भारत ने म्यांमार के भूकंप पीड़ितों के लिए मदद का दायरा और बढ़ा दिया है। रविवार को भारतीय वायुसेना का विमान 31 टन की अतिरिक्त राहत सामग्री लेकर म्यांमार के लिए रवाना हुआ है।
28 मार्च को म्यांमार में 7.7 मैग्नीट्यूड का खतरनाक भूकंप आया था। इस भूकंप ने म्यांमार ने भारी तबाही मचाई थी। देश में अब भी राहत बचाव कार्य जारी है। भूकंप के मलबे में फंसे लोगों का पता लगाने के लिए अब एक खास तरह की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
म्यांमार के मांडले शहर में गत शुक्रवार को आए भूकंप में राहत और बचाव कार्य कर रही एनडीआरएफ की टीम को लोगों की ओर से जमकर सराहना मिल रही है। भारतीय टीम ने अब तक मलबे में दबे 30 से ज्यादा शवों को बाहर निकाला है।
म्यांमार में जुंटा सरकार ने रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने के लिए एकतरफा युद्ध विराम का ऐलान किया है। इसके साथ ही सशस्त्र समूहों और विद्रोहियों से सैन्य ठिकानों पर हमले नहीं करने की अपील की है।
म्यांमार में गत शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के भीषण भूकंप में एक शख्स को 5 दिन बाद जीवित निकाला गया है। इस घटना ने उस कहावत को एक बार फिर से चरितार्थ किया है, जिसमें कहा गया है, "जाको राखे साईंयां, मार सके न कोय।"
म्यांमार में चीनी रेड क्रॉस के एक काफिले पर हमला हो गया है। बताया जा रहा है कि इस काफिले की 9 ट्रकों पर उस वक्त गोलीबारी की गई, जब वह भूकंप पीड़ितों के लिए राहत सामग्री पहुंचाने जा रहे थे।
थाईलैंड और म्यांमार के बाद अब जापान में मेगा महाभूकंप की चेतावनी ने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। इस भूकंप को धरती के सबसे भयानक भूकंप के रूप में देखा जा रहा है। इसमें 3 लाख से ज्यादा लोगों के मौतों की आशंका जाहिर की गई है।
बीते शुक्रवार को म्यांमार में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके ठीक बाद 6.4 तीव्रता का शक्तिशाली झटका आया। इस भूकंप के कारण अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है।
म्यांमार के बाद एक और एशियाई महाद्वीप के देश में भयानक भूकंप आ गया है। यहां भी भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7 से ज्यादा रही है। ऐसे में भयानक नुकसान होने की आशंका है।
म्यांमार में भूकंप के 72 घंटे बीत जाने के बाद मलबे में दबे शवों के सड़ने से भीषण दुर्गंध फैलनी शुरू हो गई है, इससे लोगों का जीना मुहाल हो गया है। साथ ही रेस्क्यू ऑपरेशन टीम के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
म्यांमार में आए शक्तिशाली भूकंप ने बड़ी तबाही मचाई है। क्या आप जानते हैं कि साल 1960 में आया भूकंप अबतक का सबसे बड़ा भूकंप था, जिसने पूरी दुनिया को हिला दिया था।
म्यामांर में भूकंप ने बड़ी तबाही मचाई है और म्यांमार में आए भूकंप का असर चीन में भी देखने को मिला है। एक अस्पताल में भूकंप के बीच नर्सों ने नवजात शिशुओं की जान कुछ यूं बचाई-देखें हैरतअंगेज वीडियो...
म्यांमार की धरती एक बार फिर ताकतवर भूकंप से कांप उठी है। रविवार को म्यांमार के मांडले शहर में 5.1 तीव्रता का बड़ा झटका महसूस किया गया। इससे होने वाले नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप ने बड़ी तबाही मचाई है। राहत और बचाव कार्य जारी हैं, अबतक 1600 से ज्यादा लोगों की मौत और 3400 लोगों के घायल होने की खबर है। देखें वीडियो...
म्यांमार में भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़ गई है। गौरतलब है कि यहां आए भूकंप ने भीषण तबाही मचाई है। बड़ी-बड़ी बिल्डिगें भरभराकर गिर गई हैं।
म्यांमार में भूकंप से मरने वाले लोगों की संख्या 1600 के पार जा चुकी है। भारत के अलावा चीन ने भी यहां मदद भेजी है। ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत भारत के पांच विमान मदद लेकर म्यांमार जा रहे हैं।
भूकंप से पीड़ित म्यांमार के लिए भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है। राहत सामग्री को लेकर भारत का C-130J हरक्यूलिस विमान म्यांमार पहुंच गया है। म्यांमार ने भारत की मदद के लिए थैंक्यू कहा है।
भारतीय वायुसेना का विमान भारत से 15.3 टन राहत सामग्री लेकर पहुंचा। लेफ्टिनेंट कर्नल जगनीत गिल के नेतृत्व में कुलीन शत्रुजीत ब्रिगेड मेडिकल रिस्पॉन्डर्स की 118 सदस्यीय टीम आवश्यक चिकित्सा उपकरणों और आपूर्ति के साथ म्यांमार पहुंची है।
म्यांमार में आए महाविनाशकारी भूकंप में भारत प्रथम मददकर्ता बनकर उभरा है। भारत ने अपने वायुसेना के 2 विमानों और नौसेना के 2 पोतों को म्यांमार के लिए रवाना कर दिया है। इसमें एनडीआरएफ की 80 सदस्यीय टीम भी शामिल है।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गई है। भूकंप के तेज झटके से लोगों में दहशत फैल गई।
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