके बाद बिलाल बिन साक़िब ने पाकिस्तान में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के क़रीबी लोगों को बुलाया, लाहौर में क्रिप्टो conference की। इस प्रोग्राम में ट्रंप के golf buddy स्टीव विटकॉफ के बेटे और डॉनल्ड ट्रंप के बेटे एरिक ट्रंप की कंपनी वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल के अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया था।
इसके बाद बिलाल बिन साक़िब लास वेगस में बिटकॉइन कांफ्रेंस में पहुंचे थे। इस कांफ्रेंस में राष्ट्रपति ट्रंप के दोनों बेटे और उपराष्ट्रपति जे. डी. वैंस भी शामिल हुए थे। इस कांफ्रेंस में ट्रंप परिवार को impress करने के लिए बिलाल बिन साक़िब ने राष्ट्रपति ट्रंप की जमकर चापलूसी की थी। इसका असर भी दिखा था। सितंबर में आसिम मुनीर और शहबाज़ को राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आमंत्रित किया था। इसीलिए अचानक जिस तरह बिलाल बिन साक़िब को बर्ख़ास्त किया गया, उसके बाद पाकिस्तान में सवाल उठ रहे हैं कि आख़िर अचानक ऐसा क्यों हुआ। शहबाज़ हुकूमत ने इस मुद्दे पर पूरी तरह चुप्पी साध ली है। ऑपरेशन सिंदूर में भारत से पिटने के बाद जनरल आसिम मुनीर ने बिलाल बिन साक़िब को ट्रंप की ख़ुशामद में लगाया था। उस वक़्त आसिम मुनीर पूरी शिद्दत से अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप की चापलूसी कर रहे थे ताकि किसी तरह ट्रंप की मदद से अपने आपको बचा सकें।
चूंकि डॉनल्ड ट्रंप क्रिप्टोकरेंसी के fan हैं, उनके दो बेटे डॉनल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप क्रिप्टोकरेंसी के कारोबार में हैं, आसिम मुनीर ने ट्रंप के क्रिप्टो करेंसी प्रेम का फ़ायदा उठाने के लिए ही बिलाल बिन साक़िब को शहबाज़ शरीफ़ का सलाहकार बनवाया था जिससे वो ट्रंप के बेटों और उनके दोस्त स्टीव विटकॉफ के ज़रिए ट्रंप के inner circle में घुस सकें। पाकिस्तानी मीडिया में क़यास लग रहे हैं कि मुनीर और शहबाज़ के बीच ज़रूर कुछ न कुछ गड़बड़ है। इसीलिए मुनीर के क़रीबी बिलाल को बर्ख़ास्त किया गया। ख़बर ये है कि बर्ख़ास्त होने के बाद बिलाल बिन साक़िब बोरिया बिस्तर बांधकर दुबई शिफ्ट हो गए हैं। पाकिस्तान की क्रिप्टो काउंसिल का चीफ बनने के बाद, बिलाल ने बिनांस और स्टेक जैसे क्रिप्टो प्लेटफॉर्म के अधिकारियों को पाकिस्तान बुलाया था। ट्रंप की नज़दीकी क्रिप्टो कंपनी, वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल के साथ डील की थी।
बिलाल ने ट्रंप और उनके नज़दीकी लोगों की नज़र में पाकिस्तान की छवि बदलने में पूरी ताक़त लगा दी थी। लेकिन अब बिलाल को शहबाज़ ने अपनी कैबिनेट से बाहर निकाल दिया है। इसके बाद पाकिस्तान में ख़बरें चल रही हैं कि आसिम मुनीर ने इमरान ख़ान को जेल में पैग़ाम भिजवाया है, अपने साथ आने का ऑफ़र दिया है ताकि शहबाज़ शरीफ़ को किनारे लगा सकें। पाकिस्तान में बिलाल बिन साकिब का PMO से हटाया जाना इस बात का संकेत है कि शरीफ ब्रदर्स ने अब आसिम मुनीर को घास डालना बंद कर दिया है। आसिम मुनीर को CDF बनाए जाने का नोटिफिकेशन जारी न होना इस बात का संकेत है कि शरीफ ब्रदर्स मुनीर को असीमित ताकत नहीं देना चाहते। जनरल मुनीर राष्ट्रपति ट्रंप से मिलकर बहुत इतराने लगे थे।
ये बात गुप्त नहीं है कि ट्रंप ने मुनीर को व्हाइट हाउस में बुलाया थी, उन्हें काफी अहमियत दी थी। पाकिस्तान में ये चर्चा गर्म है कि इसके पीछे Crypto King बिलाल का हाथ था। बिलाल शहबाज शरीफ के घर में घुसा हुआ था। वह मुनीर का खासम खास है। अब सवाल ये है कि क्या आसिम मुनीर को किनारे कर दिया जाएगा? पाकिस्तान के एयर चीफ मार्शल ज़हीर अहमद बाबर सिद्धू ने नवाज शरीफ से मुलाकात की है। पाकिस्तानी मीडिया का कहना है कि एयर चीफ मार्शल ज़हीर अहमद सिद्धू आसिम मुनीर को CDF बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं। पाकिस्तान में इस वक्त शहबाज़ शरीफ और आसिम मुनीर में शह और मात का खेल चल रहा है। बाज़ी किसके हाथ लगेगी, ये पता चलने में अभी थोड़ा वक्त लगेगा। (रजत शर्मा)
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