1. Hindi News
  2. क्राइम
  3. यूपी के बदायूं में स्थानीय बीजेपी नेता और भतीजे की हत्या

यूपी के बदायूं में स्थानीय बीजेपी नेता और भतीजे की हत्या

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 06, 2021 07:17 pm IST,  Updated : Aug 06, 2021 07:17 pm IST

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र में एक स्थानीय बीजेपी नेता और उनके भतीजे की कथित तौर पर संपत्ति बंटवारे के विवाद में हत्या कर दी गई।

BJP leader and nephew killed, BJP leader and nephew killed Badaun, BJP leader killed Badaun- India TV Hindi
उत्तर प्रदेश के बदायूं में एक स्थानीय बीजेपी नेता और उनके भतीजे की कथित तौर पर संपत्ति बंटवारे के विवाद में हत्या कर दी गई। Image Source : PTI REPRESENTATIONAL

बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र में एक स्थानीय बीजेपी नेता और उनके भतीजे की कथित तौर पर संपत्ति बंटवारे के विवाद में हत्या कर दी गई। पुलिस ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व सैनिक आर्येन्द्र सिंह ऊर्फ बब्लू (48) और उनका भतीजा गौरव ऊर्फ भोले (20) गुरुवार रात चिचैटा अलीपुर गांव से इस्लामनगर जा रहे थे, तभी घात लगाये बैठे इसी गांव के रहने वाले सुभाष, नन्हे, आशीष व कुछ अन्य व्यक्तियों ने एक वाहन से उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। उन्होंने बताया कि इसके बाद हमलावरों ने मौके से भागने से पहले धारदार हथियार से उनके हाथ और पैर काट दिए।

‘संपत्ति पर चाचा ने कर रखा था कब्जा’

पुलिस ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और इलाज के लिए बरेली ले जाते समय रास्ते में ही दोनों की मौत हो गई। आर्येन्द्र भारतीय जनता पार्टी के सैनिक प्रकोष्ठ के ‘डिविजनल’ प्रमुख थे। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने बताया कि आर्येंन्द्र 6 साल की आयु में दातागंज स्थित अपने ननिहाल रहने चले गए थे, जहां रह कर पढ़ाई की थी और फिर सेना में नौकरी की थी। उन्होंने बताया कि पूर्व सैनिक की संपत्ति इस्लामनगर थाना क्षेत्र में है, जिस पर उनके चाचा ने कब्जा कर रखा था।

‘पंचायत चुनावों में और बढ़ गई थी रंजिश’
शर्मा ने बताया कि अपनी संपत्ति पर कब्जे की वजह से आर्येन्द्र का अपने चाचा से अक्सर झगड़ा होता रहता था। उन्होंने बताया कि हाल में हुए पंचायत चुनाव में वे दोनों प्रधान का चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन सीट आरक्षित हो जाने के कारण दोनों ने अपने-अपने समर्थित प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे जिसमें पूर्व सैनिक का प्रत्याशी चुनाव जीत गया। इसे लेकर उनके बीच रंजिश और बढ़ गई थी। SSP ने बताया कि मृतकों के परिजनों की तहरीर के आधार पर 7 लोगों के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज किया गया है और 2 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। शेष आरोपियों की तलाश जारी है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। क्राइम से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।