इन दोषियों पर आतंक और हिंसा के माध्यम से अपने भारत विरोधी एजेंडे को बढ़ावा देने की योजना के आरोप थे।
जांच एजेंसी एनआईए रेलवे के एक क्लर्क की तलाश में जुटी हुई है। आरोप हैं कि रेलवे का क्लर्क फर्जी मेडिकल बिल के जरिए आईएसआईएस को फंडिंग कर रहा था। इसका खुलासा पहले से गिरफ्तार आरोपियों ने किया है।
NIA ने छापेमारी वाली जगहों से आतंकी संगठन के सदस्यों को तो गिरफ्तार किया ही साथ ही अन्य कई सामाग्रियां भी जब्त की हैं। NIA की ओर से इस मामले में पूरा जानकारी साझा की गई है।
एनआईए ने आज चार राज्यों में पीएलएफआई के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान सेना की वर्दी सहित कई अन्य सामान बरामद किए गए। इसके साथ ही दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
NIA को शक है कि मुंबई से सटे ठाणे में देशभर के करीब 200 युवाओं का ब्रेन वाश किया गया और उन्हें रेडिक्लाइज किया गया है। महाराष्ट्र ATS और इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीमें भी NIA के साथ मिलकर इस मामले की जांच कर रही हैं।
खंडवा में हुए तिहरे हत्याकांड मामले में एनआईए कोर्ट ने आतंकी अबू फैजल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। ऐसे में अब आतंकी अबू फैजल अपनी आखिरी सांस तक जेल की हवा खाएगा। अबू फैजल के खिलाफ 10 सालों से ट्रायल चल रहा था।
एनआईए महाराष्ट्र और कर्नाटक में ताबड़तोड़ छापे की कार्रवाई कर रही है। जानकारी के मुताबिक जांच एजेंसी इन दोनों राज्यों मे 44 जगहों पर छापेमारी कर रही है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस में तैनात इंस्पेक्टर की हत्या मामले की जांच अब एनआईए को सौंप दी गई है। पुलिस विभाग के अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है। बता दें कि गोली लगने के करीब एक महीने बाद इंस्पेक्टर की गुरुवार को मौत हो गई थी।
बिहार का एक शख्स अपनी महिला मित्र के साथ चैटिंग से मना किए जाने पर इस कदर खफा हो गया कि उसने NIA को ही धमकी भरा ईमेल लिख दिया।
बिहार में जिस तरह से आतंकी मॉड्यूल पनप रहे हैं उससे यहां 26/11 जैसे आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है। इसकी एक झलक एक दशक पहले पीएम मोदी की हुँकार रैली में देखने को मिली थी।
जम्मू-कश्मीर में एनआईए को एक और सफलता मिली है। आतंकियों तक ड्रोन के जरिए हथियार पहुंचाने के मामले में एनआईए ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है।
NIA को पता चला था कि अवैध प्रवासियों को दलालों-बिचौलियों द्वारा भारत में प्रवेश करने में मदद की गई थी, जो घुसपैठ में प्रमुख भूमिका निभा रहे थे। यह भी पता चला कि बिचौलिये न केवल भारत-बांग्लादेश सीमा के दोनों ओर बल्कि मुख्य भूमि पर भी मौजूद हैं।
NIA ने चार्जशीट में खुलासा किया कि ये सभी मोहम्मद नाम के वांटेड आरोपी के संपर्क में थे और अपनी आतंकी साजिश को अंजाम देने के लिए पुणे के डोपडेव घाट में स्थित कादिर पठान के घर मीटिंग करते थे।
मानव तस्करी के मामलों की जांच को लेकर NIA की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। NIA ने 10 राज्यों में संदिग्धों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। संदिग्धों के आवासीय परिसर भी जांच के दायरे में हैं।
केरल के कोच्चि में एक कन्वेंशन सेंटर में एक के बाद एक कई बम ब्लास्ट हुए हैं। यह धमाके रविवार सुबह लगभग 9 बजे हुए हैं। जिस समय यह धमाके हुए, उस समय सेंटर में 2500 से ज्यादा लोग मौजूद थे।
पुलिस के अनुसार, यह धमाका सुबह 9 बजे के आसपास हुआ था। वहीं अब इस हादसे के बाद घटनास्थल पर NIA की टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है। धमाके के दौरान सेंटर में 2500 से भी ज्यादा लोग मौजूद थे।
एनआईए ने तीन आतंकियों को सोमवार को गिरफ्तार किया। ये तीनों कोई साधारण आतंकी नहीं हैं बल्कि काफी पढ़े लिखे हैं। तीनों के पास बीटेक की डिग्री है। इनमें से एक तो जामिया मिलिया इस्लामिया से पीएचडी कर रहा है।
दिल्ली पुलिस, पुणे पुलिस और एनआईए की टीम ने दिल्ली और पुणे के कई स्थानों पर छापेमारी कर रही है। एनआईए को तीन आतंकियों की तलाश है जो आईएसआईएस के स्लीपर सेल हैं। बता दें कि एनआईए एक आतंकी को गिरफ्तार करने के काफी नजदीक पहुंच चुकी है।
छह राज्यों पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, यूपी, राजस्थान, उत्तराखंड और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में मारे गए छापों के दौरान पिस्तौल, गोला-बारूद, बड़ी संख्या में डिजिटल एविडेंस और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई
NIA ने एक बड़ा खुलासा किया है। एनआईए ने अपनी एक चार्जशीट में कहा है कि मुंबई अंडरवर्ल्ड से ज्यादा खतरनाक दौर देश के कुछ हिस्सों में लौट आया है। एनआईए को जांच में ठीक उसी तरह के पैटर्न मिल रहे हैं जैसे मुंबई बम धमके के दौरान मिले थे।
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