करदाताओं के लिए जानकारों की यही सलाह है कि अपनी आय, कटौतियों और भविष्य की योजनाओं के आधार पर दोनों रेजिम की तुलना जरूर करें और उस आधार पर रेजिम तय करें।
चीन ने अपने एक अजीबोगरीब फैसले के तहत देश के युवक-युवतियों को बिना कंडोम और बिना बर्थ कंट्रोल पिल का इस्तेमाल किए शारीरिक संबंध बनाने को प्रोत्साहित करना शुरू किया है। इसके पीछे का कारण आपको चौंका देगा।
जानकारों का कहना है कि इसका मुख्य कारण टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा कड़ी जांच है। जानकारों का यह भी कहना है कि रिफंड में देरी सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट टैक्सेजज (सीबीडीटी) द्वारा शुरू की गई NUDGE पहल के दूसरे फेज के कारण हो रही है।
नया टैक्स सिस्टम 1 फरवरी, 2026 से लागू होगी। मंत्रालय ने स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर अधिनियम को भी अधिसूचित किया है, जिसके तहत पान मसाला से जुड़े बिजनेस की मैन्यूफैक्चरिंग कैपेसिटी पर सेस लगाया जाएगा।
चीन ने आश्चर्यजनक रूप से अपने देश में कंडोम समेत अन्य गर्भ निरोधक वस्तुओं पर हाई टैक्स लगा दिया है। इसका मतलब साफ है कि बीजिंग फिर से अपने देश में जनसंख्या को बढ़ावा देना चाहता है। मगर ऐसा क्यों है?
दूसरी लग्जरी वस्तुओं पर मुआवजा सेस 22 सितंबर को खत्म हो गया था, जब जीएसटी दरों को सरल बनाते हुए केवल दो स्लैब 5 और 18 प्रतिशत तय किए गए थे, जबकि अल्ट्रा-लग्जरी वस्तुओं, एरेरेटेड ड्रिंक्स और अन्य हानिकारक वस्तुओं पर 40 प्रतिशत GST दर तय की गई थी।
मूडीज रेटिंग्स ने कहा कि वृद्धि को घरेलू मांग और निर्यात में विविधीकरण, साथ ही आसान मौद्रिक नीति का समर्थन मिलेगा। सरकार ने हाल ही में 375 वस्तुओं पर जीएसटी दरें कम की हैं।
इनकम टैक्स के तहत कुछ खास निवेश विकल्प हैं जिन्हें आपको दिसंबर खत्म होने से पहले ही अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर लेना चाहिए। इससे आपके टैक्स बचत हो सकेगी।
चालान-कम-स्टेटमेंट दाखिल करने से लेकर लाइफ सर्टिफिकेट और अन्य वित्तीय काम-काज को समय रहते ही पूरा कर लें। इससे आपको ही सुविधा होगी।
बीते कुछ सालों में, म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने वाले लोगों की संख्या में काफी तेज बढ़ोतरी हुई है। खास बात ये है कि इनमें छोटे निवेशकों और महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा है।
जीएसटी सुधार के तहत सरकार ने अब चार की जगह सिर्फ दो जीएसटी स्लैब- 5% और 18% रखा है। 12% की दर को हटाने से कई मध्यम श्रेणी के उत्पाद सस्ते हो गए हैं, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों को सीधी राहत मिलेगी।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस तिथि को आगे बढ़ाते हुए आईटीआर फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है। इससे ऐसे लोग जो 15 सितंबर को चूक गए थे, उन्हें एक मौका मिल गया है।
आयकर रिटर्न फाइलिंग असेसमेंट ईयर 2025-26 की डेडलाइन 15 सितंबर है। अगर आपने ITR 2025 की अंतिम तिथि तक रिटर्न फाइल नहीं किया, तो न सिर्फ जुर्माना भरना पड़ेगा, बल्कि आप कई अहम टैक्स लाभों से भी वंचित रह जाएंगे।
कई टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने सरकार से एक और एक्सटेंशन की मांग शुरू कर दी है। उन्होंने बढ़ते लॉगिन ट्रैफिक और तकनीकी दिक्कतों को इसकी वजह बताई है।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड के चेयरमैन संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि उद्योग जगत की भी यह जिम्मेदारी है कि वे सरकार द्वारा दी गई कर राहत का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाएं।
आयकर विभाग ने 13 फरवरी 2025 से ही नए नियमों और फॉर्म्स पर काम शुरू कर दिया था। एक Rules & Forms कमेटी बनाई गई है, जो पुराने नियमों की समीक्षा और सुधार पर काम कर रही है।
वायरल वीडियो में बाइक सवार टोल टैक्स देते हुए नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स सरकार के बयान पर सवाल खड़े कर रहे हैं। जानिए इस वायरल दावे की सच्चाई क्या है?
चालू वित्त वर्ष में अभी तक देश के डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 3.95% की गिरावट दर्ज की गई है। 1 अप्रैल से लेकर 11 अगस्त तक सरकार के खाते में डायरेक्ट टैक्स के रूप में कुल 6.64 लाख करोड़ रुपये आए हैं।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 30 जुलाई 2025 को घोषणा करते हुए कहा कि करदाताओं कृपया ध्यान दें! ITR-3 फॉर्म अब ऑनलाइन फाइलिंग के लिए उपलब्ध है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नए नियम के मुताबिक, अब सोशल मीडिया, यूट्यूब, एफएंडओ ट्रेडिंग, कमीशन एजेंसी,सट्टा या स्टॉक ट्रेडिंग से कमाई करने वाले तमाम लोगों को आईटीआर फाइल करते समय नया कोड डालना होगा।
संपादक की पसंद