अमेरिका के बाद चीन भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। यह तेज निर्यात वृद्धि मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है।
भारत-चीन संबंधों को और अधिक मजबूत करने के लिए एक विशेष प्रकार का ऑनलाइन क्विज शुरू किया है। इसमें हर हफ्ते एक प्रश्न पूछा जाएगा। सही जवाब देने वाले भाग्यशाली विजेता को आकर्षक उपहार मिलेगा।
वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव का चीन द्वारा फायदा उठाने और भारत को अमेरिका के करीब नहीं आने देने वाली पेंटागन की रिपोर्ट को बीजिंग ने खारिज कर दिया है।
भारत-चीन के स्थिर होते संबंधों में अमेरिका भरोसे की खाईं को गहरा करने का प्रयास करने लगा है। वह दोनों देशों में फिर से तनाव और अस्थिरता चाहता है।
बीजिंग में भारत और चीन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक कर द्विपक्षीय संबंधों में हाल की सकारात्मक प्रगति की पुष्टि की। दोनों पक्षों ने मोदी–शी मुलाकात में बने समझौतों को लागू करने पर जोर दिया और भविष्य के आदान-प्रदान, व्यापार मुद्दों व क्षेत्रीय मामलों पर चर्चा की।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि अरुणाचल भारत का अभिन्न अंग है। चीन की ओर से किसी भी तरह का इनकार करने से यह हकीकत नहीं बदलने वाली है। अरुणाचल के रहनेवाले भारतीय नागरिक को रोके जाने का मुद्दा चीनी पक्ष के सामने मजबूती से उठाया गया।
भारत और चीन के बीच रविवार से सीधी उड़ानें शुरू होने जा रही हैं। इससे पहले बीजिंग ने इसे दोनों देशों के बीच दोस्ती की नई उड़ान करार दिया है।
चीन ने विश्व व्यापार संगठन के विवाद निपटान तंत्र के तहत इन उपायों पर भारत के साथ परामर्श की मांग की है।
भारत और चीन के बीच पांच साल बाद हवाई कनेक्शन एक बार फिर से बहाल होने जा रहा है। इंडिगो के बाद अब चाइना की इस बड़ा एयरलाइन कंपनी ने भी अपने उड़ान संचालन की घोषणा की है। कंपनी 9 नवंबर 2025 से दिल्ली और शंघाई के बीच डायरेक्ट फ्लाइट शुरू करने जा रही है।
भारत और चीन के रिश्तों में नई बहार की शुरुआत होने जा रही है। पांच साल से ठप पड़ी डायरेक्ट फ्लाइट अब दोबारा उड़ान भरने को तैयार हैं। IndiGo ने ऐलान किया है कि वह आगामी 10 नवंबर से दिल्ली और चीन के ग्वांगझू शहर के बीच अपनी सीधी उड़ान शुरू करेगा।
भारत और चीन के रिश्तों में नई बहार की शुरुआत होने जा रही है। पांच साल से ठप पड़ी डायरेक्ट फ्लाइट अब दोबारा उड़ान भरने को तैयार हैं। IndiGo ने ऐलान किया है कि वह आगामी 26 अक्टूबर से कोलकाता से ग्वांगझू के बीच अपनी सीधी उड़ानें शुरू करेगी।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन पर जहां रूस की मदद करने के आरोप लगाए, तो वहीं यूरोपीय देशों पर भी तंज कसा। पत्नी मेलानिया के लिए क्या कहा, जानें...
अमेरिका जी7 देशों के जरिये भारत और चीन पर और अधिक शुल्क लगवाना चाहता है। अमेरिकी वित्त विभाग ने जी7 देशों सेस रूसी तेल खरीदारों पर शुल्क लगाने का अनुरोध किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग ने अमेरिकी टैरिफ के बीच हुई आर्थिक उथल-पुथल के मद्देनजर अपनी व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करने और सीमा पर शांति, सौहार्द्र बनाए रखने की प्रतिबद्धता जाहिर की है।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत और चीन को अपने संबंधों को दीर्घकालिक नजरिये से देखने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि मौजूदा हालात में भारत-चीन का साथ होने बहुध्रुवीय व्यवस्था के लिए जरूरी है।
अमेरिका से टैरिफ वार छिड़ने के बाद भारत और चीन ने अपने संबंधों को नया विस्तार देना शुरू कर दिया है। इससे एशिया में अमेरिकी का रणनीति और कूटनीति को बड़ा झटका लगा है।
मोदी की चीन यात्रा चीनी विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा के एक पखवाड़े से भी कम समय बाद हो रही है। विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के साथ वांग की व्यापक वार्ता के बाद भारत और चीन ने दोनों पक्षों के बीच “स्थिर, सहयोगात्मक और दूरदर्शी” संबंधों के लिए कई उपायों की घोषणा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। सोमवार को वह रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और चीन के संबंधों को वैश्विक स्थिरता के लिए जरूरी बताया है। जापान में एक साक्षात्कार के दौरान प्रधानमंत्री ने रूस-यूक्रेन युद्ध से लेकर ग्लोबल साउथ की चिंताओं और भारत-जापान संबंधों पर भी खुलकर बात की।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी की वजह से भारत-चीन के रिश्तों में नई गर्मजोशी आई है। व्यापार, कूटनीति और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में दोनों देश करीब आ रहे हैं। सीमा विवाद के बाद पहली बार रिश्तों में सुधार के संकेत दिखे हैं, जिससे आर्थिक सहयोग की नई संभावनाएं खुल रही हैं।
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़