आज अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम सफलता पूर्वक पूर्ण हुआ। पूरा देश आज राम भक्ति के रंग में डूबा हुआ है। हर कोई रामलला के दर्शन करने के लिए अयोध्या आना चाहता। ऐसे में आपको कौन-कौन सी सुविधाएं तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा फ्री में मुहैया कराई जाएंगी इसके बारे में जान लीजिए।
भगवान राम की जन्मभूमि तो अयोध्या है। परंतु उनके जन्म से पहले पुत्र प्राप्ति की कामना संजोय राजा दशरथ ने जो यज्ञ करवाया था। वह जगह अयोध्या से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां आज भी लोग संतान सुख की कामना लिए यज्ञ कराने आते हैं। जानिए इस धाम की दिव्य महिमा के बारे में।
अयोध्या में आज रामलला की भव्य प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। इस क्षण का हर राम भक्त को बेसबरी से इंतजार था। अगर आज आप अयोध्या में रामलला के दर्शन नहीं कर पा रहे हैं, तो इस शुभ मुहूर्त में घर बैठे पूजा करने से आपको इसका शुभ फल मिल जाएगा। साथ ही नोट करें पूजा की सामग्री
Ram Mandir: रामलला की आज प्राण प्रतिष्ठा से देश दुनिया राममय है। हर घर हर गली राम नाम के जयकारे से गूंज उठी है। इस शुभ अवसर पर रामरक्षा स्त्रोत का पाठ करने से प्रभु राम की अनुकंपा आप पर बनी रहेगी। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए रामरक्षा स्त्रोत के पाठ की संपूर्ण विधि और इसका शुभ मुहूर्त।
22 जनवरी का आज वो स्वर्णिम पल है जिसका सभी राम भक्तों को इंतजार था। आज रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का महा अनुष्ठान अयोध्या राम मंदिर में होने जा रहा है। इस दौरान प्रभु राम की कृपा पाने और जीवन के सभी दुःखों से मुक्त होने के लिए भगवान राम के इंन मंत्रों का जाप आज अवश्य करें।
रामलला की आज प्राण प्रतिष्ठा होगी। सभी राम भक्तों के लिए यह खुशी का पल है। राम मंदिर में प्रभु को दिन के अनुसार वस्त्र पहनाया जाता है। उनके कपड़ों का रंग हर दिन बदलता है, आखिर कौन से रंग का वस्त्र रामलला को किस दिन प्रिय होता है और वह कब क्या पहनते हैं, आज हम आपको इसके बारे में बताने जा रहे हैं।
आज 22 जनवरी 2024 की शुभ घड़ी है। अयोध्या के राम मंदिर में आज रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। सभी राम भक्तों का सपना आज साकार होने जा रहा है। आप भी जान लीजिए आखिर क्यों की जाती है मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा और इस दौरान किन नियमों का रखना होता है ध्यान।
अयोध्या मंदिरों की नगरी है यहां आज भी त्रेतायुग के समय से जुड़े कई पौराणिक स्थल हैं। आज हम आपको यहां के उस मंदिर के बारे में बताने जा रहा है जो सिर्फ एकादशी के दिन ही खुलता है और इसी जगह पर भगवान राम नें अश्वमेघ यज्ञ कराया था।
भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या से लगभग 400 किलोमीटर दूर ओरछा में रामलला को राजा राम के रूप में पूजा जाता है। यहां मंदिर में पुलिस देती है उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर। आइए जानते हैं आखिर क्या है प्रभु श्री राम का इस मंदिर से नाता।
भगवान राम ने अपने भाई लक्ष्मण का त्याग कर दिया था। इस बात से लक्ष्मण जी बहुत दु:खी हुए थे और उन्होंने अयोध्या के इस घाट पर सरयू जल में भगवान राम से पहले जल समाधि ली थी। आइए जानते हैं आखिर भगवान राम ने लक्ष्मण जी का त्याग क्यों किया और इसके पीछे क्या कारण था।
