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चीन-रूस के बीच 10 से अधिक सहयोगी संधि पर हस्ताक्षर होंगे

 Reported By: IANS
 Published : Jun 07, 2019 08:51 pm IST,  Updated : Jun 07, 2019 08:51 pm IST

वर्तमान में चीन-रूस संबंध इतिहास में सबसे अच्छे काल से गुजर रहा है। मौजूदा मंच के दौरान चीन और रूस के बीच सहयोग विषय से जुड़ी कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिनमें दूसरा चीन-रूस ऊर्जा वाणिज्य मंच, यूरोप-एशिया साझेदारी संबंध और 'बेल्ट एंड रोड' पहल संगोष्ठी, चीन-रूस औद्योगिक वाणिज्यिक संवाद सम्मेलन आदि शामिल हैं।

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Chinese President Xi Jinping and Russian President Vladimir Putin shake hands in St. Petersburg. Image Source : AP

बीजिंग। चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि शी चिनफिंग की रूस यात्रा के दौरान दोनों देशों के उद्यमों के बीच दस से अधिक सहयोगी संधि पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जो परमाणु ऊर्जा, प्राकृतिक गैस, रासायनिक उद्योग, वाहन निर्माण, उच्च विज्ञान तकनीकी, उद्योग के निर्माण और 5जी सहयोग आदि क्षेत्रों से संबंधित हैं, जिनकी कुल राशि 20 अरब डॉलर से अधिक है।

23वां सेंट पीटर्सबर्ग अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मंच का उद्घाटन 6 जून को हुआ। इस तीन दिवसीय मंच का थीम 'अनवरत विकास कार्यक्रम को बनाना' है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की रूस यात्रा से चीन-रूस संबंध का स्तर 'नए युग में चीन-रूस व्यापक रणनीतिक सहयोग और साझेदारी संबंध' तक उन्नत हुआ। चीन और रूस के बीच आर्थिक व्यापारिक वास्तविक सहयोग को मजबूत करना मौजूदा मंच के मुख्य विषयों में से एक बन गया। 

सेंट पीटर्सबर्ग अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच की स्थापना 1997 में हुई, जो रूस में सबसे ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव शक्ति वाले बड़े आर्थिक मंचों में से एक है। मौजूदा मंच में 70 से अधिक देशों से आए 15 हजार अतिथि भाग ले रहे हैं। रूस की राजकीय यात्रा कर रहे चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग मंच में हिस्सा लेंगे और 7 जून को दोपहर बाद आयोजित मंच के पूर्णाधिवेशन में भाषण देंगे।

वर्तमान में चीन-रूस संबंध इतिहास में सबसे अच्छे काल से गुजर रहा है। मौजूदा मंच के दौरान चीन और रूस के बीच सहयोग विषय से जुड़ी कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिनमें दूसरा चीन-रूस ऊर्जा वाणिज्य मंच, यूरोप-एशिया साझेदारी संबंध और 'बेल्ट एंड रोड' पहल संगोष्ठी, चीन-रूस औद्योगिक वाणिज्यिक संवाद सम्मेलन आदि शामिल हैं। 

विश्लेषकों के विचार में दोनों देशों के उद्यमों के बीच सहयोग न केवल पारंपरिक ऊर्जा संसाधन क्षेत्र से संबंधित है, बल्कि उच्च नई तकनीक, चिकित्सा और ई-कॉमर्स आदि नवोदित क्षेत्रों के सहयोग में सक्रिय प्रगति भी हासिल हुई। जाहिर है कि चीन-रूस वास्तविक सहयोग में बड़ी निहित शक्ति और अवसर मौजूद हैं।

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