Glaucoma harmful for which body: आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ग्लूकोमा को हिंदी में काला मोतिया कहा जाता है। आइए जानते हैं कि ये गंभीर बीमारी शरीर के किस हिस्से को प्रभावित करती है।
ग्लूकोमा चुपचाप असर करता है, लेकिन इसका असर जीवनभर रह सकता है। इसलिए आँखों की नियमित और संपूर्ण जाँच को नजरअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।
Dry Eyes Treatment: लगातार कंप्यूटर पर काम करने और फोन देखने की वजह से ड्राई आईज की समस्या काफी बढ़ गई है। लंबे समय तक ड्राई आईज होने पर आंखों से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। जानिए इससे बचने के तरीके और सही इलाज।
Symptoms of Glaucoma: आंख से जुड़ी बीमारी ग्लूकोमा होने पर आंखों की रोशनी भी जा सकती है।चलिए जानते हैं इसके लक्षण क्या है और बचाव के लिए क्या करें?
Glaucoma Awareness Month: काला मोतिया को अंग्रेजी में ग्लूकोमा कहा जाता है। अगर समय रहते इस बीमारी का इलाज शुरू न किया जाए, तो अंधापन भी हो सकता है।
वायु प्रदूषण से न सिर्फ सांस लेने में दिक्कत हो रही है, बल्कि आंखों में जलन, सूखापन और एलर्जी जैसी समस्याएं भी बढ़ गई हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं आंखों का बचाव कैसे करें?
आप सभी ये तो जानते ही हैं कि फोन के कैमरों में अलग-अलग मेगापिक्सल होते हैं लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि हमारी आंखों में भी मेगापिक्सल होते हैं। आज हम आपको बताने वाले हैं कि हमारी आंखों में कितने मेगापिक्सल होते हैं।
केराटोकोनस आँख से जुड़ी एक ऐसी बीमारी है जिसमें आंखों की रौशनी जा सकती है। डॉक्टर बता रहे हैं इसके लक्षण और बचाव के उपाय?
आंखों के स्वास्थ्य के लिए कई विटामिन और पोषक तत्व ज़रूरी होता है। ये विटामिन और पोषक तत्व रेटिना की सुरक्षा, देखने में मदद और मोतियाबिंद जैसी बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं।
Loss of Vision: क्या आप जानते हैं कि अगर आपने इस जरूरी विटामिन की कमी को समय रहते दूर नहीं किया, तो आपकी आंखों की रोशनी जा सकती है?
World Sight Day: आंखें हमारे शरीर का सबसे अनमोल अंग हैं। लेकिन आजकल कम उम्र में ही लोगों की आंखें कमजोर होने लगी है। ऐसे में चलिए जानते हैं अपनी आंखों की अच्छी देखभाल कैसे करें?
What makes eyesight weak: क्या आप जानते हैं कि अगर आपके शरीर में इस जरूरी विटामिन की कमी हो गई, तो आपकी आइसाइट बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है?
दुनिया में अलग-अलग कोनों में रहने वाले लोगों की विशेषताएं भी अलग होती हैं। इन्हीं विशेषताओं में से एक है आंखों का रंग। आखों के रंग की कहानी बेहद रोचक हैं और इसके पीछे विज्ञान भी छिपा है।
आई मेकअप से चेहरा तो सुंदर लगता है लेकिन इस वजह से सबसे बड़ा खतरा आंखों को होता है। चलिए, एक्सपर्ट से जानते हैं क्या
क्या आप भी अपनी आइसाइट को कमजोर होने से बचाना चाहते हैं? अगर हां, तो आपको स्वामी रामदेव द्वारा बताए गए कुछ उपायों को फॉलो करना शुरू कर देना चाहिए।
Eye Infection Conjunctivitis: मानसून में होने वाली बीमारियों में से एक है आंख आना, जिसे कंजंक्टिवाइटिस कहते हैं। ये एक तरह का आंख में होने वाला इंफेक्शन है। जिससे आंख लाल हो जाती हैं और पानी आने लगता है। जान लें आंख आने से बचने के उपाय।
बच्चों की आंखें बहुत नाजुक होती हैं इसलिए इस मौसम में संक्रमण का खतरा ज़्यादा रहता है। चलिए एक्सपर्ट से जानते हैं अपने बच्चों की आंखों की देखभाल कैसे करें?
आजकल बच्चों में मायोपिया की समस्या बहुत तेज़ी से बढ़ रही है। यह ऐसी स्थिति है जिसमें बच्चों को चीजें धुंधली दिखाई देती हैं, ऐसे में डॉक्टर से जानें यह समस्या क्यों होती है और आंखो की रौशनी बढ़ाने के लिए क्या करें?
कहीं आप भी आंखों में दिखाई देने वाले इन बदलावों को नजरअंदाज करने की गलती तो नहीं कर रहे हैं? दरअसल, ये लक्षण हाई कोलेस्ट्रॉल का संकेत हो सकते हैं।
मानसून में आई इंफेक्शन अधिक आम हो जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं इस मौसम में अपने आंखों की केयर कैसे करें
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