हिंडनबर्ग ने जनवरी में अडाणी समूह पर बही-खातों में धोखाधड़ी और शेयरों के भाव में गड़बड़ी के साथ विदेशी इकाइयों के अनुचित उपयोग का आरोप लगाया था।
जून में अपनी बोर्ड बैठक में सेबी बोर्ड ने सार्वजनिक निर्गम में शेयरों की लिस्टिंग की समय अवधि को मौजूदा छह दिनों से घटाकर इश्यू बंद होने की तारीख (टी डे) से तीन दिन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।
SEBI: सेबी ने बुधवार को कहा कि नई लिस्टिंग समय सीमा 1 सितंबर या उसके बाद खुलने वाले सभी सार्वजनिक मुद्दों के लिए स्वैच्छिक होगी और 1 दिसंबर के बाद आने वाले सभी मुद्दों के लिए अनिवार्य होगी।
सेबी ने 31 मार्च, 2023 तक 73,287 करोड़ रुपये के बकाया को ‘‘वसूली करना मुश्किल’’ के रूप में वर्गीकृत किया है। इसका मतलब है कि वसूली के सभी तरीकों का इस्तेमाल करने के बाद भी इस राशि को वसूल नहीं किया जा सका है।
सेबी ने 2022-23 के लिए अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा, ‘‘सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध इकाइयों के एक जटिल समूह की गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के चलते प्रतिभूति बाजार पारिस्थितिकी तंत्र में आने वाले जोखिमों की पहचान, निगरानी और प्रबंधन करने की जरूरत है।
SEBI Updates: ऑप्शन से कमाई करने की सोच रहे निवेशकों के लिए खुशखबरी आई है। सेबी अब एक नए नियम पर काम करने जा रहा है।
सेबी ने सोमवार को जारी कुर्की नोटिस में कहा कि धूत के ऊपर 5.16 लाख रुपये का जुर्माना बकाया है।
यूट्यूब के कई चैनलों पर भ्रामक वीडियो डालकर शार्पलाइन ब्रॉडकास्ट लिमिटेड की शेयर कीमतों में हेराफेरी करने के मामले में नौ इकाइयों पर लगाई गई पाबंदी हटाने से इनकार कर दिया है।
दुनिया भर में पहली बार भारतीय बाजार में लिस्टिंग के समय को 3 दिन तक कम करने का निर्णय लिया गया है। इससे निवेशकों को पैसा अटकने के झंझट से निजात मिलेगी।
निदेशक मंडल ने सार्वजनिक निर्गमों में शेयरों की सूचीबद्धता की समयावधि को निर्गम बंद होने (टी) की तारीख से मौजूदा 6 दिनों से घटाकर 3 दिन करने को मंजूरी दी है।
इस प्रक्रिया से ग्राहकों की राशि का दुरूपयोग नहीं हो पाएगा। साथ ही ब्रोकर ग्राहकों का पैसा लौटाने में चूक नहीं कर पाएंगे।
SEBI Recruitment: भारतीय प्रतिभूति और विनितमय बोर्ड, SEBI की तरफ से असिस्टेंट मैनेजर के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। कैंडिडेट्स आधिकारिक वेबसाइट sebi.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
IIFL की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। सेबी के एक्शन का असर अब उसके शेयर पर देखने को मिल रहा है।
अधिसूचना के अनुसार, “इन कंपनियों को मुख्यधारा की मीडिया के माध्यम से निवेश करने वाले लोगों में फैल रही किसी सूचना या कथित घटना के संबंध में सूचना मिलने के 24 घंटे के अंदर उसकी पुष्टि, खारिज या स्पष्टीकरण देना होगा।
SEBI Auction Properties: सेबी ने निवेशकों का पैसा ब्याज समेत वापस करने के निर्देश के बाद उनकी कुछ संपत्तियों को कुर्क कर लिया था। अब इस संबंध में आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
नीलामी वाली संपत्तियों में से पांच एमपीएस ग्रुप की, चार विबग्योर की, तीन पायलन ग्रुप ऑफ कंपनीज की, दो टावर इन्फोटेक की और एक-एक मल्टीपर्पज बीआईओएस, प्रयाग ग्रुप और वारिस फाइनेंस की हैं।
अपने परामर्श पत्र में नियामक ने उच्च जोखिम वाले ऐसे एफपीआई से बारीकी से जानकारी प्राप्त करने का प्रस्ताव किया है जिनका निवेश किसी एक कंपनी में केंद्रित हैं।
मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने सेबी से कहा कि जांच पूरी करने के लिए 6 महीने के समय की मांग उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि हम 14 अगस्त के आस-पास सुनवाई करेंगे और 3 महीने के भीतर आप जांच पूरी कर लें।
ट्रांजिशन बॉन्ड किसी कंपनी के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी लाने से जुड़ी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए जारी किए जाते हैं।
SEBI Share market News: बॉन्ड में निवेश करने का कोई विशेष समय नहीं होता है। आप जब चाहें इसमें निवेश कर सकते हैं। आप वर्ष में कभी भी बॉन्ड खरीदते हैं। अब इसमें सेबी ने कुछ बदलाव किया है। आइए जानते हैं।
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़