अधिकारियों का कहना है कि अगर संसदीय परंपराओं का पालन किया जाता है, तो केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रविवार, 1 फरवरी को ही देश का आम बजट पेश करेंगी।
एक कार्यक्रम के दौरान युवती के चेहरे से हिजाब हटाने को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की लगातार आलोचना हो रही है। अब जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी उनपर निशाना साधा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इनकम टैक्स में जैसी पारदर्शिता लाई गई है, वैसा ही सीमा शुल्क में भी करने की जरूरत है।
ईडी ने समन जारी करने की प्रकिया में बदलाव करते हुए चेतावनी जारी की है और लोगों को सावधान रहने के लिए कहा है। फर्जी समन और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामले रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
सोशल मीडिया पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का फेक AI जेनरेटेड वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया गया है कि वित्त मंत्री 22000 रुपये लगाकर एक माह में ₹20 लाख के रिटर्न का वादा करने वाली एक योजना का प्रचार कर रही हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी वर्ष अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं। यह बजट ऐसे समय में तैयार किया जा रहा है जब वैश्विक परिदृश्य भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से घिरा हुआ है और अमेरिका द्वारा भारत से आयातित उत्पादों पर भारी टैरिफ लागू है।
निर्मला सीतारमण ने 12वें ‘एसबीआई बैंकिंग एंड इकॉनमिक्स’ सम्मेलन-2025 को संबोधित करते हुए वित्तीय संस्थानों से उद्योग जगत के लिए कर्ज प्रवाह को बढ़ाने और व्यापक बनाने का आग्रह किया।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के विमान की भूटान जाते समय खराब मौसम के कारण बागडोगरा एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। आसमान में कम दबाव और भारी बारिश के चलते यह कदम उठाया गया।
टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी के बीच जारी विवादों से 180 अरब डॉलर से ज्यादा के इस ग्रुप के कामकाज पर असर पड़ने का खतरा है।
वित्त मंत्री ने अधिकारियों से 3 महीने के अभियान के दौरान इन बिना दावे वाली संपत्तियों को उनके असली मालिकों तक पहुंचाने के लिए तीन पहलुओं- जागरूकता, पहुंच और कार्रवाई - पर काम करने का आग्रह किया।
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत का एक स्थिर शक्ति के रूप में उभरना न तो संयोग है, न ही अस्थायी, बल्कि यह कई ताकतवर कारकों का परिणाम है। पिछले दशक में सरकार ने वित्तीय समेकन, पूंजी खर्च की गुणवत्ता सुधारने, और महंगाई दबावों को नियंत्रित करने पर ध्यान केंद्रित किया है।
सीतारमण ने अपने बयान में कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को 50 साल की ब्याज-मुक्त सहायता भी प्रदान की है ताकि वे अपनी पूंजीगत संपत्तियों को बढ़ा सकें और उन पर खर्च के लिए धन जुटा सकें।
वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी में सुधार के बाद 12% GST वाले 99% उत्पाद अब 5% स्लैब में आ गए हैं। 28% वाले 90% आइटम अब 18% की दर पर आ गए हैं।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि जिन 99 प्रतिशत वस्तुओं पर पहले 12 प्रतिशत जीएसटी लगता था, अब उन पर सिर्फ 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विपक्ष जीएसटी में हुए बदलावों को लेकर गुमराह कर रहा है। पीटीआई को दिए इंटरव्यू में सीतारमण ने ये भी बताया कि 4 स्लैब रखने का फैसला किसका था?
जीएसटी परिषद ने पाप और विलासिता की वस्तुओं के लिए 40 प्रतिशत के नए स्लैब को मंज़ूरी दी है। जीएसटी परिषद का यह फ़ैसला 22 सितंबर से लागू होगा।
वित्त मंत्री ने जीएसटी सुधारों की जरूरत और इससे होने वाले फायदे को राज्यों के प्रतिनिधियों के सामने रखा। केंद्र सरकार जीएसटी दरों को मौजूदा 5%, 12%, 18% और 28% की चार कैटेगरी से घटाकर मुख्य रूप से 5% और 18% की दो कैटेगरी में लाने की योजना बना रही है।
भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में नया आयकर विधेयक, 2025 पेश किया जिसे पास कर दिया गया है। आपको बता दें कि इससे पहले फरवरी महीने में नया इनकम टैक्स बिल पेश हुआ था। हालांकि, इसे बीते हफ्ते वापस लेने का ऐलान किया गया था।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में संशोधित आयकर विधेयक, 2025 पेश किया, जिसे लोकसभा में पास कर दिया गया है। इससे पहले, वित्त मंत्री ने 13 फरवरी को नया इनकम टैक्स बिल पेश किया था, जिसे पिछले ही हफ्ते वापस लेने का फैसला किया गया था।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि कई संस्करणों के कारण भ्रम से बचने और सभी सुधारों को समाहित करने के लिए एक स्पष्ट और अपडेटेड विधेयक के तौर पर नया इनकम टैक्स बिल प्रस्तुत किया जाएगा।
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