इस दौरान स्वर्ण भंडार 21.8 करोड़ डॉलर घटकर 28.779 अरब डॉलर रहा।
अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने कहा है कि कर्ज के बढ़ते स्तर को देखते हुए भारत को मध्यम अवधि में राजकोषीय स्थिति सही करने की रणनीति अपनाने तथा अधिक महत्वाकांक्षी रणनीतिक एवं वित्तीय सुधारों पर अमल करने की तत्काल जरूरत है।
देश में 31 जनवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 4.607 अरब डॉलर बढ़कर 471.3 अरब डॉलर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति बढ़ने से मुद्रा भंडार बढ़ा है।
जॉर्जीवा ने शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने 2019 में अचानक सुस्ती का सामना किया है।
डॉलर में व्यक्त की जाने वाली विदेशी मुद्रा संपत्ति पर मुद्रा भंडार में रखे गैर-अमेरिकी मुद्राओं जैसे यूरो, पौंड और येन में होने वाले उतार-चढ़ाव का भी असर पड़ता है।
इंडोनेशिया और वियतनाम जैसे कुछ अन्य बेहतर बाजार भी हैं। उन्होंने कहा कि कई अफ्रीकी देश भी अच्छा कर रहे हैं, लेकिन मैक्सिको जैसे कुछ देश अच्छा नहीं कर रहे हैं।
आईएमएफ के बाद अब वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने भी भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को लेकर अपना अनुमान घटाते हुए बड़ा बयान दिया है।
आईएमएफ ने भारत के साथ ही वैश्विक अर्थव्यवस्था के अपने वृद्धि परिदृश्य के बारे में मामूली संशोधन करते हुए इसे थोड़ा कम किया है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ भारत का विशेष आहरण अधिकार 50 लाख डॉलर घटकर 1.442 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
डॉलर में व्यक्त की जाने वाली विदेशी मुद्रा संपत्ति पर मुद्रा भंडार में रखी गैर-अमेरिकी मुद्राओं जैसे यूरो, पौंड और येन में होने वाले उतार-चढ़ाव का भी असर पड़ता है।
रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पाकिस्तान में आईएमएफ के कार्यक्रम के समक्ष घरेलू और बाहरी कारणों, दोनों की वजह से जोखिम है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि निदेशकों को लगता है कि मजबूत जनादेश वाली नई सरकार के सामने यह सुधारों को आगे बढ़ाने का एक बेहतर अवसर है।
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब सरकार सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए व्यय बढ़ाने पर गौर कर रही है।
आरबीआई ने बताया कि समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान देश के स्वर्ण भंडार का मूल्य 11 करोड़ डॉलर बढ़कर 26.968 अरब डॉलर हो गया।
गोपीनाथ ने कहा कि यह मौजूदा सरकार का दूसरा कार्यकाल है और उनके लिए राजनीतिक रूप से संरचनात्मक सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए उपयुक्त समय है।
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान देश का स्वर्ण भंडार 43 करोड़ डॉलर बढ़कर 27.078 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
मौजूदा सरकार ने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत बनाने और पुराने कर्ज को चुकाने के लिए चीन, यूएई जैसे मित्र राष्ट्रों से 10.40 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता हासिल की है।
देश के विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि जारी है। गत आठ नवंबर को समाप्त सप्ताह में यह 1.71 अरब डॉलर बढ़कर 447.81 अरब डॉलर के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया।
रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान आरक्षित स्वर्ण भंडार 30.1 करोड़ डॉलर बढ़कर 27.35 अरब डॉलर का हो गया।
सरकार ने मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस के भारत की रेटिंग का परिदृश्य स्थिर से घटाकर नकारात्मक करने पर शुक्रवार को कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
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