काम का प्रेशर मेन्टल हेल्थ पर बुरा प्रभाव डालता है। ऐसे में ऑफिस में ही कुछ मिनट का ध्यान माइंड को रिफ्रेश कर सकता है और सोच को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है।
बच्चों को ध्यान की आदत डालना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जब मन शांत होगा तभी पढ़ाई और जीवन संतुलित हो पाएंगे और बच्चे सफल हो पाएंगे।
क्या आपके दिन की शुरुआत अक्सर नकारात्मक विचारों और चिंता से होती है? अगर हाँ, तो आप मॉर्निंग एंग्जायटी के शिकार हो सकते हैं।
लोग अक्सर अपनी मानसिक सेहत से समझौता कर लेते हैं, जो हमें डिप्रेशन नाम की खाई में धकेल सकता है। आइए जानते हैं वो कौन सी आदतें हैं जो आपकी मानसिक सेहत को और भी खराब कर सकती हैं।
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के मुताबिक, क्रोनिक लाइफ स्टाइल डिजीज लोगों का मेंटल हेल्थ बिगाड़ रहा है। इसकी वजह से स्ट्रेस, एंग्जायटी और निगेटिव इमोशंस हावी होते हैं जो देश में 50% खुदकुशी की वजह बनते हैं।
International Yoga Day 2025: योग आसन, तंत्रिका तंत्र को शांत करती हैं, तनाव हार्मोन को कम करती हैं और खुशी देने वाले एंडोर्फिन के स्राव को बढ़ाती हैं। तो, अपने मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए आज ही योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
कोर्टिसोल, जिसे 'तनाव हार्मोन' के नाम से जाना जाता है, शरीर में तनाव के स्तर को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेकिन, जब शरीर में यह हॉर्मोन असामान्य रूप से बढ़ जाता है, तो कई गंभीर संकेत दिखाई देने लगते हैं।
अध्ययन बताते हैं कि पुरुषों में डिप्रेशन के कारण आत्महत्या के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं। इसलिए अगर स्वयं में या अपने आसपास किसी में भी इस तरह के लक्षण देखें, तो उसे गंभीरता से लें।
स्क्रीन के ज़्यादा इस्तेमाल से नींद की समस्या, चिंता, अवसाद, जैसी कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में इस आदत से छुटकारा पाने के लिए ये टिप्स फॉलो करें
क्या आपका मूड भी पल-पल में बदलता रहता है? अगर हां, तो आप पोषक तत्वों से भरपूर कुछ चीजों को कंज्यूम कर अपने मूड को सुधार सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे...
क्या आप भी छोटी-छोटी बातों का बहुत ज्यादा स्ट्रेस लेने लगते हैं? अगर हां, तो आपको अपने दिमाग को डिटॉक्स करने के लिए कुछ तरीकों को जरूर आजमाकर देखना चाहिए।
Symptoms Of Depression In Women: डिप्रेशन पुरुषों और महिलाओं दोनों को समान रूप से प्रभावित करती है। लेकिन महिलाओं में इसके लक्षण अधिक तीव्र और जटिल रूप में सामने आ सकते हैं।
आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में वर्क प्रेशर एक सामान्य बात हो गई है। लेकिन, काम की इस भागदौड़ में अक्सर लोग यह भूल जाते हैं इसका खामियाजा दिमाग चुकाता है। चलिए, जानते हैं काम के बढ़ते प्रेशर के बीच अपने मानसिक सेहत का ध्यान कैसे रखें?
अपनी लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव के साथ आप अपने तनाव को कम कर सकते हैं और हैप्पी व टेंशन फ्री लाइफ जी सकते हैं
आजकल बच्चे भी पैनिक अटैक का शिकार होने लगे हैं। यह आमतौर पर किशोरावस्था में शुरू होता है। अगर इसका इलाज न हो, तो भविष्य में गंभीर अवसाद और आत्मघाती व्यवहार जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
क्या आप भी 7 से 8 घंटे की साउंड स्लीप नहीं ले पाते हैं? अगर आप रोज-रोज नींद के साथ समझौता करेंगे तो आपको सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि इंडिया टीवी के वेलनेस वीकेंड कॉन्क्लेव में डॉक्टर्स ने इस विषय पर क्या कहा...
बाइपोलर डिसऑर्डर मानसिक बीमारी है जिससे मूड, ऊर्जा, और गतिविधि में बहुत तेजी से बदलाव आता है। इस डिसऑर्डर के बारे में आज भी ज़्यादातर लोग नहीं जानते हैं। ऐसे में इस इसके बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर वर्ष 30 मार्च को बाइपोलर डिसऑर्डर दिवस मनाया जाता है।
कुछ फूड्स का ज़्यादा सेवन हमारे शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन को बढ़ाता है जो स्ट्रेस हार्मोन के नाम से जाना जाता है। जिससे केवल मानसिक स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि और भी सेहत से जुड़ी कई समस्याएं होती हैं। चलिए, जानते हैं किन चीज़ों को खाने से ये परेशानियां होती हैं?
तनाव को दूर भगा सकते हैं ये बेहद आसान योगासन easy yoga asanas to relieve stress
अगर आप भी अपनी मेंटल हेल्थ की देखभाल करना चाहते हैं, तो आपको पोषक तत्वों से भरपूर कुछ खट्टे फलों को अपने डेली डाइट प्लान में शामिल कर लेना चाहिए।
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