पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने भारत को धमकी दी है, जिसपर भाजपा नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने उन्हें खुली चेतावनी दी है। मिथुन ने कहा, अगर हमारी खोपड़ी सनक गई तो फिर...जानें और क्या कहा?
कारगिल युद्ध में बोफोर्स, मिराज-2000 और AK-47 जैसे हथियार निर्णायक साबित हुए। आज की भारतीय सेना अत्याधुनिक धनुष तोप, राफेल विमान, पिनाका रॉकेट और उन्नत ड्रोन तकनीक से लैस है, जो पहले के हथियारों के मुकाबले ज्यादा सटीक और घातक हैं।
ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस मिसाइल ने पाकिस्तान के कई एयरबेस को तबाह कर दिया। डीआरडीओ चीफ डॉक्टर कामत ने इंडिया टीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत की है। इसमें उन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत और उसके फ्यूचर प्लान के बारे में बताया है।
भारतीय वायुसेना पुरानी माइका मिसाइल की जगह स्वदेशी अस्त्र पर भरोसा जता चुकी है। DRDO चीफ डॉ. समीर वी. कामत ने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में स्वेदशी मिसाइलों को लेकर भविष्य की तैयारी के बारे में खुलासा किया है।
DRDO चीफ डॉ. समीर वी. कामत ने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बताया कि भारत आत्मनिर्भर रक्षा तकनीकों में तेजी से प्रगति कर रहा है। ब्रह्मोस, आकाश, D4 सिस्टम समेत कई उन्नत हथियार प्रणालियां सेना में शामिल की जा रही हैं।
ब्रह्मोस इंटीग्रेशन एवं टेस्टिंग फैसिलिटी सेंटर का लखनऊ में उद्घाटन हुआ है। इसका उद्देश्य मिसाइल की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और प्रदर्शन को सुनिश्चित करना है।
भारत और पाकिस्तान के बीच जारी सीजफायर के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है। सीजफायर से पहले भारत के ब्रह्मोस ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस तबाह कर दिए हैं।
लखनऊ में आज ब्रह्मोस एयरोस्पेस इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी का वर्चुअल उद्घाटन किया जाएगा। इसे लेकर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया है।
ब्रह्मोस मिसाइल भारत-रूस की साझेदारी का प्रतीक है, जो सुपरसोनिक गति, सटीकता और लंबी रेंज के साथ दुश्मन पर तीव्र हमला करने में सक्षम है। इसका नया वर्जन ब्रह्मोस-II हाइपरसोनिक तकनीक के साथ भारत की शक्ति को और बढ़ाएगा।
ब्रह्मोस मिसाइल की मारक क्षमता बढ़कर 900 किलोमीटर हो गई है। शुरुआत में यह रेंज सिर्फ 290 किमी थी। मारक क्षमता बढ़ने के बाद जानिए चीन और पाकिस्तान के कौन कौनसे इलाके जद में आ जाएंगे?
भारत की ब्रह्मोस मिसाइल चीन का काल बनने वाली है। दक्षिण चीन सागर में फिलीपींस की सेना भारत के ‘ब्रह्मास्त्र‘ ब्रह्मोस मिसाइल से लैस होगी। इससे ड्रैगन की हेकड़ी निकल जाएगी।
अमेरिका से लेकर अफ्रीका तक पूरी दुनिया भारत के हथियारों की दीवानी है। खासकर आकाश और ब्रह्मोस मिसाइल का लोहा पूरी दुनिया मानती है। जानिए क्या है कारण?
नौसेना की नई स्वदेशी मिसाइल विध्वंसक इंफाल ने बुल्स आई' स्कोर किया है। समंदर में अपनी पहली ब्रह्मोस फायरिंग में उसने ये हासिल किया है। इसका वीडियो भी सामने आया है।
मिस्र में संयुक्त अभ्यास के दौरान भारतीय वायु सेना के पांच मिग-29 लड़ाकू विमान उड़ान भर रहे हैं। इसी बीच ब्रह्मोस और तेजस खरीदने में मिस्र ने दिलचस्पी दिखाई है। 20 तेजस विमानों को लेकर बातचीत चल रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स समिट के बाद अब ग्रीस यात्रा पर पहुंच गए हैं। 40 साल बाद यूनान के दौरे पर यह भारतीय प्रधानमंत्री की यात्रा है। इस दौरान दोनों देशों के बीच कारोबार के साथ ही रक्षा संबंधों पर भी बात होगी। ग्रीस पाकिस्तान के दोस्त तुर्की का दुश्मन है।
ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। वह बैलिस्टिक मिसाइल से अलग है। S-400 डिफेंस सिस्टम खासतौर से बैलिस्टिक मिसाइलों से सुरक्षा के लिए बनाई गई है।
चीन को डराने वाली इस भारतीय ब्रह्मोस मिसाइल को फिलीपींस, इंडोनेशिया के बाद अब वियतनाम भी खरीदने की तैयारी में है।
हाइपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस रूस की जिरकॉन मिसाइल की तरह खतरनाक होगी। यह पलक झपकते ही दुश्मन देशों में तबाही मचा देने में सक्षम होगी। इससे पाकिस्तान और चीन जैसे देशों की अकड़ अपने आप ढीली हो जाएगी।
मिसाइल के पाक में गिरने की घटना से डरे पाकिस्तान ने सालभर बाद फिर भारत से अपील की है कि वह ब्रह्मोस मिसाइल मामले में जॉइंट इन्वेस्टिगेशन में शामिल हो। वैसे भारत पहले भी इस मामले में साझा जांच से इनकार कर चुका है।
रक्षा अधिकारी ने बताया कि भारतीय वायु सेना ने आज Su-30MKI विमान से टारगेट जहाज पर ब्रह्मोस एयर लॉन्च मिसाइल की विस्तारित रेंज संस्करण को सफलतापूर्वक टेस्ट फायर किया।
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