आम आदमी पार्टी के सरपंच की हत्या के मामले में दो शूटर सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पंजाब के पुलिस डीजीपी गौरव ने कहा कि पुरानी दुश्मनी के कारण जरमैल सिंह की हत्या की गई थी और पुर्तगाल में रहने वाला गैंगस्टर प्रभा दासुवाल इसका मुख्य साजिशकर्ता था। उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य संगठित अपराध के खिलाफ निर्णायक अभियान शुरू करने जा रहा है, जिसमें विदेशों में बैठे सक्रिय अपराधियों के प्रत्यर्पण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
डीजीपी ने पत्रकारों को बताया कि स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से रविवार को छत्तीसगढ़ के रायपुर से दो शूटर को गिरफ्तार किया गया, जिनकी पहचान तरनतारन जिले के पट्टी निवासी सुखराज सिंह उर्फ गंगा (20) और गुरदासपुर जिले के पासनवाल गांव निवासी करमजीत सिंह के रूप में हुई है।
शादी के दौरान हुई थी हत्या
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को रायपुर की अदालत में पेश किया गया और ‘ट्रांजिट रिमांड’ के बाद हिरासत में ले लिया गया। डीजीपी ने बताया कि जांच के लिए उन्हें अमृतसर लाया जा रहा है। डीजीपी ने बताया कि सहायता और रसद मॉड्यूल का हिस्सा रहे अन्य पांच आरोपियों को पंजाब से गिरफ्तार किया गया। तरनतारन के वल्टोहा गांव के सरपंच जरमैल सिंह को शादी समारोह में बेहद करीब से गोली मार दी गई। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि दो हमलावर शादी स्थल में घुसे, जिसमें से एक ने बंदूक निकालकर सिंह के सिर पर गोली मारी और फरार हो गया। सिंह को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना के तुरंत बाद, पंजाब में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने ‘आप’ सरकार की आलोचना की और भाजपा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफा देने की मांग की थी।
मुठभेड़ में मारा गया था कथित आरोपी
संगठित अपराध करने वालों के लिए कोई रियायत नहीं बरतने की राज्य सरकार की नीति पर जोर देते हुए डीजीपी ने कहा कि पंजाब में सक्रिय अपराधी ‘नरक में भी नहीं छिप पाएंगे’ और चेतावनी दी कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढ निकाला जाएगा। डीजीपी के अनुसार, जांच से पता चला है कि गैंगस्टर प्रभा दासुवाल की सरपंच जरमैल से पुरानी दुश्मनी थी और उसने पहले भी उन पर गोली चलाई थी, जो स्पष्ट रूप से एक सुनियोजित साजिश का संकेत देती है। अधिकारियों ने बताया कि सरपंच की हत्या के मामले में आरोपी कथित गैंगस्टर हरनूर सिंह इससे पहले मंगलवार को तरन तारन जिले में पुलिस से हुई मुठभेड़ में मारा गया।
कलसियां कलां गांव के हैं तीन आरोपी
डीजीपी गौरव यादव ने गिरफ्तार अन्य आरोपियों का विवरण देते हुए कहा कि उनकी पहचान तरन तारन के भाई लाधू गांव निवासी जोबनप्रीत सिंह (19), तरन तारन के बहादुर नगर गांव निवासी हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी (27), जोबनप्रीत सिंह (20), कुलविंदर सिंह उर्फ किंडा (20) और अरमनदीप सिंह (18) के रूप में हुई है, जिनमें से अंतिम तीन तरन तारन के कलसियां कलां गांव निवासी हैं।
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