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दिल्ली में यमुना के जलस्तर में कमी, सेना के इंजीनियरों की मदद से खुला ITO बैराज का जाम गेट

 Reported By: Manish Prasad, Edited By: Niraj Kumar
 Published : Jul 15, 2023 12:03 am IST,  Updated : Jul 15, 2023 12:03 am IST

दिल्ली में बाढ़ आने के बाद आखिरकार केजरीवाल सरकार को सेना की मदद लेनी ही पड़ी। सेना के इंजीनियरों की मदद से आईटीओ बैराज के जाम पड़ चुके गेट को खोला गया है।

ITO बैराज के जाम गेट को खोलते सैन्यकर्मी- India TV Hindi
ITO बैराज के जाम गेट को खोलते सैन्यकर्मी Image Source : इंडिया टीवी

नई दिल्ली:  दिल्ली में बाढ़ के बिगड़ते हालात को देखते हुए आखिरकार केजरीवाल सरकार को सेना की मदद लेनी पड़ी। सेना के इंजीनियरों की लगातार बिना रुके मेहनत का नतीजा ये रहा कि आईटीओ बैराज पर जाम गेट को खोला जा सका। गोताखोर टीम ने पानी के नीच जमा सिल्ट को कंप्रेसर की मदद से निकाला और हाईड्रा क्रेन से गेट को खींचा। तब जाकर जाम पड़ चुके एक गेट को खोला जा सके। चार और गेट खोलने की कोशिश जारी है। इस बीच दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर तीन दिन पहले 45 साल का रिकॉर्ड तोड़ने के बाद शुक्रवार रात दस बजे घटकर 208. 02 मीटर के स्तर पर आ गया। हालांकि, शहर के कई प्रमुख इलाके अब भी जलमग्न हैं। 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर सेना आर्मी इंजीनियर रेजिमेंट और गोताखोरों का विशेष धन्यवाद दिया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही जाम पड़ें अन्य गेट भी खोल दिए जाएंगे। 

13 जुलाई की रात दिल्ली सरकार ने सेना से मांगी मदद

13 जुलाई की रात को जब यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी और निचले इलाके जलमग्न हो रहे थे, तब दिल्ली प्रशासन द्वारा भारतीय सेना से सहायता मांगी गई थी। इसके बाद सेना की टीम को इसमें लगाया गया। आईटीओ के पास एक अस्थायी बांध बनाकर दिल्ली में यमुना के पानी के बैकफ़्लो को नियंत्रित कर लिया गया। सेना मुख्यालय के दिल्ली क्षेत्र द्वारा हालात पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। इंजीनियरों की टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। उपलब्ध संसाधनों को बढ़ाने के लिए मेरठ से दो अतिरिक्त टीमें भेजी गई हैं।

दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर शुक्रवार रात दस बजे घटकर 208. 02 मीटर के स्तर पर आ गया। हालांकि, शहर के कई प्रमुख इलाके अब भी जलमग्न हैं। यमुना में पानी का स्तर बृहस्पतिवार को तीन घंटे तक स्थिर रहने के बाद बढ़ना शुरू हो गया था और शाम सात बजे 208.66 मीटर के स्तर पर पहुंच गया था, जो 205.33 मीटर के खतरे के निशान से करीब तीन मीटर अधिक है। 

केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार तड़के पानी का स्तर 208.57 मीटर था और सुबह पांच बजे तक मामूली रूप से कम होकर 208.48 मीटर पर आ गया। सुबह आठ बजे यमुना में जलस्तर 208. 42 मीटर, दोपहर एक बजे 208.27 मीटर और अपराह्न तीन बजे 208.25 मीटर स्तर पर आ गया वहीं शाम छह बजे यह 208.17 मीटर के स्तर पर था जबकि रात दस बजे यह घटकर 208.02 मीटर पर आ गया। दिल्ली में यमुना नदी 1978 के 207.49 मीटर के रिकॉर्ड स्तर को तोड़ते हुए बुधवार को 207.71 मीटर के निशान पर पहुंच गयी थी। 

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