मोदी ने कहा है कि म्यांमार और थाईलैंड में आए भूकंप से वो दुखी हैं। दोनों देशों को भारत हर संभव मदद देने के लिए तैयार है। मोदी ने कहा कि विदेश मंत्रालय को उन्होंने थाईलैंड और म्यांमार की सरकार से संपर्क में रहने को कहा है।
म्यांमार में भूकंप के जोरदार झटकों के बाद पीएम मोदी ने म्यांमार के सेना प्रमुख से बात की है। इस दौरान उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मुश्किल घड़ी में भारत, म्यांमार के लोगों के साथ खड़ा है।
म्यांमार और थाईलैंड में आए महाविनाशकारी भूकंप की ताजा तस्वीरें और वीडियो आपको विचलित कर सकते हैं। कई वीडियो में गगनचुंबी इमारतें झूले की तरह झूल रही हैं तो कहीं सड़कों पर वाहन हिचकोले खा रहे हैं। कई जगहों पर धरती फट गई है तो कहीं पूल में समंदर जैसी लहरें उठ रही हैं।
म्यांमार में आए महाविनाशकारी भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा अब 1000 के पार पहुंच गया है। म्यांमार में कई जगह धरती फट गई है। बड़ी-बड़ी इमारतें ताश के पत्तों की तरह सेकेंडों में भरभरा कर गिर गई हैं।
भारत सरकार भूकंप से बचाव के लिए नीतियां बना रही है, सुरक्षा दिशानिर्देश तैयार कर रही है और लोगों को जागरूक कर रही है। सरकारी एजेंसियां भूकंप की निगरानी और आपदा से निपटने के तरीकों पर काम कर रही हैं, जिससे भूकंप की स्थिति में नुकसान कम हो सके।
म्यामांर में शक्तिशाली भूकंप के बाद से भारी नुकसान हुआ है। इस भूकंप में 1000 लोगों की मौत हो गई है। पीएम मोदी ने इस भूकंप के बाद चिंता जाहिर की थी। इसके बाद अब भारत की ओर से म्यांमार को 15 टन से अधिक की राहत सामग्री भेजी गई है।
म्यांमार में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रात को 11 बजकर 56 मिनट पर भूकंप आने की वजह से लोग अपने घरों से बाहर निकल गए।
एक के बाद एक दो लगातार भूकंप से म्यांमार और थाइलैंड दहल उठा है। कहीं निर्माणाधीन इमारत जमींदोज हो गई तो कहीं धूल का गुब्बार उठ गया। 51 साल पुराना पुल भी मिट्टी में मिल गया। 7.7 मैग्नीट्यूड वाले इस भूकंप ने दोनों देशों को हिलाकर रख दिया।
म्यांमार में इससे पहले भी बड़े भूकंप आ चुके हैं। 2004 में यहां कोको आइलैंड में 9.1 से 9.3 मैग्नीट्यूड की तीव्रता वाला भूकंप आया था। इसका केंद्र सतह से 30 किलोमीटर नीचे था। यहां 31 बार 7 या उससे ज्यादा तीव्रता के भूकंप आ चुके हैं।
म्यांमार और थाइलैंड में आए शक्तिशाली भूकंप से जानमाल का काफी नुकसान हुआ है। कई ऊंची-ऊंची बिल्डिंगें गिर गईं हैं। सड़कों पर मलबा बिखरा पड़ा हुआ है। पीएम मोदी ने दोनों देशों को हरसंभव मदद दिए जाने का ऐलान किया है।
म्यांमार में आए भयानक भूकंप में अंग्रेजों के समय में बनाया गया ऐतिहासिक पुल भी धराशाई हो गया है। एक नदी के ऊपर बनाया गया यह पुल कई खंडों में टूट गया है।
बैंकॉक में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आने की वजह से इमारतें हिलने लगीं और एक निर्माणाधीन इमारत गिर भी गई। लोगों को दहशत के चलते इमारतों से बाहर निकलते हुए देखा गए।
थाईलैंड में शुक्रवार को भयंकर भूकंप के झटके लगे हैं। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 7.7 मापी गई है। इस भूकंप का केंद्र म्यांमार में था।
भारत सरकार 266 और नागरिकों को वापस लाई है, जिन्हें दक्षिण पूर्व एशिया के साइबर अपराध केंद्रों से रिहा कराया गया था।
भारत ने म्यांमार से 283 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया है। इन नागरिकों को नौकरियों का लालच देकर अपराध के लिए मजबूर किया गया था।
चीनी लोगों से आप भी सावधान हो जाइये, क्योंकि वह आपकी जेब को ऑनलाइन फ्रॉड करके चूना लगा रहे हैं। म्यांमार ने ऐसे कम से कम 10 हजार चीनी नागरिकों की पहचान की है। साथ ही उन्हें बीजिंग भेजने के प्रक्रिया शुरू कर दी है।
म्यांमार में आधी रात भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 4.8 मापी गई है।
म्यांमार से लोकतंत्र के समर्थकों के लिए बड़ी खबर है। इस देश में साढ़े तीन साल से चल रहे गृहयुद्ध के बाद जुंटा आर्मी घुटनों पर आ गई है। अब उसने सशस्त्र समूहों को शांति के लिए बातचीत को आमंत्रित किया है।
म्यांमार में रोहिंग्याओं पर ड्रोन अटैक की खबर है। बताया जाता है कि इस हमले में दर्जनों रोहिंग्या मारे गए हैं। मरने वालों में कई परिवार और बच्चे शामिल हैं।
नगा पीपुल्स फ्रंट के एक विधायक ने दावा किया है कि म्यांमार के उग्रवादियों ने बॉर्डर पर बारूदी सुरंगे बिछाई हैं जिनकी चपेट में आने से लोगों की जान भी जा चुकी है।
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