स्टेट डिपार्टमेंट के एक मेमोरेंडम के आधार पर, अधिकारियों को मौजूदा कानून के अनुसार वीजा देने से मना करना होगा और साथ ही आवेदकों की स्क्रीनिंग और मूल्यांकन के तरीकों की समीक्षा और फिर से जांच करनी होगी।
डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी का नया नियम और फ्लोरिडा सरकार का रुख- दोनों ही संकेत हैं कि अमेरिका में विदेशी कर्मचारियों, विशेष रूप से भारतीय वर्क वीज़ा धारकों, के लिए आने वाले समय में हालात और सख्त हो सकते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपनी वीजा जांच प्रक्रिया को और भी मजबूत करने के लिए एक ऐसा फैसला लिया है जो आप सभी को जान लेना चाहिए। अब F,M और J गैर-प्रवासी (non-immigrant) वीजा पाने के लिए आपको सोशल मीडिया अकाउंट पब्लिक करना होगा।
मार्च 2023 के आंकड़ों के हिसाब से, लगभग 1.34 लाख भारतीय बच्चों के आश्रित वीज़ा की स्थिति समाप्त होने की उम्मीद है, इससे पहले कि उनके परिवारों को ग्रीन कार्ड मिले।
अमेरिकी वीजा के लिए अप्लाई करने के लिए आपके पास एक वैलिड पासपोर्ट होना बहुत जरूरी है। आप अमेरिका में जितने समय के लिए रहना चाहते हैं, आपका पासपोर्ट कम से कम उस अवधि से 6 महीने ज्यादा के लिए वैलिड होना चाहिए। अगर ऐसा नहीं है तो आपको नए पासपोर्ट बनने तक इंतजार करना होगा।
अमेरिका जाने की इच्छा रखने वाले भारतीयों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारत में स्थित अमेरिकी दूतावास ने भारतीयों के लिए लाखों की संख्या में अतिरिक्त वीजा का ऐलान किया है।
अमेरिका में पढ़ाई का सपना देख रहे भारतीय छात्रों के लिए खुशखबरी है। इस बार अमेरिका भारतीयों के लिए बड़ी संख्या में वीजा जारी करने जा रहा है। अमेरिका के अनुसार एक दिन में कम से कम 4 हजार छात्रों के साक्षात्कार किए जाएंगे।
अमेरिका ने अपने एच1बी वीजा कार्यक्रमों में बड़े बदलाव करने का फैसला किया है। अमेरिका प्रशासन का कहना है कि प्रवासी कर्मचारियों के लिए काम करना आसान बनाने के इरादे से यह निर्णय लिया गया है। इससे अमेरिका में काम करने के इच्छुक लोगों को फायदा होगा।
US Visa: अब अमेरिका से वीजा मिलने में अधिक समय नहीं लगेगा। पीएम मोदी यूएस के दौरे पर जा रहे हैं। उससे पहले ही अमेरिका की सरकार ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दे दी है।
अमेरिका में विदेशी नागरिकों की बारीकी से जांच करने के लिए अपनाई गई नई नीति के तहत यहां प्रवेश के लिए लगभग सभी वीजा आवेदकों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल के बारे में जानकारी देनी होगी।
मोहनदास पई का कहना है कि अमेरिका में एच1-बी वीजा के नियमों को कड़ा किया जाना, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी आईटी कंपनियों के लिए छुप हुआ वरदान है।
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़