दक्षिण चीन सागर में बड़ा बवंडर मच गया है। अमेरिका के नेतृत्व में गश्ती कर रहे फिलीपींस और जापान की सेनाओं को चीन ने अपने फाइटर और बॉम्बर जेटों को दौड़ा कर सीधे चेतावनी दी है। इससे समुद्र में बवंडर आ गया है।
चीन ने फिलीपींस पर आरोप लगाया है कि उसके जहाज ने चीन के शिप को टक्कर मारी है। चीन के आरोप पर फिलीपींस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
दक्षिण चीन सागर में चीन की धमकियों और आक्रामकता का उसके पड़ोसी देश जैसे वियतनाम, फिलीपींस और मलेशिया करारा जवाब दे रहे हैं। इन देशों की एकजुटता और ताकत ने चीन की चालों को बेअसर कर दिया है।
अमेरिकी कमांडर एडमिरल स्टीफन कोलर ने दक्षिण चीन सागर को लेकर बड़ा बयान दिया है। कोलर ने कहा कि अमेरिकी प्रशांत बेड़ा हमेशा तैयार तैयार है। फिलीपींस पर दक्षिण चीन सागर सहित किसी भी क्षेत्र में हमला होता है तो अमेरिका रक्षा करने के लिए बाध्य है।
फिलीपींस ने मनीला में चीन के राजदूत को तलब किया गया है। चीन ने फिलीपींस के पूर्व सांसद फ्रांसिस टॉलेंटिनो पर प्रतिबंध लगाए हैं जिसका फिलीपींस ने विरोध किया है।
चीन का अपने पड़ोसी के देशों के साथ संबंध किसी से छिपा नहीं है। ताइवान को टारगेट कर चीन लगातार युद्धाभ्यास करता रहता है लेकिन अब उसने टोंकिन की खाड़ी में युद्धाभ्यास शुरू किया है। यह इलाका ताइवान के नजदीक है।
चीन ने दक्षिण चीन सागर के विवादित क्षेत्र में फिलीपींस के गश्ती विमान के पास अपना हेलीकॉप्टर 10 फीट की दूरी पर उड़ाया। ड्रैगन की इस हरकत पर फिलीपींस के पायलट ने उसे चेतावनी भी दी।
फिलीपींस अमेरिका से मिली मिसाइलों को तैनात करने की योजना बना रहा है। चीन ने इसे उकसाने वाला कदम बताया है। चीन ने कहा है कि इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा और मध्यम दूरी की मिसाइलें तैनात करने की योजना खतरनाक होगी।
दक्षिण चीन सागर में चीन की दादागिरी के चलते टकराव बढ़ गया है। इसी बीच अमेरिका, जापान और फिलीपींस ने समुद्र में अपनी सेनाएं उतार दी हैं।
जर्मन चांसलर ने दुनिया में छिड़े वैश्विक संघर्षों के राजनीतिक समाधान की वकालत की है। ओलाफ शोल्ज ने कहा कि इसके लिए सभी को कथनी और करनी में तालमेल भी बैठाना होगा।
दक्षिणी चीन सागर में विवादित क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश करते हुए चीनी जहाज को उल्टे भागना पड़ गया है। इंडोनेशिया ने दावा किया है कि उसके तटरक्षक बलों ने चीनी सैन्य बलों वाले जहाज को भिड़ंत के बाद पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता तथा उड़ान की स्वतंत्रता का समर्थन करना जारी रखेगा। उसने इस क्षेत्र में गश्त के लिए नौसेना के जहाज और लड़ाकू विमान तैनात कर दिए हैं।
19वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर कहा कि यह युद्ध का युग नहीं है। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान युद्ध के मैदान से नहीं निकल सकता है।
चीन ने एक बार फिर दक्षिण चीन सागर में अपनी ताकत दिखाई है। चीन के जहाजों ने फिलीपींस के जहाज को खाद्य एवं अन्य सामान की आपूर्ति करने से रोक दिया है। चीन की तरफ से इस तरह की हरकतें पहले भी की जाती रही हैं।
चीन और फिलिपींस के बीच एक बार फिर नया विवाद उठ खड़ा हुआ है। चीन का आरोप है कि फिलिपींस के जहाजों ने उसके जहाज में टक्कर मारी है। फिलिपींस की तरफ से इस मामले में किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
आसियान (दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन) के देश वियतनाम का दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में चीन के साथ क्षेत्रीय विवाद है। भारत के पास दक्षिण चीन सागर में वियतनामी जलक्षेत्र में तेल अन्वेषण परियोजनाएं हैं। भारत और वियतनाम पिछले कुछ वर्षों में साझा हितों की रक्षा के लिए अपने समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ा रहे हैं।
दक्षिण चीन सागर में फिलीपींस के तट पर चीन के विमान वाहक पोत को गश्त करते हुए देखा गया है। चीन की तरफ से इस तरह का कदम समुद्री इलाके में बढ़ते संघर्ष के मद्देनजर उठाया गया है।
दक्षिण चीन सागर में फिलीपींस और चीन के नौसैनिकों में जबरदस्त भिड़ंत के बाद हालात बेकाबू हो गए हैं। फिलीपीनी राष्ट्रपति ने कहा है कि फिलीपींस के सैनिक अब मौके से पीछे नहीं हटेंगे। हम किसी विदेशी ताकत के आगे नहीं झुकेंगे।
दक्षिण चीन सागर में एक बार फिर चीन और फिलीपींस के बीच तनाव बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। यहां चीनी जहाज और फिलीपींस के एक आपूर्ति जहाज के बीच टक्कर हो गई है।
अमेरिका ने एक बार फिर चीन को कड़ा संदेश दे दिया है। दक्षिण चीन सागर में चीन की चालबाजियों का जवाब देने के लिए अमेरिका तैयार है। रष्ट्रपति जो बाइडन ने साफ कहा है कि अमेरिका फिलीपींस की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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