कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री DK शिवकुमार ने राज्य में सत्ता के लिए जारी खींचतान के बीच सोशल मीडिया पर पोस्ट कर के कहा है कि 'प्रयास भले ही विफल हो जाये, लेकिन प्रार्थना विफल नहीं होती।'
कर्नाटक में डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर कयासबाजी चल रही है। मंगलवार को सीएम सिद्धारमैया और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात हुई है। इस मुलाकात के बाद सिद्धारमैया का बयान भी सामने आया है।
कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार की तरफ से नेशनल हेराल्ड अखबार को किसी भी दूसरे नेशनल डेली के मुकाबले ज्यादा विज्ञापन फंड मिला है। यह जानकारी के सामने आने के बाद सियासी तूफान उठ खड़ा हुआ है।
कर्नाटक CM सिद्धारमैया ने देवराज उर्स के सबसे लंबे कार्यकाल के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। डीके शिवकुमार से तनातनी के बीच उन्होंने 5 साल पूरे करने का भरोसा जताया, लेकिन फैसला कांग्रेस हाईकमान पर छोड़ा। कैबिनेट बदलाव पर भी उन्होंने चुप्पी साधी।
कर्नाटक के बल्लारी में हुई हिंसा के मामले में सीएम सिद्धारमैया ने एक्शन लेते हुए जिले के एसपी को सस्पेंड कर दिया है। सीएम ने कहा है कि एसपी घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे।
कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि वे और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कांग्रेस हाईकमान के फैसले का पालन कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों पर साफ-साफ कुछ नहीं कहा और स्पष्ट किया कि सिद्धारमैया को हाईकमान का पूरा समर्थन है तथा दोनों नेताओं के बीच समझौता हो चुका है।
कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिव कुमार के बीच मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर खींचतान चल रही है। अब ये मुद्दा बीजेपी ने विधानसभा के अंदर उठाया है।
कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में गहरी खींचतान पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने हमला करते हुए सरकार को भ्रष्ट और अक्षम बताया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अगली बार सत्ता में नहीं लौटेगी।
कर्नाटक में सत्ता संघर्ष के बीच डिप्टी CM डीके शिवकुमार दिल्ली के लिए रवाना हो गए, हालांकि उन्होंने कहा कि वह शादी में जा रहे हैं और कुछ छोटी मीटिंग्स करेंगे। इसी दौरान CM सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया कि वह तभी दिल्ली जाएंगे जब हाईकमान बुलाएगा।
मंगलुरु में केसी वेणुगोपाल के पहुंचने पर डीके शिवकुमार और सीएम सिद्धारमैया के समर्थन में नारेबाजी हुई। इसने कर्नाटक में सत्ता की खींचतान की खबरों को फिर से हवा दे दी है।
कर्नाटक में कांग्रेस के नेताओं के बीच सीएम पद को लेकर रस्साकशी जारी है। इस बीच सीएम सिद्धारमैया का एक चौंकाने वाला बयान सामने आया है जिसमें वो अपने एक विधायक से कह रहे हैं कि क्या राजनीति मेरे पिता की जागीर है?
दोनों नेताओं के बीच अब दूसरी ब्रेकफास्ट मीटिंग होने वाली है। अब सबकी नजरें इस ब्रेकफास्ट मीटिंग पर टिकी है। देखना है कि दोनों नेताओं के बीच क्या सहमति बनती है। सिद्धारमैया शिवकुमार को सत्ता सौंपने पर रजामंद होंगे या शिवकुमार को अभी और इंतजार करना होगा।
विपक्षी दलों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य सरकार के नेतृत्व को लेकर कई दिनों तक चली ‘खींचतान’ के बाद मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के बीच ‘समझौता’ अस्थायी है, यह तूफान से पहले की शांति है।
कर्नाटक कांग्रेस में खींचतान की बातों को सीएम सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार ने एक साथ आकर नकार दिया है। दोनों ने आलाकमान का फैसला मानने की बात पर सहमति जताई है। पढ़ें नेतृत्व के संकट की खबरों पर दोनों ने क्या कहा?
Anti Defection Law: इस आर्टिकल में विस्तार से समझिए कि विधायक/सांसदों के पार्टी बदलने को लेकर क्या नियम हैं और अगर कोई नेता अपनी पार्टी के विधायक तोड़ता है तो किस नियम को फॉलो करना जरूरी होता है जिससे कि विधायकों की सदस्यता बनी रहे।
कर्नाटक में सीएम की कुर्सी एक है और दावेदार दो हैं, एक वर्तमान सीएम सिद्धारमैया और दूसरे डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार। दोनों के बीच जारी संघर्ष की बात अब ब्रेकफास्ट तक पहुंच चुकी है। 10 प्वाइंट्स में जानें सब कुछ....
कर्नाटक में सीएम की कुर्सी को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच अनबन चल रही है। इस बीच, बीजेपी के सीनियर नेता एवं पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा कर्नाटक में अविश्वास प्रस्ताव ला सकती है।
कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कांग्रेस की पूर्व प्रेसिडेंट सोनिया गांधी की तारीफ़ करते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर निशाना साधा।
डीके शिवकुमार ने एक्स पर ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड्स में महिला एवं बाल विकास और दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के सशक्तिकरण विभाग द्वारा आयोजित इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट स्कीम के गोल्डन जुबली समारोह में भाग लिया।
कर्नाटक में CM की कुर्सी को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार गुट के बीच खींचतान लगातार जारी है। अब इस बात की जानकारी सामने आ गई है कि दोनों नेताओं को कब दिल्ली बुलाया जा सकता है।
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