DGCA द्वारा पीटर एल्बर्स के लिए जारी किया गया ये कारण बताओ नोटिस हाल के दिनों में सबसे कड़े नियामकीय कार्रवाई में से एक है।
मंत्रालय ने साफ किया है कि रिफंड प्रोसेसिंग में किसी भी तरह की देरी करने पर या नियमों का पालन न करने पर तुरंत रेगुलेटरी एक्शन लिया जाएगा।
IndiGo प्रतिदिन करीब 2,300 उड़ानें संचालित करती है और समय की पाबंदी इसकी सबसे बड़ी USP मानी जाती है। स्थिति संभालने के लिए इंडिगो ने शेड्यूल में बदलाव भी किए हैं।
एयरलाइन कंपनी ने यात्रियों से माफी मांगते हुए बताया कि स्थिति को सामान्य करने के लिए अगले 48 घंटों तक फ्लाइट्स के समय में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरपु ने जानकारी दी है कि जीपीएस आधारित लैंडिंग प्रक्रियाओं का इस्तेमाल करते वक्त दिल्ली एयरपोर्ट के आसपास जीपीएस स्पूफिंग की सूचना दी है।
Interesting Facts about Airport : सोशल मीडिया पर आपने बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट से जुड़े कई अनोखे तथ्य पढ़े होंगे। इस बार भी एक ऐसा ही फैक्ट एक एयरपोर्ट को लेकर सामने आया है जिसके बारे में आज हम आपको बताएंगे।
Airplane Interesting Facts: रेलवे के लोको पायलट से लेकर हवाई जहाज के पायलट के लिए सभी के लिए कुछ न कुछ नियम बनाए गए हैं। आज इन्हीं में से एक नियम के बारे में हम आपको बताएंगे जो पायलट्स के लिए बना है।
DGCA ने हवाई टिकटों के रिफंड से संबंधित नागर विमानन आवश्यकता (CAR) में बदलावों पर विचार करते हुए कहा कि एयरलाइन कंपनियों को ये सुनिश्चित करना होगा कि रिफंड की प्रक्रिया 21 दिनों के भीतर पूरी हो जाए।
दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर नागालैंड के दीमापुर जाने वाले इंडिगो की एक फ्लाइट में बैठे यात्री के पावर बैंक में आग लग गई थी।
DGCA द्वारा जारी ये प्रस्तावित नियम, हितधारकों से सुझाव आमंत्रित करने के बाद, नागरिक उड्डयन सुरक्षा के मानकों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे केबिन क्रू मेंबर्स को राहत मिलेगी।
इंडिगो को DGCA ने पायलट ट्रेनिंग में कथित गड़बड़ी के आरोप में 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह आदेश एयरलाइन को 26 सितंबर 2025 को मिला।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि जिन सिम्युलेटरों पर ट्रेनिंग करवाई गई, वे संवेदनशील और विशेष प्रशिक्षण की जरूरत वाले हवाई अड्डों के लिए उपयुक्त रूप से क्वालिफाइड नहीं थे। घरेलू एयरलाइंस कंपनी इंडिगो ने कहा है कि नोटिस की समीक्षा कर रहे हैं और नियत समय सीमा के भीतर नियामक को अपना जवाब देंगे।
डीजीसीए की सख्ती और एएआईबी की रिपोर्ट के बाद एयर इंडिया अब निगरानी के कड़े घेरे में आ गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर सुधारात्मक कदम जल्द नहीं उठाए गए, तो इससे एयरलाइन की संचालन प्रणाली, साख और भविष्य की उड़ानों पर गहरा असर पड़ सकता है।
ये नोटिस एयर इंडिया द्वारा 20 और 21 जून को स्वेच्छा से सौंपी गई जानकारी के आधार पर 23 जुलाई को जारी किए गए। हाल ही में एयर इंडिया पर डीजीसीए की निगरानी और सख्ती में इजाफा हुआ है।
12 जून, 2025 को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया प्लेन क्रैश पर एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टीगेशन ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद DGCA ने यह कदम उठाया है। डीजीसीए ने कहा है कि 21 जुलाई तक सभी विमानों की जांच पूरी कर ली जाए।
अहमदाबाद विमान हादसे की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। ब्लैक बॉक्स में क्या मिला है? इसकी जांच कहां तक पुहंची है? DGCA और एयर इंडिया द्वारा ये कुछ भी जानकारी नहीं दी गई है। संसद की एक समिति ने नागरिक विमानन मंत्रालय से कई सवाल किए हैं।
अहमदाबाद में हुए विमान हादसे के बाद विमानन नियामक डीजीसीए की तरफ पूरी सतर्कता बरती जा रही है। इस बीच डीजीसीए द्वारा की गई जांच में देश के कई प्रमुख हवाई अड्डों और विमानों में खामियां पाई गई हैं।
नागर विमानन महानिदेशालय की 8 सदस्यीय टीम ने एयर इंडिया के मुख्य बेस का ऑडिट शुरू कर दिया है। सूत्र ने बताया कि आमतौर पर तीन सदस्यों की टीम सालाना ऑडिट करती है।
एयर इंडिया ने आंतरिक समीक्षा के बाद खुद ही तीन लापरवाह अधिकारियों के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद डीजीसीए ने तीनों को नौकरी से निकालने के आदेश दिए हैं।
अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में 297 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों की पहचान डीएनए टेस्ट के जरिए की जा रही है। इस बीच आज डीजीसीए, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के बीच हुई बैठक खत्म हो चुकी है।
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