गंगा एक्सप्रेसवे के खुलने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश का पूर्वी उत्तर प्रदेश से सीधी कनेक्टिविटी होगी। एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर अत्याधुनिक कैमरे और हाईटेक सर्विस सिस्टम लगाए गए हैं, ताकि टोल पर वाहनों का गुजरना आसान हो सके।
Interesting Facts : सोशल मीडिया पर आपने हाईवे पर दिखने वाली अजब चीजों और उनसे जुड़े रहस्यों के बारे में तो पढ़ा ही होगा। मगर आज हम आपको बेहद अलग चीज बताने वाले हैं।
प्रोजेक्ट जब भी पूरा होगा, यह दिल्ली, नोएडा एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला एक वैकल्पिक हाई-कैपेसिटी मार्ग उपलब्ध कराएगा। इससे नोएडा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
सरकार ने बुलंदशहर के अधिकारियों से जल्द भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
सड़क हादसा इतना भीषण था कि लोगों की चीखें निकल गईं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सड़क हादसे के चलते एक्सप्रेसवे पर भीषण जाम भी लग गया।
सुबह-सुबह घने कोहरे की वजह से कई ट्रेनों अपने तय समय से लेट चल रही हैं। रेल की पटरी पर धुंध दिखाई दे रही है। इसकी वजह से यात्रियों को घंटों ट्रेन का इंतजार करना पड़ा रहा है।
यूपी में कोहरे के चलते एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा घटा दी गई है। UPEIDA ने दिन-रात के लिए अलग स्पीड लिमिट तय की है। तय सीमा से तेज चलने पर ऑनलाइन चालान होगा। यह नियम 15 फरवरी तक लागू रहेंगे।
अधिकारी ने बताया कि कि 74.3 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी जोड़ा जाएगा।
नए पुणे-संभाजीनगर एक्सप्रेसवे के बनने से पुणे से छत्रपति संभाजीनगर तक की यात्रा सिर्फ दो घंटे में पूरी हो जाएगी।
सर्दियों की दस्तक के साथ ही कोहरा अब सड़कों पर खतरा बनकर उतरने लगा है। हर साल की तरह इस बार भी कम दृश्यता के कारण सड़क हादसों का जोखिम बढ़ गया है। इसी को देखते हुए नोएडा ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन ने बड़ा एहतियाती कदम उठाया है।
जिस दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोग सालों से इंतजार कर रहे थे, वह यात्रा को बेहद तेज और आरामदायक बना देगा। हालांकि, इस सुपरफास्ट सफर की एक कीमत भी चुकानी होगी। एक्सप्रेसवे से कार से यात्रा करने वालों को टोल टैक्स के रूप में अच्छी-खासी रकम खर्च करनी पड़ सकती है।
कॉमर्शियल गाड़ियों को रिफ्लेक्टर लगाने के भी निर्देश दिए हैं। बिना रिफ्लेक्टर एक्सप्रेसवे में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन भी जब्त कर ली जाएगी।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अक्षरधाम से शुरू होकर बागपत, शामली और सहारनपुर से होते हुए देहरादून पहुंचेगा। यह खेकड़ा में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से मिलेगा।
राजधानी दिल्ली और मुंबई के बीच की यात्रा का समय वर्तमान के लगभग 24 घंटे से घटकर मात्र 12 घंटे रह जाएगा। साल 2019 में आधारशिला रखे गए इस एक्सप्रेसवे को एक व्यापक नेटवर्क बनाने के लिए उत्तर प्रदेश और राजस्थान से भी जोड़ा जाएगा।
उत्तर प्रदेश और हरियाणा में आने वाले समय में विकास की नई तस्वीर तैयार होने जा रही है। जल्द ही इन दोनों राज्यों को देश का अब तक का सबसे लंबा हाईस्पीड कॉरिडोर मिलने वाला है।
उत्तर भारत की यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ी सौगात सामने आई है। पहाड़ और मैदान के बीच की दूरी अब पहले से कहीं कम और आरामदायक होने वाली है, क्योंकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने वाला ₹1.20 लाख करोड़ की लागत वाला मेगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे अब जमीन पर उतर चुका है।
उत्तर प्रदेश में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का नेटवर्क लगातार विस्तार कर रहा है और अब राज्य सरकार एक और बड़ी सड़क क्रांति की तैयारी में है। यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए प्रस्तावित 74.3 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे को लेकर काम तेज हो गया है।
यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर बागपत, बारौत,शामली और सहारनपुर होते हुए देहरादून तक जाएगा। राजाजी नेशनल पार्क के एरिया में इसमें एशिया का सबसे लंबा 12 किलोमीटर का एलिवेटेड कॉरिडोर भी बना है।
यह एक्सप्रेसवे राज्य सरकार के बजट में शामिल 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे में से एक हैं। इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत होने पर दिल्ली से जयपुर की यात्रा आसान हो जाएगी।
देहरादून से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए एक खुशखबरी है। लंबे समय से जिस एक्सप्रेसवे का इंतजार किया जा रहा था, वह अब पूरा होने के कगार पर है। NHAI के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि करीब 13,000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे अब लगभग तैयार है।
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