देश में बढ़ते प्रदुषण (Pollution) के चलते स्थिति भयावह होती जा रही है। केंद्र से लेकर राज्य की सरकारें कई तरह की नीतियां बना रही हैं ताकि प्रदुषण पर काबू पाया जा सके। गाड़ियों से निकलने वाला धुआं भी इसका एक बड़ा कारण हैं।
Nitin Gadkari on Electric Buses: गडकरी ने सोमवार को इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि देशभर के राज्यों के सड़क परिवहन निगम कभी फायदे में नहीं आ सकते, क्योंकि इनकी बसें महंगे डीजल से चलती हैं।
गडकरी ने बताया कि केंद्र सरकार पूरे देश में 50,000 बिजली चालित बसें चलाने की योजना पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, हमें देश के परिवहन तंत्र को दूरदर्शी सोच के साथ बदलने की जरूरत है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को 150 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। वहीं, दिल्ली सरकार ने आज DTC और परिवहन विभाग के ग्रुप ‘ए’ और ‘बी’ के सभी अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से बस में यात्रा करने और उसकी स्थिति और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर प्रतिक्रिया देने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा हरी झंडी दिखाने के बाद ये बसें दिल्ली के प्रमुख रूटों- रिंग रोड पर तीवर मुद्रिका, रूट नं. 502 मोरी गेट और महरौली टर्मिनल के बीच, रूट नंबर ई-44 आईपी डिपो, कनॉट प्लेस, सफदरजंग, साउथ एक्सटेंशन, आश्रम, जंगपुरा, इंडिया गेट रूट पर चलेंगी।
मंत्री ने कहा कि उनके मंत्रालय के पास काफी बजट है और बाजार भी इसे समर्थन देने के लिए तैयार है।
कंपनी के बयान के अनुसार इसके लिए उसने राज्यों के परिवहन विभागों से इलेक्ट्रिक बसों की मांग आमंत्रित की है।
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि हालांकि इस योजना को जमीनी स्तर पर लागू करने में महामारी के कारण कुछ देरी हुई है, जिसके चलते कुछ चुनौतियां भी हैं।
टाटा मोटर्स ने बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) को शनिवार को 35 इलेक्ट्रिक एसी बसों की आपूर्ति की। कंपनी को बेस्ट से कुल 340 स्टारबस ई-बसों का ऑर्डर मिला है।
सरकार की योजना लखनऊ सहित प्रदेश के 14 अन्य प्रमुख शहरों में 700 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की है। इसके लिए नगरीय परिवहन निदेशालय के अधिकारियों की ओर से काम को तेज गति से पूरा किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बस का कंडक्टर बस की छत पर चढ़कर एक डंडे की मदद से बिजली के तार को ऊपर उठा कर बस को निकालने की कोशिश की कर रहा था, इसी दौरान डंडे से बिजली का तार झटक कर कंडक्टर के गले में अटक गया। जिससे कंडक्टर और बस में करंट दौड़ गया।
देश में पर्यावरण प्रदूषण और ईंधन जैसी चुनौती से निपटने के लिए मोदी सरकार की ओर से इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की कोशिशें चल रहीं हैं। मोदी सरकार ने 'फेम इंडिया' के दूसरे चरण में महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात और चंडीगढ़ के लिए 670 नई इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी है।
दिल्ली मेट्रो ने अब केंद्र सरकार की फेम इंडिया- 2 योजना की मदद से राजधानी में लास्टमाइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए एसी इलेक्ट्रिकल फीडर बसें सड़क पर उतारने का फैसला किया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार रात हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में 21 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी।
गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को गुजरात के अहमदाबाद में 18 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। ये बसें देश में ही बनाई गईं हैं।
केंद्र सरकार ने देश के 64 शहरों के लिये 5,595 इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी दे दी है। इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से बढ़ावा देने की फेम योजना के दूसरे चरण के तहत लायी जा रही इन बसों को शहरों के भीतर और शहरों के बीच चलाया जाएगा। आप भी जानिए पूरी लिस्ट किन शहरों में कितनी चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें।
नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने सोमवार को कहा कि अंतर-मंत्रालयी समिति ने 65 शहरों में परिचालन के लिये 5,645 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी है।
यह बस रूट नंबर 534 पर आनंद विहार आइएसबीटी से महरौली टर्मिनल के बीच चलेगी। यह परीक्षण तीन महीनों तक चलेगा
विद्युत बसें बनाने वाली कंपनी गोल्डस्टोन इन्फ्राटेक ने कहा है कि उसकी अगले पांच साल में भारत में 10,000 नौकरियां देने की योजना है। कंपनी ने कहा कि वह भारत में जल्द ही एक साझा कंपनी बनाएगी जो शोध एवं विकास के काम तथा मरम्मत सेवाओं के लिए होगी।
सरकार पांच साल की योजना एफएएमई इंडिया (FAME India) के दूसरे चरण के लिए 8,730 करोड़ रुपए की वित्तीय समर्थन दे सकती है।
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