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उमेश पाल हत्याकांड: शूटरों तक पहुंचते-पहुंचते रह गई पुलिस, पश्चिमी यूपी में छिपे होने की आशंका, लगातार बदल रहे लोकेशन

 Reported By: Vishal Pratap Singh Written By: Sudhanshu Gaur
 Published : Mar 15, 2023 07:57 pm IST,  Updated : Mar 15, 2023 08:48 pm IST

इस हत्याकांड को खुद असद ही लीड क़र रहा था और उसी ने सभी शूटर्स से कहा था की कोई भी शूटर शूटआउट के बाद एक दूसरे से बात नहीं करेगा। हत्याकांड के बाद कौन कहां भागेगा? कौन मदद करेगा? यह सब कुछ पहले से तय क़र लिया गया था।

Umesh Pal murder case - India TV Hindi
उमेश पाल हत्याकांड Image Source : FILE

प्रयागराज: उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस अभी भी कई आरोपियों की तालश कर रही है। हत्याकांड 24 फरवरी को अंजाम दिया गया और अभी तक कई शूटर पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इन शूटरों को तलाशने के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिल सकी है। इसी क्रम में पुलिस को टिप मिलती है कि इस हत्याकांड में शामिल एक शूटर पश्चिमी यूपी में है। पुलिस पहुंचती है लेकिन तब तक वह भाग निकला। 

लगातार लोकेशन बदल रहे हैं शूटर 

जानकारी के अनुसार, इन शूटरों के पश्चिमी यूपी में होने की संभावना है, लेकिन वो लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे हैं। सूत्रों की माने तो  STF गुड्डू मुस्लिम तक लगभग पहुंच गई थी, लेकिन छापेमारी से ठीक पहले गुड्डू मुस्लिम भाग निकला। ऐसा ही साबिर के साथ भी हुआ। शुरूआती दौर में, गंगा किनारे के इलाकों से साबिर भी भाग निकला जबकि पुलिस को लगातार उसके उन इलाकों में होने की जानकारी मिल रही थी। पुलिस अब तक करीब 1 दर्जन राज्यों में 650 ठिकानों पर अबतक छापे मार चुकी है लेकिन सिवाय निराशा के पुलिस को और कुछ नहीं मिल रही है।

असद ने ही ख़रीदे थे मोबाइल और सिम 

सूत्रों के अनुसार, इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए शूटरों को पेशगी के तौर पर जो पेमेंट दी गई थी वह अतीक अहमद के बेटे असद ने ही दिया था। इसके साथ ही असद ने सभी को नए मोबाइल फ़ोन और नए सिम कार्ड दिए थे। यह फ़ोन और सिम प्रयागराज की जिस दुकान से लिए गए थे उनतक पुलिस पहुंच गई है। STF सूत्रों के मुताबिक असद ने ही शूटर्स को सिर्फ उन्ही मोबाइल फ़ोन से WhatsApp कॉल करने के लिए कहा था। सभी को नॉर्मल कॉल करने की  की सख्त मनाही थी। 

अतीक के बेटा असद कर रहा था लीड 

इसके साथ ही इस हत्याकांड को खुद असद ही लीड क़र रहा था और उसी ने सभी शूटर्स से कहा था की कोई भी शूटर शूटआउट के बाद एक दूसरे से बात नहीं करेगा। हत्याकांड के बाद कौन कहां भागेगा? कौन मदद करेगा? यह सब कुछ पहले से तय क़र लिया गया था। यही वजह है की पुलिस अब तक शूटर्स तक नहीं पहुंच सकी है। अतीक अहमद की कैद साबरमती जेल में है। लिहाज़ा, अतीक गैंग के कई गुर्गे उसी जेल के आस पास के रेडियस में रहते थे और समय पड़ने पर अतीक से मिल भी लिया करते थे। जानकारी के अनुसार ये गुर्गे फ्लैट्स में रहते थे लेकिन उमेश पाल की हत्या के बाद से सब के सब फरार हैं।

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