इलेक्ट्रॉनिक नेगोशिएबल वेयरहाउस रिसीट (ई-एनडब्ल्यूआर) के बदले फंडिंग का काम सरकारी प्रयासों के बावजूद संतोषजनक स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा था। हाल ही में ‘किसान उपज निधि’ पोर्टल की शुरूआत के बावजूद ऐसा देखा जा रहा था।
यह योजना जमाखोरी और सट्टेबाजों को हतोत्साहित करने में मदद करेगी। जब भी बाजार में कीमतें एमएसपी से अधिक होंगी, तो बाजार मूल्य पर दालों की खरीद उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि घरेलू समाधानों को प्रोत्साहित करके आयात निर्भरता को कम करने पर सरकार का पूरा ध्यान है। घोषणाओं का एक मुख्य आकर्षण मवेशियों के लिए विशेष एकीकृत जीनोमिक 'गौ चिप' और भैंसों के लिए 'महिष चिप' का विकास है।
किसानों को मिले नोटिस में कहा गया है कि उनके बागान में उगाई गई काली मिर्च की बिक्री जीएसटी के अधीन है और बागान मालिक को जीएसटी अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड होना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि ये नोटिस काली मिर्च को सुखाने की प्रक्रिया को लेकर फैली गलतफहमी का नतीजा है।
सरकार ने पहले न्यूनतम निर्यात मूल्य के तौर पर 550 डॉलर प्रति टन की लिमिट तय की थी। इसका मतलब ये था कि किसान इस भाव से कम कीमत पर अपनी उपज विदेश में नहीं बेच सकते थे। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक नोटिफिकेशन जारी कर प्याज के निर्यात के लिए तय किए गए एमईपी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया।
विनोबा भावे द्वारा चलाए गए भूदान आंदोलन के तहत कुल 44 लाख एकड़ जमीन इकट्ठा हुई थी जिसे करीब 13 लाख भूमिहीन एवं गरीब किसानों में बांटा गया था।
सचिव ने कहा कि वर्तमान सरकारी आंकड़े कृषि भूमि के टुकड़ों और राज्यों द्वारा प्रदान किए गए फसल के विवरण तक सीमित हैं, लेकिन इसमें व्यक्तिगत किसान-वार जानकारी का अभाव है। नई रजिस्ट्री का उद्देश्य इस अंतर को पाटना है।
सरकार ने कहा कि उसका लक्ष्य वित्त वर्ष 2024-25 में किसानों के लिए 6 करोड़, वित्त वर्ष 2025-26 में 3 करोड़ और वित्त वर्ष 2026-27 में 2 करोड़ ऐसे डिजिटल आईडी बनाना है।
किसान नेता राकेश टिकैत मुजफ्फरनगर में आयोजित किसान दिवस के कार्यक्रम में पुराने बयान को लेकर सफाई दी और कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।
मई 2024 में देश के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि मात्रात्मक रूप से, पूरे देश में दक्षिण पश्चिम मानसून मौसमी वर्षा ±4 प्रतिशत की मॉडल त्रुटि के साथ लंबी अवधि के औसत (एलपीए) का 106 प्रतिशत होने की संभावना है।
सुप्रीम कोर्ट 22 अगस्त को शंभू बॉर्डर को खोलने के मामले पर अहम सुनवाई करने वाला है। शंभू बॉर्डर पर 13 फरवरी से किसान ट्रैक्टर और ट्रॉलियों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं।
केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान का इंडिया टीवी ने पहला इंटरव्यू लिया। इस दौरान कृषि क्षेत्र के विकास को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कई बातें की, साथ ही प्राकृतिक खेती को लेकर भी उन्होंने बयान दिया है।
राज्य में इस साल मई, जून और जुलाई में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में कम बारिश हुई है। इस साल कम बारिश के कारण किसानों को फसलों पर अधिक लागत लगानी पड़ रही है।
2021-22 में झारखंड सरकार ने 50,000 रुपये तक के फसल ऋण माफ करने की घोषणा की। सरकार ने 4.73 लाख से अधिक किसानों के 50,000 रुपये तक के ऋण माफ किए हैं और बैंकों को 1,900 करोड़ रुपये से अधिक दिए हैं।
समय पर लोन चुकाने वाले किसानों को वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान चार प्रतिशत सालाना की दर से अल्पकालिक फसल लोन लोन मिलेगा।
मोदी ने कहा कि पिछली बार जब भारत ने इस सम्मेलन की मेजबानी की थी, तब उसे आजादी मिले ज्यादा समय नहीं हुआ था और वह दौर देश में कृषि एवं खाद्य सुरक्षा के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण दौर था।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष डेनिस फ्रांसिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उन नीतियों की जमकर सराहना की है, जिसके जरिये भारत के 800 मिलियन लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया और गांव-गांव के किसान जिनका पहले बैंकों से नाता तक नहीं था, वह भी डिजिटल मनी का ट्रांजेक्शन स्मार्टफोन से करने लगे।
सीतारमण ने कहा, ‘‘चालू वित्त वर्ष में सरकार 400 जिलों में डीपीआई का उपयोग करके खरीफ मौसम के लिए डिजिटल फसल सर्वेक्षण करेगी। छह करोड़ किसानों और उनकी भूमि का विवरण किसान और भूमि रजिस्ट्री में लाया जाएगा।’’
सीएम मोहन यादव ने कहा है कि किसानों से निवेदन है कि जमीन मत बेचना। कर्जा ले लेना लेकिन जमीन मत बेचना। इस दौरान सीएम ने राज्य की बदलती तस्वीर का जिक्र किया और कहा कि एमपी के गांवों का माहौल बदलेगा।
हिमाचल प्रदेश के सेबों की कुछ प्रजातियों को उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में लगाया गया और मात्र 2-3 साल बाद ही इनमें फल आ गए।
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