एक्स पर हाल ही में एक पोस्ट के जरिए एजेंसी ने कहा कि वह कभी नागरिकों से वॉट्सऐप, ईमेंल या फिर दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में आईडीप्रूफ, एड्रेस प्रूफ या फिर पर्सनल जानकारी की मांग नहीं करती है।
UIDAI ने इसे हर जगह कैरी करने में आसान बनाने के लिए पीवीसी कार्ड वाला आधार कार्ड लॉन्च किया है। इसे कोई भी आधार कार्ड धारी 50 रुपये के शुल्क में बनवा सकता है।
आधार कार्ड में अक्सर फोटो काफी खराब आती है ऐसे में जब हमें किसी के सामने अपना आधार कार्ड दिखाना होता है तो काफी हिचक होती है और हमे आधार कार्ड निकालने में भी शर्म आती है। आपको बता दें कि आधार की फोटो को आसानी से बदला जा सकता है।
UIDAI के बयान के अनुसार, फेस ऑथेंटिकेशन की संख्या बढ़ रही है। जनवरी, 2023 में ऐसे सत्यापन की तुलना में मई में हुए सत्यापन की संख्या में 38 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने आधार अपडेट कराने के लिए फीस को खत्म कर दिया है। यूआईडीएआई के इस फैसले से लाखों लोगों को फायदा मिलेगा।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एप्लीकेशन में AI बेस्ड एक नया फीचर ऐड किया है. अब इसकी मदद से आप घर बैठे आधार से जुड़ी हर प्रकार की जानकारी पा सकेंगे. अब किसी भी प्रकार के अपडेशन के लिए आपको आधार केंद्र में लाइन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
UIDAI ने पुष्टि की है कि 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति HOF हो सकता है और इस प्रक्रिया के माध्यम से अपने रिश्तेदारों के साथ अपना पता साझा कर सकता है।
UIDAI ने बिना दस्तावेज के आधार अपडेट करने को लेकर एक नई स्कीम की शुरुआत की है। आइए जानते हैं कि इसका लाभ आम नागरिक कैसे उठा सकते हैं।
UIDAI Rule: आप पीवीसी आधारकार्ड (PVC Aadhaar Card) बनवाने के लिए किसी भी गैर रजिस्टर नंबर पर ओटीपी मंगवा सकते हैं। यह आपकी कई समस्याओं को चुटकी में हल कर सकता है।
UIDAI अब जन्म लेने के साथ ही बच्चे का आधार कार्ड बनाएगा। इसमें जन्म से लेकर 5 साल तक के बच्चे के बायोमेट्रिक डिटेल्स जैसे फिंगरप्रींट्स और आंखों को स्कैन नहीं किया जाएगा। जब बच्चे की उम्र 5 साल से ज्यादा हो जाएगी तब आधार कार्ड को फिर से अपडेट करवाना होगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, UIDAI की देश के दूर-दराज के इलाकों तक सेवा पहुंचने की योजना है।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे आधार कार्ड के दुरुपयोग से बचने के लिए किसी भी संगठन के साथ अपने आधार की फोटोकॉपी साझा न करें। फोटोकॉपी के बजाय UIDAI ने 'मास्क' वाले आधार के उपयोग का सुझाव दिया है।
ऑफलाइन माध्यम के जरिये आधार कार्ड के क्यूआर कोड से जानकारी सत्यापित की जा सकती है।
श्रीनगर में डल झील से लगे बिशंभर नगर में हाल ही में दो पाकिस्तानी आतंकवादियों के मारे जाने के बाद ‘बायोमीट्रिक आईडी’ (आधार) का दुरुपयोग सामने आया था।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सौरभ गर्ग ने कहा कि 'नवजात शिशुओं को आधार नंबर देने के लिए यूआईडीएआई बर्थ रजिस्ट्रार के साथ टाईअप करने की कोशिश कर रहा है।'
प्रमाणीकरण के लिए स्मार्टफोन का उपयोग करके पहचान की प्रक्रिया कैसे पूरी हो सकती है, इस पर कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी।
सरकार द्वारा जारी किए गए नियमों के अनुसार आधार (प्रमाणीकरण और ऑफलाइन सत्यापन) विनियम-2021 को आठ नवंबर को अधिसूचित किया गया
उल्लेखनीय है कि आधार नामांकन निशुल्क है, लेकिन जनसांख्यकीय सम्बंधी अपडेट के लिये 50 रुपये और बायोमीट्रिक अपडेट (जनसांख्यकीय अपडेट सहित या रहित) के लिये 100 रुपये का मामूली शुल्क लिया जाता है।
एनपीसीआई-आईएएमएआई द्वारा आयोजित वैश्विक फिनटेक फेस्ट को संबोधित करते हुए यूआईडीएआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सौरभ गर्ग ने कहा कि वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आधार का लाभ उठाने की अपार संभावनाएं हैं।
यूआईडीएआई ने शनिवार को एक बयान जारी कर जोर देते होते कहा, ‘‘सभी सेवाएं स्थिर हैं और ठीक तरह से काम कर रही हैं। आधार को पैन और ईपीएफओ से जोड़ने की सुविधा में कोई रुकावट नहीं आई है।’
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