आज हम आपको अयोध्या की एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जहां भगवान राम का दरबार लगा करता था। 11 हजार वर्ष तक भगवान राम ने अपना दरबार जिस जगह अयोध्या में लगाया था और जहां से उन्होंने जनसुनवाई की थी। आखिर वो जगह अब कहां पर है और कैसी दिखती है, आइए जानते हैं इसके बारे में सब कुछ।
22 जनवरी 2024 का दिन हर राम भक्त के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अयोध्या में रामलला अपने भव्य महल में विराजने जा रहे हैं। इस दिन राम मंदिर में वैदिक परंपार के अनुसार रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का महा अनुष्ठान होगा। आइए जानते हैं ऐसे में आप अपने घर में किस तरह प्रभु राम की पूजा कर सकते हैं।
जब भगवान राम और हनुमान जी का पहली बार मिलना हुआ था तो हनुमान जी ने अपना भेष बदल लिया था। आखिर हनुमान जी ने ऐसा क्यों किया था और कहां हुई थी श्रीराम और हनुमान जी की एक दूसरे से भेट, आइए जानते हैं रामचरितमानस के अनुसार।
भगवान राम ने पूरे 14 वर्षों का वनवास बिताया था। इस दौरान उन्होंने कई जगह समय बिताया लेकिन दक्षिण भारत का रामेश्वरम आखिर क्यों उनके नाम से प्रसिद्ध हुआ। आइए जानते हैं इसके बारे में तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में क्या कुछ बताया है।
जर्मनी की एक लड़की का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है। जिसमें लड़की राम भजन गाते हुए दिख रही है। लड़की देखने में असमर्थ है लेकिन गाना बहुत ही सुंदर गाती है।
भगवान राम ने अयोध्या में जन्म लिया और जीवन के अंतिम पल में जब उनके बैकुंठ लोक जाने का समय आया तो उन्होंने जल समाधि ली थी। अयोध्या में वो पावन जगह कहां है आज हम आपको उसके बारे में सब कुछ विस्तार से बताने जा रहे हैं।
अयोध्या धाम आना प्रत्येक राम भक्त का सपना है। बड़े भाग्य से इस भूमि के दर्शन होते हैं। भगवान राम से पहले यहां श्री विष्णु सतयुग में जगत कल्याण के उद्देश से तपस्या करने आए थे। अयोध्या की इस जगह को भगवान नारायण का निवास स्थान बैकुंठ भी कह जाता है। यहां दर्शन मात्र से मिल जाता है पुण्य।
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नासिक के कालाराम मंदिर पहुंचे और वहां उन्होंने मंदिर परिसर में साफ-सफाई की। इस दौरान उन्होंने वहां प्रभु राम का कीर्तन भी किया, आखिर नासिक के इस मंदिर की क्या विशेषता है आज हम आपको इसके बारे में बताने जा रहे हैं।
देवरहा बाबा एक महान सिद्ध संत थे। उनके के पास बड़ी-बड़ी हस्तियां और दिग्गज उनसे आशीर्वाद लेने आया करते थे। उन्होंने 33 साल पहले ही राम मंदिर निर्माण को लेकर भविष्यवाणी कर दी थी। आइए जानते हैं कौन थे देवरहा बाबा जिनकी आयु का दावा 500 वर्ष तक का किया जाता है और राम मंदिर को लेकर उन्होंने क्या कुछ कहा था।
हनुमान जी श्रीराम के परम सेवक और दूत हैं। वह उनकी सेवा में निरंतर लगे रहते हैं। जब लक्ष्मण जी के प्राण संकट में थे। तब बजरंगबली द्रोणागिरी पर्वत समेत संजीवनी बूटी लेकर अयोध्या नगरी के ऊपर से वापस लौट रहे थे। उसी समय उनको बाण लगा और वह नीचे मूर्छित होकर गिर पड़े। आइए जानते हैं उसके बाद क्या हुआ।
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