Uttarakhand: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने ईडी, आयकर विभाग और सीबीआई जैसी संस्थाओं को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है।
आयकर विभाग ने अपने बयान में बताया कि तलाशी के दौरान मिले सबूतों से पता चलता है कि शेल कंपनियां भारतीय प्रमोटरों द्वारा चलाई और प्रबंधित की जाती हैं।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने महाराष्ट्र के कई जिलों में छापेमारी की है। इस छापेमारी में 200 करोड़ से अधिक की संपत्ति बरामद की गई है।
बता दें कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बीते अगस्त में चीनी टेलिकॉम इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी ZTE के ठिकानों पर भी छापेमारी की थी।
आयकर विभाग को जांच के दौरान पता चला कि फिनटेक कंपनी जिसका संचालन केमैन आइलैंड से किया जा रहा है, जरूरतमंद लोगों को शार्ट पीरियड इंस्टेंट लोन मुहैया करवाती है।
यदि आईटीआर पहले ही फाइल हो चुका है और कुछ जानकारी को आईटीआर में शामिल नहीं किया जा सका है तब इस मामले में रिटर्न को टीआईएस में दिखाई गई सही जानकारी के आधार पर संशोधित किया जा सकता है।
किसी ने रिक्शाचालक की जगह लेकर उनके नाम पर जीएसटी नंबर प्राप्त किया और उसने 2018-19 में 43, 44, 36, 201 रुपये का कारोबार किया। आयकर अधिकारियों ने उसे प्राथमिकी दर्ज कराने की सलाह दी है।
आयकर विभाग ने पिछले सप्ताह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और अन्य से कथित रूप से जुड़े कम से कम 70 परिसरों पर छापेमारी की।
आयकर विभाग ने मुंबई के दो रियल एस्टेट कारोबारी समूहों और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के परिवार के कुछ सदस्यों के परिसरों पर छापा मारकर करीब 184 करोड़ रुपए की बेहिसाब सम्पत्ति का पता लगाया है।
अधिसूचना के मुताबिक सेफ हार्बर नियमों (एसएचआर) के तहत दरें 2016-17 से 2018-19 तक लागू हैं और इसे बाद में 2019-20 तक बढ़ाया गया और ये 2020-21 में भी लागू रहेंगी।
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख और उनके परिजनों से संबंधित संस्थानों पर हाल में छापेमारी के बाद आयकर विभाग ने 17 करोड़ रुपये की ‘‘आय छिपाने’’ का पता लगाया है।
‘‘तलाशी में पाया गया कि किसानों को 1.5 प्रतिशत से 3.0 प्रतिशत मासिक ब्याज पर करोड़ों रुपये दिये गये। ब्याज नकद लिया गया और उसका बही-खाते में जिक्र नहीं है।’’
आप कोई भी वित्तीय लेनदेन करने या बैंकिंग सेवा प्राप्त करने में समर्थ नहीं होंगे।यदि आपका आधार कार्ड पैन के साथ नहीं जुड़ा है, तो आपका इनकम टैक्स रिटर्न जमा नहीं होगा।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि उक्त संस्थाएं अपना आयकर रिटर्न (आईटीआर) भी दाखिल नहीं करती हैं। ऐसी और भी संदिग्ध संस्थाओं की जांच की जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि फर्जी खर्च सैकड़ों करोड़ में होगा।
आयकर अधिनियम की धारा 234ए के तहत ब्याज और धारा 234 एफ के तहत विलंब शुल्क की गलत गणना से जुड़ी खामी को दूर करने के लिए आईटीआर सॉफ्टवेयर को एक अगस्त को ठीक कर दिया गया।
वित्त वर्ष 2018-19 में जमा कराए गए आयकर विवरण में एक वर्ष में अपनी सकल कुल आय 100 करोड़ रुपये से अधिक की घोषणा करने वाले व्यक्तियों की संख्या 77 थी।
इनकम टैक्स विभाग ने छापेमारी में 52 लाख कैश और 7 किलो सोना बरामद किया गया है। अब तक कि जांच में 400 करोड़ रुपए की हेराफेरी के सबूत मिले हैं।
इंटीग्रेटेड ई-फाइलिंग और सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर 2.0 प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में इस साल 7 जून को नए इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल की शुरुआत की गई।
नए आयकर पोर्टल को शुरू हुए एक माह हो गए हैं, लेकिन अभी तक इसकी तकनीकी कमियों को दूर नहीं किया जा सका है। वित्त मंत्री ने भी दो सप्ताह पहले इस पोर्टल के कामकाज की समीक्षा की थी।
रियल एस्टेट और अपशिष्ट प्रबंधन में लगी हैदराबाद की एक कंपनी के परिसरों पर छापा मारने के बाद आयकर विभाग ने 300 करोड़ रुपये की बिना हिसाब की आय का पता लगाया।
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