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श्रीनगर की जामिया मस्जिद में नहीं दी गई जुमे की नमाज की इजाजत, जानें क्यों लिया गया ये फैसला

 Published : Oct 13, 2023 04:21 pm IST,  Updated : Oct 13, 2023 04:21 pm IST

श्रीनगर में स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद में शुक्रवार को जुमे की नामज की इजाजत नहीं दी गई क्योंकि ऐसी आशंका थी कि इजराल की गाजा पर कार्रवाई को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो सकता है।

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श्रीनगर की जामिया मस्जिद। Image Source : PTI FILE

श्रीनगर: जम्मू एवं कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में जुमे के दिन सामूहिक नमाज की इजाजत नहीं दी गई। सूत्रों ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि मस्जिद में सामूहिक नमाज के बाद गाजा में इजरायल की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन की आशंका जताई गई थी। अधिकारियों ने बताया कि शहर के नौहट्टा इलाके में स्थित मस्जिद परिसर में ताला लगा दिया गया और जुमे की नमाज की इजाजत नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए मस्जिद के आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षा बल के जवानों को तैनात किया गया है।

‘पुलिस ने बंद कर दिए मस्जिद के दरवाजे’

भले ही यहां जुमे के दिन सामूहिक नमाज की इजाजत नहीं दी गई, लेकिन मस्जिद बंद करने की वजह पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सूत्रों ने कहा कि गाजा पट्टी में इजरायल की कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की आशंका थी। हमास के सिलसिलेवार हमलों के बाद इजरायल ने कार्रवाई शुरू की है, जिससे क्षेत्र में काफी तनाव पैदा हो गया है। मस्जिद की प्रबंधन इकाई अंजुमन औकाफ जामिया मस्जिद ने एक बयान में कहा कि पुलिस अधिकारियों ने मस्जिद के दरवाजे बंद कर दिए हैं और यह सूचना दी है कि जुमे की नमाज की अनुमति नहीं दी जाएगी।

मीरवाईज फारूक को किया गया नजरबंद!
अंजुमन औकाफ जामिया मस्जिद ने यह भी दावा किया कि हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक को ‘शुक्रवार सुबह फिर से नजरबंद कर दिया गया है।’ बता दें कि 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के मद्देनजर 4 साल की नजरबंदी के बाद अलगाववादी नेता मीरवाइज को हाल में रिहा किया गया था। बता दें कि इजरायल के नागरिकों पर हमासे के हमले और उनकी बेरहमी से हत्या किए जाने के बाद विश्व की तमाम बड़ी शक्तियों ने इजरायल का साथ दिया है, और आतंक के खिलाफ उसकी कार्रवाई के अधिकार का समर्थन किया है।

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