आपके फोन में इस आधार ऐप के फुल वर्जन के जरिए आपकी डिजिटल पहचान हमेशा आपके साथ रहेगी और साथ ही कई सुविधाएं-सहूलियत भी मिलने वाली हैं।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर आज भारत की अर्थव्यवस्था को गति देने में जबरदस्त भूमिका निभा रहा है। इसने राह आसान और तेज कर दिए हैं। पूरी दुनिया में भारत के डिजिटल प्लेटफॉर्म की चर्चा होती है।
गैस सब्सिडी का लाभ बिना किसी रुकावट पाने के लिए आधार को LPG गैस कनेक्शन और बैंक खाते से लिंक कराना बेहद जरूरी है। समय रहते यह प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो।
आधार लॉक फीचर यूजर्स को उनके आधार नंबर से जुड़े बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन को रोकने या डिसेबल करने देता है।
यहां दी गई स्टेप-बाई-स्टेप गाइड के साथ जानें कि 2026 में आप अपने आधार कार्ड में अपना पता ऑनलाइन कैसे अपडेट कर सकते हैं।
अगर PAN लिंक नहीं किया जाता है तो वह इनएक्टिव हो जाता है। हालांकि 1,000 रुपये पेनल्टी देकर और लिंकिंग प्रोसेस पूरा करके PAN को फिर से एक्टिव किया जा सकता है।
साइबर अपराधी आपकी पहचान चुरा कर क्राइम को अंजाम दे सकते हैं, जिसकी वजह से आपको जेल भी जाना पड़ सकता है। डिजिटल वर्ल्ड में आपकी पहचान ही सबकुछ है। भले ही आपके पास ज्यादा पैसा न हो, लेकिन अगर आपकी पहचान चोरी हो गई तो आप बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं।
UIDAI ने नेशनल डेटा हैकाथन की घोषणा की है। इसमें भाग लेकर 2 लाख रुपये तक का कैश प्राइज जीता जा सकता है। आधार जारी करने वाली सरकारी एजेंसी इसके लिए जल्द रजिस्ट्रेशन शुरू करने वाली है।
1 जनवरी से यूपीआई, पीएम किसान, सरकारी कर्मचारियों की सैलरी, आधार-पैन लिंक से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं।
भुवनेश कुमार ने बताया कि रजिस्टर्ड संस्थाओं को नई टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे क्यूआर कोड स्कैन करके या आधार के नए ऐप के माध्यम से वैरिफिकेशन कर सकेंगे।
ऑफलाइन वैरिफिकेशन करने वाली संस्थाओं को एपीआई उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके जरिए वे अपने सिस्टम को आधार वैरिफिकेशन के लिए अपडेट कर सकेंगी।
बदलावों में आधार-पैन लिंकिंग से लेकर आयकर रिटर्न फाइलिंग और बीएसई इंडेक्स में फेरबदल जैसे अहम फैसले शामिल हैं। एनपीएस से यूपीएस में स्विच करने का ऑप्शन 1 दिसंबर से खत्म हो गया है।
UIDAI का कहना है कि किसी मृत व्यक्ति का आधार सक्रिय रहने पर पहचान की चोरी, धोखाधड़ी या सरकारी लाभों की अवैध प्राप्ति जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
नए ऐप का उद्देश्य आधार होल्डरों के लिए ऑफलाइन डिजिटल वैरिफिकेशन को प्रोत्साहित करना और आधार कार्ड की फोटोकॉपी के इस्तेमाल को हतोत्साहित करना है।
भुवनेश कुमार ने कहा कि किसी व्यक्ति की गोपनीयता बनाए रखते हुए आधार का इस्तेमाल करके उम्र सत्यापन प्रक्रिया को बढ़ाया जा सके।
UIDAI जो आधार के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन यानी चेहरा प्रमाणीकरण की सुविधा दे रही है, उसने बताया है कि कैसे घर बैठे-बैठे रिटायर्ड पेंशनर्स केवल दो ऐप के जरिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बना सकते हैं।
सरकार ने नया e-Aadhaar ऐप लॉन्च किया है, जो mAadhaar ऐप के अपग्रेड के तौर पर पेश किया गया है। UIDAI ने इस ऐप को पेपरलेस वेरिफिकेशन जैसी सुविधाओं के लिए पेश किया है। आइए, जानते हैं नए e-Aadhaar और mAadhaar ऐप में क्या अंतर है?
बच्चों के लिए आधार में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट की सभी फीस माफ करने के साथ ही, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) MBU को अपनाने को प्रोत्साहन देने के लिए व्यवहारिक अंतर्दृष्टि का भी इस्तेमाल करेगा।
अब सरकार की ओर से एक नई ई-आधार ऐप लॉन्च की गई है जिससे आपको हर जगह आधार कार्ड ले जाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
UIDAI ने आधार सेवाओं के लिए नई फीस का ब्योरा जारी कर दिया है। डेमोग्राफिक डिटेल्स में बदलाव के लिए 75 रुपये की फीस लगेगी, जबकि बायोमेट्रिक अपडेट के लिए 125 रुपये की फीस लगेगी।
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