विदेशी मुद्रा संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को चालू खाते के घाटे से निपटने के लिए 9 अरब डॉलर की जरूरत है। इसके लिए फिलहाल अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास जाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
वित्त मंत्री ने रविवार को एक फेसबुक पोस्ट के जरिए IMF की रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह जानकारी दी है
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 17 अगस्त को समाप्त सप्ताह में 3.32 करोड़ डॉलर घटकर 400.84 अरब डॉलर रह गया, जो 28100.7 अरब रुपए के बराबर है।
पीएम मोदी ने कहा कि एक समय भारत की गिनती दुनिया की पांच कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में होती थी वहीं आज यह सोया हुआ हाथी दौड़ने लगा है।
करीब 9 साल के बाद देश के सोने के भंडार में बढ़ोतरी देखने को मिली है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की रिपोर्ट के मुताबिक 2018 के दौरान भारत में सोने के भंडार में 3.8 टन की बढ़ोतरी देखने को मिली है।
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने अमेरिकी न्यूच चैनल सीएनबीसी से साक्षात्कार में IMF को आगाह करते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर कोई गलती नहीं करें। उन्होंने यह भी कहा कि IMF जो करेगा उस पर हमारी निगाह है
देश का विदेशी पूंजी भंडार 20 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 6.77 करोड़ डॉलर बढ़कर 405.14 अरब डॉलर हो गया, जो 27,873.0 अरब रुपए के बराबर है।
देश का विदेशी मुद्रा भंडार 13 जुलाई को समाप्त सप्ताह के दौरान 73.45 करोड़ डॉलर घटकर 405.07 अरब डॉलर पर आ गया। भारतीय रिजर्व बैंक के आज जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।
वित्त वर्ष 2018-19 में भारत की वृद्धि दर के लिए अपने पहले के पूर्वानुमान को हल्का कम करने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि भारत की वृद्धि दर भविष्य में काफी मजबूत रहेगी।
देश का विदेशी मुद्रा भंडार छह जुलाई को समाप्त सप्ताह में 24.82 करोड़ डॉलर घटकर 405.81 अरब डॉलर रह गया। यह गिरावट विदेशी मुद्रा आस्तियों में बढ़ोतरी के बावजूद आई है।
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) 22 जून को समाप्त सप्ताह के दौरान 2.25 अरब डॉलर घटकर 407.81 अरब डॉलर रह गया। मुद्रा भंडार का यह सात महीने का सबसे निचला स्तर है।
आईएमएफ ने कहा कि भारत को अपनी वृद्धि में जारी तेजी को बनाए रखने के लिए बैंकिंग क्षेत्र में सुधार, राजकोषीय मजबूती, जीएसटी को सरल बनाने और प्रमुख बाजारों के सुधारों में नए सिरे से तेजी लाने जैसे मोर्चे पर काम करना चाहिए।
देश का विदेशी पूंजी भंडार 8 जून को समाप्त सप्ताह में 87.95 करोड़ डॉलर बढ़कर 413.10 अरब डॉलर हो गया, जो 27,881.9 अरब रुपए के बराबर है।
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को लेकर नए सिरे से आशंका जताई जा रही है, क्योंकि मौजूदा कार्यवाहक सरकार ने चालू खाते के घाटे से निपटने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार के इस्तेमाल का वचन दिया है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी तेजी से घट रहा है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने आज कहा कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार एक जून को समाप्त सप्ताह में 59.37 करोड़ डॉलर घटकर 412.23 अरब डॉलर रह गया। इससे पिछले सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 2.23 अरब डॉलर घटकर 412.63 अरब डॉलर रह गया था।
देश का विदेशी पूंजी भंडार 25 मई को समाप्त सप्ताह में 2.22 अरब डॉलर घटकर 412.82 अरब डॉलर रह गया, जो 28,134.8 अरब रुपए के बराबर है।
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति कितनी खराब हो चुकी है, इसका अंदाजा उसके विदेशी मुद्रा भंडार से लगाया जा सकता है। कई बार करेंसी की उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए भारत महीने भर में जितने डॉलर खर्च कर देता है, पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार सिर्फ उतना ही बचा है। अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार सिर्फ 10.32 अरब डॉलर बचा है। पाकिस्तान का यह रिजर्व उसके आयात की सिर्फ 2 महीने की जरूरत को पूरा कर पाने में सक्षम है और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के तय किए हुए मानकों से कम है
देश का विदेशी पूंजी भंडार 18 मई को समाप्त सप्ताह में 2.64 अरब डॉलर घटकर 415.05 अरब डॉलर रह गया, जो 28,168.7 अरब रुपए के बराबर है।
देश के विदेशी पूंजी भंडार लगातार घट रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 11 मई को समाप्त सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में 1.23 अरब डॉलर की कमी आई है।
देश का विदेशी मुद्रा भंडार चार मई को समाप्त सप्ताह में 1.426 अरब डॉलर घटकर 418.940 अरब डॉलर रह गया, जो 27,962.8 अरब रुपए के बराबर है। इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण विदेशी मुद्रा आस्तियों में कमी आना है।
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