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'सुंदर कन्या की तलाश', विज्ञापन देकर करते थे करोड़ों की ठगी, पुलिस ने गिरोह का किया भंडाफोड़

 Edited By: Amar Deep @amardeepmau
 Published : Jan 18, 2026 01:06 pm IST,  Updated : Jan 18, 2026 01:06 pm IST

बागपत पुलिस ने दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग शादी का विज्ञापन देकर लोगों से भरोसा बनाते और फिर किसी आपात स्थिति का बहना बनाकर उनसे रुपये ले लेते। ये दोनों आरोपी करीब 7-8 सालों से इसी तरह से ठगी की घटनाओं को अंजाम देते रहे।

ऑनलाइन ठगी मामले में दो आरोपी गिरफ्तार। - India TV Hindi
ऑनलाइन ठगी मामले में दो आरोपी गिरफ्तार। Image Source : REPORTER INPUT

बागपत में साइबर ठगी का नया और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां “सुंदर वधू की आवश्यकता” जैसे आकर्षक विज्ञापनों के जरिए लोगों को शादी का सपना दिखाकर लाखों-करोड़ों की ठगी की जा रही थी। साइबर सेल एवं थाना साइबर क्राइम बागपत की संयुक्त पुलिस टीम ने इस मामले में दो अंतर्राज्यीय शातिर ठगों नावेद और भूरा को गिरफ्तार किया है। ये लोग पिछले 7-8 सालों से लगातार इस तरह की ठगी को अंजाम दे रहे थे। एएसपी प्रवीण चौहान ने बताया कि यह कार्रवाई एक ऐसे वादी की शिकायत के आधार पर की गई, जो बड़ौत कस्बे का निवासी था और जिससे सुंदर पत्नी की तलाश के नाम पर ऑनलाइन फ्रॉड किया गया था। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और आज दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।

शादी का विज्ञापन देकर करते थे संपर्क

पुलिस ने बताया कि ये लोग समाचार पत्रों और अन्य माध्यमों में “सुशील परिवार के लिए सुंदर वधू की आवश्यकता” जैसे विज्ञापन प्रकाशित कराते थे। विज्ञापन पर फोन करने वाले व्यक्तियों से बातचीत कर भरोसा जीतते और विवाह की बात तय कर एक तारीख फिक्स कर लेते थे। तय दिन पर मिलने से ठीक पहले एक्सीडेंट, बीमारी या किसी आपात स्थिति का बहाना बनाकर पीड़ित से तुरंत 20 से 25 हजार रुपये या उससे अधिक रकम किसी बैंक खाते में ट्रांसफर करने को कहते थे। ये लोग आश्वासन देते थे कि शाम तक पैसा घर पहुंचा दिया जाएगा। विश्वास में आकर लोग पैसा भेज देते और इसके बाद इनसे संपर्क नहीं हो पाता।

कई सालों से करते आ रहे ठगी का काम

एएसपी ने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि इन अभियुक्तों ने इसी तरीके से 8-10 सालों में एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। मुख्य अभियुक्त नावेद के खिलाफ देश के विभिन्न जिलों और राज्यों में 16 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि कई शिकायतें अभी लंबित हैं। हरिद्वार के मामलों में ये दोनों सजा काटकर बाहर भी आ चुके हैं। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने इनके कब्जे से 8 मोबाइल फोन, एक टैबलेट, एक लैपटॉप, फर्जी आधार कार्ड, डेबिट कार्ड, पैन कार्ड और दो बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं। अभियुक्त फर्जी आधार कार्ड और फेक सिम का इस्तेमाल कर अलग-अलग होटलों में रुकते थे ताकि पहचान छिपी रहे। (इनपुट- पारस जैन)

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