आदित्य एल-1 ने अपने टेलीस्कोप से सूरज की रंग बिरंगी तस्वीरें कैद की है। इन तस्वीरों को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने जारी किया है।
इसरो के मून मिशन चंद्रयान-3 की सफलता से पूरी दुनिया में भारत की वाहवाही हो रही है। इस बीच स्वीडिश अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टर फुगलेसांग ने भी इस मिशन की तारीफ की और कहा कि उन्हें अगले मिशन का इंतजार है।
भारतीय एजेंसी इसरो ने एक और बड़ी उपलब्धि को अपने नाम किया है। दरअसल इसरो ने जानकारी देते हुए बताया है कि चंद्रयान-3 के प्रोपल्शन मॉड्यूल को चंद्रमा की कक्षा से पृथ्वी की कक्षा में वापस सफलतापूर्वक लाया गया है।
ISRO ने कहा कि आदित्य सोलर विंड पार्टिकल एक्सपेरिमेंट (ASPEX) में 2 अत्याधुनिक उपकरण सोलर विंड आयन स्पेक्ट्रोमीटर (SWIS) और सुप्राथर्मल एंड एनर्जेटिक पार्टिकल स्पेक्ट्रोमीटर (STEPS) शामिल हैं।
भारत के चंद्रयान-3 ने अगस्त महीने में चंद्रमा के दक्षिणी भाग पर सफल लैंडिंग कर के इतिहास रच दिया था। इसने अपने सभी कार्यों को पूरा भी किया। अब ISRO ने बताया है कि यान का एक खास हिस्सा पृथ्वी के वायुमंडल में वापस आ गया है।
ISRO VSSC Recruitment 2023: नौकरी ढूंढ रहे उम्मीदवारों के लिए एक अच्छी खबर है। ISRO में LVD और HVD पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया आज यानी 13 नवंबर से शुरू होगी।
आदित्य एल-1 मिशन के दौरान इस यान के पोलोड HEL1OS ने सोलर फ्लेयर्स की पहली हाई-एनर्जी एक्स-रे झलक कैद की है। इस मिशन की यह एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है।
इसरो चीफ एस सोमनाथ की आत्मकथा पर विवाद पैदा हो गया जिसके बाद उन्होंने इसे प्राकाशित नहीं कराने का फैसला लिया। दावा किया गया है कि इसमें पूर्व इसरो चीफ सिवन के बारे में कुछ आलोचनात्मक टिप्पणियां की गई हैं।
चंद्रयान मिशन-3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर सफल लैंडिंग कराकर इसरो ने इतिहास रच दिया था। अब इसके बाद दोनों चंद्रमा की सतह पर स्लीप मोड में मौजूद हैं। इसरो चीफ ने खुलासा किया है और बताया है कि दोनों वहां क्या कर रहे हैं और क्या वे धरती पर वापस भी लौटेंगे?
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने गगनयान की टेस्ट लॉन्चिंग को सफलता पूर्वक पूरा करते हुए इतिहास रच दिया है। श्रीहरिकोट स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इसे सुबह 10 बजे लॉन्च किया गया। इसने टेस्ट के सभी मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया।
इसरो के गगनयान मिशन की टेस्ट लॉन्चिंग टल गई है। उड़ान भरने से ठीक पांच सेकेंड पहले यह फैसला लिया गया। इसरो चीफ एस सोमनाथ के मुताबिक तकनीकी खराबी के चलते लॉन्चिंग को टाल दिया गया है।
Gaganyaan Launch mission Live : गगनयान की लॉन्चिंग आज ही सुबह 10 बजे दोबारा हुई, तकनीकी खामी को तुरंत दूर कर लिया गया है। इसरो ने ये जानकारी दी है। बता दें कि इससे पहले लॉन्चिंग से ठीक पहले कुछ तकनीकी खराबी आ गई थी।
टेस्टिंग के दौरान क्रू मॉड्यूल की उड़ान, उसे वापस उतारने और समुद्र से रिकवर करने की प्रक्रियाएं शामिल होंगी। मॉड्यूल को वापसी में बंगाल की खाड़ी में उतारा जाना है।
मिशन गगनयान के लिए इसरो कल सुबह क्रू मॉड्यूल उड़ान की टेस्टिंग करेगा। जानकारी के मुताबिक 21 अक्टूबर को सुबह सात बजे से नौ बजे के बीच श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से से यह परीक्षण किया जाएगा।
आज छात्रों के लिए 'अपना चंद्रयान कार्यक्रम' शुरू होगा। इस शुरुआत केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान करेंगे। बता दें कि इसके जरिए छात्रों को स्पेस प्रोग्रामों से जुड़ी कई सारी जानकारियां दी जाएंगी, जिससे छात्रों में साइंटिफिक जिज्ञासा बढ़ेगी।
भारत सरकार ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा है कि हर साल 23 अगस्त को नेशनल स्पेस डे मनाया जाएगा। दरअसल इसी दिन चंद्रयान 3 के लैंडर और प्रज्ञान रोवर ने चंद्रमा की सतह पर लैंड किया था। इसी दिन की याद में हर साल नेशनल स्पेस डे मनाया जाएगा।
इसरोअपने मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान के हिस्से के रूप में क्रू एस्केप सिस्टम को प्रदर्शित करने के लिए पहले उड़ान परीक्षण वाहन एबॉर्ट मिशन-1 (टीवी-डी1) की तैयारी कर रहा है।
ISRO चीफ एस सोमनाथ ने स्पेस स्टेशन को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि भारत अगले 20 से 25 सालों में खुद का स्पेस स्टेशन बनाने की योजना बनाई है।
2 सितंबर को इसरो के पीएसएलवी-सी57 ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) के दूसरे लॉन्च पैड से आदित्य-एल1 स्पेसक्राफ्ट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था। यह लगभग 127 दिनों के बाद आदित्य-एल1 के एल1 बिंदु पर पहुंचने की उम्मीद है।
इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने मंगलवार को दिल्ली में इसरो को प्लानिंग को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि चंद्र मिशन की सफलता के बाद अब शुक्र ग्रह और सौरमंडल के बाहर के ग्रहों पर इसरो की नजर है।
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