उद्धव ठाकरे 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के समय देश में मौजूद नहीं थे। इसके बाद सर्वदलीय बैठक में भी वह उपस्थित नहीं हुए। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पहलगाम हमले के बाद उन्हें वापस आ जाना चाहिए था।
शिवसेना यूबीटी के नेता विनायक राउत ने कहा है कि अगर एनसीपी के प्रमुख अजित पवार को CM बनना है तो उन्हें वापस MVA में आ जाना चाहिए।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इंडिया टीवी से खास बातचीत की। वहीं उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के साथ आने की अटकलों पर उन्होंने कहा कि यह उनका आंतरिक मामला है। इस मुद्दे पर वह अभी कुछ नहीं कह सकते हैं। उन्होंने कहा कि सही समय आने पर जवाब दूंगा
महाराष्ट्र की राजनीति एक नए मोड़ की तरफ मुड़ती दिख रही है। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच की बढ़ती नजदीकियां क्या ठाकरे ब्रदर्स के लिए आज जरूरी है या उनकी मजबूरी है, जानिए इस खास खबर में....
महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे परिवार एक बार फिर चर्चा में हैं। मनसे प्रमुख राज ठाकरे के हालिया बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में कयासों का बाजार गर्म कर दिया है। राज ठाकरे के बयान के बाद संजय राउत ने कहा कि हम सालों से एक साथ हैं।
एक पोडकॉस्ट में राज ठाकरे ने जवाब देते हुए कहा कि वह मराठी और महाराष्ट्र के मुद्दे पर उद्धव ठाकरे के साथ आने को तैयार हैं, अगर उनकी भी यही इच्छा है तो। इसके जवाब में अब सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह खुशी की बात है कि अगर वे साथ आते हैं।
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि उनकी पार्टी, सरकार को राज्य में हिंदी को थोपने नहीं देगी।
महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे परिवार का रोल काफी अहम होता है। उद्धव ठाकरे राज्य के सीएम रह चुके हैं। राज ठाकरे मराठी मानुष का मुद्दा लोगों के बीच उठाते रहते हैं। अब मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने राजनीतिक रूप से उद्धव के साथ आने पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
नासिक में शिवसेना की एक रैली में बाल ठाकरे जैसी जोरदार आवाज में करीब 13 मिनट के मराठी भाषा के भाषण की शुरुआत ‘मेरे हिंदू भाइयो, बहनो ओर माताओं’ के उद्बोधन के साथ हुई। पार्टी के अनुसार बाल ठाकरे आज होते तो ऐसा भाषण देते।
उद्धव ठाकरे ने नासिक में कहा कि उन्होंने हिंदुत्व नहीं छोड़ा, बल्कि बीजेपी के ‘सड़े हुए’ हिंदुत्व को अस्वीकार किया है। उन्होंने वक्फ विधेयक, मुस्लिम समर्थन, शिवाजी स्मारक और चुनावी प्रक्रिया सहित कई मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार की आलोचना की।
लोकसभा चुनाव के बाद INDIA गठबंधन की कोई चर्चा नहीं हो रही है। हाल ही में कांग्रेस ने अहमदाबाद में पार्टी की बड़ी बैठक भी की। इस दौरान भी INDIA गठबंधन के भविष्य पर कोई चर्चा नहीं की गई। शिवसेना (यूबीटी) ने कांग्रेस पर ये सारे आरोप लगाए हैं।
एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर करारा कटाक्ष किया है। शिंदे ने खुद को 'फेवरेट ब्रदर' बताय। वहीं, उद्धव ठाकरे को लेकर उन्होंने कहा कि वे 'फोकट बाबूराव' हैं।
उद्धव ठाकरे ने पूरे महाराष्ट्र का दौरा करने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि हमें एक बार फिर कोंकण प्रांत जीतना है। इसके साथ ही उद्धव ठाकरे ने रत्नागिरी जिले के कांग्रेस अध्यक्ष को पार्टी में शामिल कराया है।
एकनाथ शिंदे ने एक बार फिर उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा है। शिंदे ने कहा कि उनके जैसे सैनिक सोने का चम्मच लेकर पैदा नहीं हुए। उन्होंने कहा कि हम जमीनी कार्यकर्ता हैं।
एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे को लेकर बड़ा खुलासा किया है। शिंदे ने बताया कि उद्धव ठाकरे ने दिल्ली में जाकर पीएम मोदी से माफी मांगी थी। वह MVA गठबंधन से अलग होकर बीजेपी के साथ सरकार बनाना चाहते थे।
अहम बात यह रही कि पहले देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव को नमस्कार किया फिर अजित पवार ने मुस्कुराते हुए उनसे मिले, लेकिन इन दोनों के बीच चल रहे एकनाथ शिंदे मुंह फेरकर निकल गए।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ने हमारे समाज में जहर घोल दिया है। उन्होंने हमारे समाज के साथ जो किया है, उसके लिए मैं भाजपा को माफ नहीं करूंगा।’’
सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने शिवसेना (UBT) के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर कटाक्ष किया है। इसके अलावा फडणवीस ने पूर्व सीएम एकनाथ शिंदे का भी जिक्र किया और कहा कि पिछली महायुति सरकार द्वारा लिए गए निर्णय अकेले एकनाथ शिंदे के नहीं थे, बल्कि वे उनकी और अजित पवार की भी जिम्मेदारी थे।
सपा नेता अबू आजमी को लेकर महाराष्ट्र में सियासत चरम पर है। एनडीए के साथ ही अब इंडिया गठबंधन के सहयोगी उद्धव ठाकरे और कांग्रेस नेता नाना पटोले ने ही अखिलेश यादव को खरी खोटी सुना दी है। जानिए क्या कहा?
एकनाथ शिंदे ने शिवसेना को लेकर कहा कि पार्टी हर गुजरते दिन के साथ और भी मजबूत हो रही है। साथ ही उन्होंने उद्धव ठाकरे पर भी निशाना साधा।
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़