राज ठाकरे उद्धव को जन्मदिन की बधाई देने मातोश्री पहुंचे थे। इस मुलकात के बाद उद्धव ठाकरे का बयान सामने आया।
उद्धव ठाकरे के जन्मदिन के मौके पर राज ठाकरे आज मातोश्री पहुंचे। राज ठाकरे ने फेसबुक पर पोस्ट कर उद्धव ठाकरे का जिक्र 'मेरे बड़े भाई' के तौर पर किया।
महाराष्ट्र में भाषा विवाद अब चरम पर है, राज ठाकरे ने निशिकांत दुबे को डुबो डुबोकर मारने की बात कही, तो वहीं अब कांग्रेस नेता ने कहा कि ईंट का जवाब पत्थर से दो, क्योंकि ईंट से दो और पत्थर से मारने पर चार टांके लगेंगे।
भाषा विवाद को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति काफी गरमाई हुई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ता मराठी भाषा न बोले जाने पर खुलेआम लोगों की पिटाई कर रहे हैं। वहीं, मनसे प्रमुख राज ठाकरे भी मराठी भाषा का मुद्दा उठाए हुए हैं।
राज ठाकरे ने कहा कि हिंदी बोलने वाले लोग महाराष्ट्र में नौकरी करने क्यों आते हैं? अगर हिंदी बोलने वाले को दूसरी जगह जाना पड़ता है तो इसका क्या फायदा?
महाराष्ट्र में भाषा विवाद बढ़ता जा रहा है और इसे लेकर सियासत चरम पर है। इस बीच, मनसे चीफ राज ठाकरे ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया से दूरी बनाने का निर्देश दिया है। जानें राज ने क्या कहा है?
राज ठाकरे ने अपने सभी पदाधिकारियों और प्रवक्ताओं को आदेश दिया है कि वे उद्धव गुट के साथ संभावित गठबंधन को लेकर किसी भी तरह का सार्वजनिक बयान न दें।
सुशील केडिया ने राज ठाकरे को चुनौती देते हुए कहा था कि वह मराठी नहीं सीखेंगे। राज ठाकरे जो चाहे कर लें, लेकिन अब उन्होंने माफी मांग ली है और कहा है कि आवेश में आकर उन्होंने ऐसी बात कही थी।
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे का परिवार मनमुटाव दूर करते हुए 20 साल बाद एक मंच पर आया। दोनों भाइयों का मिलन सुर्खियां बटोर रहा है।
उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे के साथ मंच साझा करने के बाद कहा कि वह साथ रहने के लिए राज ठाकरे के साथ आए हैं। इसके साथ ही उन्होंने एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ तांत्रिक आज नींबू और भैंसा काट रहे होंगे।
राज ठाकरे ने कहा कि बेवजह किसी को मत मारो, लेकिन अगर कोई ज्यादा नाटक करता है, तो उसके कान के नीचे जरूर बजाओ। इसके साथ ही उन्होंने हिदायत दी कि अगली बार जब किसी को पीटो, तो उसका वीडियो मत बनाना।
मुंबई के वर्ली में बिजनेसमैन सुशील केडिया के ऑफिस में राज ठाकरे की पार्टी MNS के कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की। इसका वीडियो भी सामने आया है।
उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना UBT और राज ठाकरे की पार्टी MNS 'मराठी विजय दिन' के नाम से संयुक्त रैली कर रही है। ये बड़ा मौका है, जब दोनों भाई 20 सालों के बाद एक मंच पर दिखाई दिए।
सुप्रिया सुले ने कहा कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे अगर साथ आने का फैसला लेते हैं तो मैं इस फैसले का स्वागत करती हूं। वे एक परिवार हैं और बालासाहेब की विशाल विरासत का हिस्सा हैं।
अमित ठाकरे से पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण के नेता प्रकाश महाजन ने कहा था कि अगर साथ आना है तो आदित्य को राज ठाकरे से मिलना चाहिए। अब अमित ने कहा है कि उद्धव और राज ठाकरे को आपस में बात करनी चाहिए।
महाराष्ट्र के स्कूलों में भाषा को लेकर चल रहे विवाद के बीच मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने राज्य के शिक्षा मंत्री दादा भूसे को पत्र लिखा है। चलिए बताते हैं कि अपने पत्र में राज ठाकरे ने क्या कहा है?
संजय राउत ने कहा कि कोई क्या बोलता है, उससे फर्क नहीं पड़ता। फर्क इससे पड़ता है कि ठाकरे क्या बोलते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मराठियों के हक के लिए सभी को साथ आना होगा।
महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे परिवार एक बार फिर चर्चा में हैं। मनसे प्रमुख राज ठाकरे के हालिया बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में कयासों का बाजार गर्म कर दिया है। राज ठाकरे के बयान के बाद संजय राउत ने कहा कि हम सालों से एक साथ हैं।
महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे परिवार का रोल काफी अहम होता है। उद्धव ठाकरे राज्य के सीएम रह चुके हैं। राज ठाकरे मराठी मानुष का मुद्दा लोगों के बीच उठाते रहते हैं। अब मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने राजनीतिक रूप से उद्धव के साथ आने पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
स्कूलों में कक्षा 1 से कक्षा 5 तक हिंदी पढ़ाए जाने का राज ठाकरे ने विरोध किया है। राज ठाकर ने साफ शब्दों में कहा कि वह हिंदू हैं लेकिन हिंदी स्वीकार नहीं हैं। राज ठाकरे के घर पार्टी के नेता हिंदी भाषा विवाद पर चर्चा कर रहे हैं।
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