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दिल्ली के हालात पर अमित शाह और अरविंद केजरीवाल के बीच हुई मैराथन बैठक

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jun 14, 2020 11:20 am IST,  Updated : Jun 14, 2020 12:32 pm IST

दिल्ली में जारी इस महासंकट को देखते हुए अब केंद्र भी हरकत में आ गया है। गृह मंत्री आज दिल्ली की स्थिति को कंट्रोल में लाने के लिए दो बड़ी बैठकें करेंगे।

Amit Shah- India TV Hindi
Amit Shah Image Source : PTI

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अन्य लोगों के साथ हालात पर चर्चा करने के लिए रविवार को बैठक की। करीब 1 घंटा 20 मिनट चली मैराथन बैठक में दिल्ली में कोरोना से मुकाबले की रणनीति पर चर्चा हुई। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि इस बैठक में दिल्ली में वैश्विक महामारी से निपटने, अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता, जांच की सुविधाओं और स्वास्थ्य संबंधी अन्य बुनियादी ढांचे में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया गया। शाह, बैजल और केजरीवाल के अलावा उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य और गृह एवं स्वास्थ्य मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में शामिल हुए। गृह मंत्री ने दिल्ली के तीन नगर निगमों- उत्तर, दक्षिण एवं पूर्व- के महापौरों और नगर निकाय के आयुक्तों के साथ शाम को एक अन्य बैठक बुलाई है। 

यह बैठक ऐसे समय में की जा रही है, जब दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। दिल्ली में संक्रमण के मामले बढ़कर 39,000 हो गए हैं, जिनमें से 1,200 लोगों की मौत हो गई है। देश में महाराष्ट्र और तमिलनाडु के बाद दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के सर्वाधिक मामले सामने आए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण से निपटने, अस्पतालों में मरीजों के लिए बिस्तर उपलब्ध नहीं होने और प्रयोगशालाओं में जांच कराने में आ रही दिक्कतों को लेकर सरकार को आलोचनाओं का शिकार होना पड़ रहा है। 

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को शहर की सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि दिल्ली के अस्पतालों की स्थिति बेहद “भयावह” है और कोविड-19 मरीजों के पास शव रखे दिख रहे हैं। न्यायालय की टिप्पणी के बाद अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने कहा कि वह पूरे सम्मान और ईमानदारी के साथ न्यायालय की टिप्पणियों को स्वीकार करती है और दिल्ली सरकार सभी के लिए स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने और प्रत्येक कोविड-19 मरीज के लिए हरसंभव इलाज सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है। बैजल ने भी कोविड-19 प्रबंधन योजना और राजधानी में चिकित्सा ढांचे को और सुदृढ़ बनाने पर सुझाव देने के लिये छह सदस्यीय एक समिति का गठन किया है।

CM ने कहा मिलेंगे 5000 अतिरिक्त बैड

दिल्ली सरकार ने कोरोना वायरस मरीजों के लिए बिस्तरों की क्षमता बढ़ाने के मकसद से 10 से 49 बिस्तरों की क्षमता वाले सभी छोटे एवं मध्यम मल्टी स्पेशियलिटी नर्सिंग होम को 'कोविड-19 नर्सिंग होम' घोषित किया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार के इस निर्णय से 5000 से अधिक बेड करोना के लिए उपलब्ध हो जाएँगे। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में हमारे अधिकारी हर नर्सिंग होम के मालिक से बात करके उनकी समस्याओं को भी दूर करेंगे। सरकार द्वारा शनिवार को जारी आदेश के मुताबिक, विशेष रूप से आंख, नाक, कान एवं गले (ईएनटी) का इलाज करने वाले केंद्रों, डायलिसिस केंद्रों, प्रसूति गृहों और आईवीएफ केंद्रों को ही इससे फिलहाल छूट दी गई है। इसमें कहा गया, ''छोटे और मध्यम मल्टी स्पेशियलिटी नर्सिंग होम (10 से 49 बिस्तर वाले) में कोविड और गैर-कोविड मरीजों के एक-दूसरे के परस्पर सपंर्क में आने से बचने के लिए और कोविड-19 के मरीजों के लिए बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के ऐसे सभी नर्सिंग होम को कोविड-19 नर्सिंग होम घोषित किया गया है, जिनकी बिस्तर क्षमता 10 से 49 है।'' आदेश के मुताबिक, ऐसे सभी नर्सिंग होम को आदेश जारी होने के बाद तीन दिन के अंदर अपने कोविड-19 बिस्तरों को तैयार करना होगा और ऐसा करने में विफल रहने वालों को दिल्ली नर्सिंग होम पंजीकरण (संशोधन) नियम, 2011 के नियम 14 में संलग्न अनुसूची की उपधारा 14.1 के उल्लंघन का दोषी माना जाएगा। 

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