सीमा शुल्क विभाग ने पश्चिम एशिया संकट के कारण समुद्री मार्गों में व्यवधान और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से निर्यात मालवाहक जहाजों के भारतीय बंदरगाहों पर लौटने की स्थिति से निपटने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
भारत जिन 40 देशों से क्रूड ऑयल को इंपोर्ट करता है, उन देशों की लिस्ट में कनाडा, कोलंबिया, ब्राजील और ऑस्ट्रेलिया देश भी शामिल हैं। भारत सरकार ने साफ कहा है कि देश में तेल की कोई कमी नहीं है।
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में अमेरिका से भारत का आयात 23.71 प्रतिशत बढ़कर 4.5 अरब डॉलर हो गया।
चालू वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 10 महीनों यानी अप्रैल-जनवरी अवधि के दौरान देश का कुल निर्यात 2.22 प्रतिशत बढ़कर 366.63 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 7.21 प्रतिशत बढ़कर 649.86 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
मौजूदा समय में रूस का कच्चा तेल अब लगभग 7 डॉलर प्रति बैरल सस्ता मिल रहा है। जनवरी के पहले तीन हफ्तों में भारत का रूस से तेल आयात दिसंबर के मुकाबले थोड़ा कम हुआ है।
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डोनाल्ड ट्रंप के ये नए आयात शुल्क अमेरिका की अर्थव्यवस्था और आम उपभोक्ताओं पर गहरा असर डाल सकते हैं। जहां एक ओर उनका उद्देश्य घरेलू उद्योगों को संरक्षण देना और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है, वहीं दूसरी ओर उच्च महंगाई, दवाओं की कीमतों में इजाफा और घर बनाने की लागत जैसे मुद्दे मतदाताओं और बाजार दोनों के लिए चुनौत
अगस्त में वस्तुओं और सेवाओं के एक्सपोर्ट की कुल कीमत 69.16 अरब डॉलर रही, जबकि इंपोर्ट 79.04 अरब डॉलर रहा। इस तरह देश का व्यापार घाटा 9.88 अरब डॉलर रहा।
ये खबर ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका ने रूस से लगातार कच्चा तेल खरीदने की वजह से भारत पर अभी हाल ही में 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लागू कर दिया है।
सरकार ने कहा कि कपड़ा उद्योग के हितों को ध्यान में रखते हुए ये छूट एक बेहद जरूरी कदम है, जिसे जनहित में लिया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 30 जुलाई को भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जो आज यानी 7 अगस्त से लागू हो गया है।
भारत ने बताया कि 2024 में रूस के साथ यूरोपीय संघ का द्विपक्षीय व्यापार 67.5 बिलियन यूरो तक पहुंच गया, जिसमें 16.5 मिलियन टन एलएनजी भी शामिल है, जो रूस के साथ उसके अपने व्यापार की मात्रा से भी ज्यादा है।
राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि इस बार की खरीफ मौसम के लिए उर्वरकों की मांग पिछले वर्ष से थोड़ी अधिक है, क्योंकि फसलों की बुवाई क्षेत्र में वृद्धि हुई है और मॉनसून अनुकूल रहा है।
भारत और अमेरिका एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। भारतीय दल इस समझौते के लिए पांचवें दौर की बातचीत के लिए वाशिंगटन में है।
डीजीएफटी ने कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर किसी भी भूमि बंदरगाह से बांग्लादेश से आयात की अनुमति नहीं दी जाएगी। कपड़ा क्षेत्र में बांग्लादेश भारत का एक बड़ा प्रतिस्पर्धी है।
देश में सरसों की पेराई बढ़ने के साथ-साथ पाम तेल की मांग में कमी के चलते पिछले तीन महीनों में आयात बहुत कम स्तर पर रहा। अप्रैल में पाम तेल का आयात 53 प्रतिशत घटकर 3. 21 लाख टन रह गया।
सरकार ने पांच स्टील उत्पाद कैटैगरी के लिए आयात मूल्य 675 अमेरिकी डॉलर प्रति टन से लेकर 964 अमेरिकी डॉलर प्रति टन के बीच निर्धारित किया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में चीन पर करीब 15 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। इसके बाद राष्ट्रपति बने जो बाइडन ने इस टैरिफ को बरकरार रखा था। अमेरिका, चीन का तीसरा सबसे बड़ा बाजार है।
एंटी-डंपिंग जांच विभिन्न देशों द्वारा यह पता लगाने के लिए की जाती है कि सस्ते आयात में वृद्धि के कारण घरेलू उद्योगों को नुकसान तो नहीं पहुंचा है।
निर्यात के आंकड़ों के मुकाबले आयात का आंकड़ा ज्यादा होने पर व्यापार घाटे की स्थिति बनती है। कुल मिलाकर, चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों (अप्रैल-फरवरी) में वस्तु और सेवा निर्यात 6.24 प्रतिशत बढ़कर 750.53 अरब डॉलर हो गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में ये 706.43 अरब डॉलर था।
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