Sunday, February 01, 2026
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बिहार विधानसभा चुनाव: तारापुर सीट पर इस बार चलेगा किसका सिक्का? सम्राट चौधरी के सामने हैं ये कैंडिडेट

तारापुर विधानसभा सीट बिहार की सबसे हॉट सीटों में से एक है, जहां से बीजेपी नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला आरजेडी के अरुण कुमार और जन सुराज पार्टी के संतोष कुमार सिंह से है। इस सीट पर मतदान 6 नवंबर को होगा।

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX
Published : Nov 01, 2025 04:07 pm IST, Updated : Nov 01, 2025 04:07 pm IST
Bihar Assembly Election, Samrat Choudhary, Arun Kumar- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV तारापुर विधानसभा सीट पर इस बार कड़े मुकाबले की उम्मीद है।

Bihar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखें नजदीक आ रही हैं और इसी के साथ सभी राजनीतिक दलों ने अपने चुनावी कैंपेन को रफ्तार दे दी है। राज्य की 243 सीटों में से कुछ ऐसी हैं, जिन पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं। इन्हीं में शामिल है तारापुर विधानसभा सीट, जहां से बीजेपी के दिग्गज नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मैदान में हैं। उनके सामने आरजेडी के अरुण कुमार और जन सुराज पार्टी के संतोष कुमार सिंह हैं। साथ ही तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल के सुखदेव यादव भी चुनौती पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। यह टक्कर न सिर्फ पारिवारिक राजनीतिक धरोहर और जातीय गणित पर टिकी है, बल्कि बिहार की उभरती सियासी हवा को भी परखने वाली साबित होगी।

तारापुर विधानसभा सीट क्यों है खास?

तारापुर बिहार के मुंगेर जिले की एक प्रमुख सीट है, जो जमुई लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। इसमें तारापुर, असरगंज, टेटिहा बांबर और संग्रामपुर ब्लॉक शामिल हैं। यह क्षेत्र बिहार की राजनीति में विशेष महत्व रखता है, खासतौर पर अपनी ठोस जातीय बनावट के चलते। यहां कुशवाहा समुदाय का प्रभाव सबसे ज्यादा है, जो राज्य में ओबीसी का दूसरा सबसे बड़ा वर्ग है। इसके साथ ही यादव, दलित, मुस्लिम और अति पिछड़ा वर्गके वोटर भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं। राजनीतिक इतिहास की दृष्टि से यह सीट कुशवाहा खानदान की मजबूत पकड़ वाली रही है। सम्राट चौधरी के पिता शकुनि चौधरी ने 1985 से 2005 तक लगातार 6 बार यहां से जीत दर्ज की। इस दौरान उन्होंने निर्दलीय, कांग्रेस, समता पार्टी और आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ा था।

2010 में शकुनी चौधरी को मिली हार

2010 में शकुनी चौधरी को जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ रही नीता चौधरी ने मात दे दी। 2015 में तारापुर की विधानसभा सीट पर नीता के पति मेवालाल चौधरी ने शकुनी को पराजित किया, और 2020 में उन्होंने दिव्या प्रकाश को हराया। 2021 में मेवालाल के निधन के बाद हुए उपचुनाव में जेडीयू के राजीव कुमार सिंह ने RJD के अरुण कुमार को मात दी। अब शकुनी चौधरी के बेटे सम्राट चौधरी बीजेपी के झंडे तले परिवार की सियासी विरासत को आगे बढ़ाने उतरे हैं। सम्राट पूर्व में बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और फिलहाल उपमुख्यमंत्री हैं। बाढ़ प्रभावित इस इलाके में बाढ़ प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा जैसे मुद्दे भी हमेशा चर्चा में रहते हैं।

पिछले चुनावों में क्या रहा समीकरण?

तारापुर पर पिछले मुकाबलों में समय-समय पर जेडीयू और आरजेडी का वर्चस्व रहा है, लेकिन कुशवाहा वोट हमेशा से फैसला करने वाले रहे हैं। 2021 के उपचुनाव में जेडीयू के राजीव कुमार सिंह ने 79,090 वोट (46.62%) के साथ जीत दर्ज की, जबकि आरजेडी के अरुण कुमार को 75,238 वोट (44.35%) मिले। इस उपचुनाव में जीत का अंतर महज 3,852 वोट था। 2020 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू के मेवालाल चौधरी ने 64,468 वोट (36.93%) लेकर आरजेडी की दिव्या प्रकाश को 7,225 वोटों से हराया। 2015 में भी मेवालाल ने 66,411 वोट (43.62%) के साथ हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के शकुनी चौधरी को 11,947 वोटों के अंतर से पराजित किया था। 2010 में जेडीयू की नीता चौधरी ने आरजेडी के शकुनी को 13,878 वोटों से शिकस्त दी थी।

बिहार में कब होंगे विधानसभा चुनाव?

बिहार चुनावों के तहत इस बार 2 चरणों में मतदान होगा। पहला चरण 6 नवंबर को है, जिसमें तारापुर सीट भी शामिल है, जबकि दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। तारापुर में वोटिंग के बाद सम्राट चौधरी परिवार की सियासी परंपरा को बीजेपी के साथ आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित होंगे, वहीं अरुण कुमार पिछली हार का हिसाब बराबर करना चाहेंगे। हालांकि, नई उभरती ताकतों जन सुराज पार्टी के संतोष कुमार सिंह और जनशक्ति जनता दल के सुखदेव यादव को भी हल्के में नहीं लिया जा सकता। आखिर इस सीट पर बाजी कौन मारेगा, इसका फैसला 14 नवंबर को ही सामने आएगा। तारापुर का नतीजा न सिर्फ मुंगेर-जमुई क्षेत्र की राजनीति को प्रभावित करेगा, बल्कि पूरे बिहार के जातीय समीकरणों को नया मोड़ दे सकता है।

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