डिजिटल करेंसी की दुनिया में निवेश करने वालों के लिए अब अनजान पहचान के दिन खत्म होने वाले हैं। मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकी फंडिंग और अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज के नियमों को और ज्यादा सख्त कर दिया है।
फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट ने क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज और यूजर्स के लिए सख्त नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं, सॉफ्टवेयर से अब कड़ी जांच होगी।
कानूनी भाषा में क्रिप्टोकरेंसी को आभासी डिजिटल परिसंपत्ति (VDA) कहा जाता है और इनमें व्यापार करने वाले एक्सचेंजों को वीडीए सेवा प्रदाता (VDA SP) कहा जाता है।
क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में बीते दो साल जैसे रोलर कोस्टर की सवारी रहे! 2023 से 2025 तक बाजार ने जबरदस्त उछाल देखा, जहां बिटकॉइन जैसी करेंसी ने नए रिकॉर्ड बनाए और पूरा मार्केट कैप 4 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर पहुंच गया। लेकिन उतार-चढ़ाव भी कम नहीं थे।
ED ने कर्नाटक, महाराष्ट्र और दिल्ली में एक साथ 21 ठिकानों पर छापेमारी की है। इस रेड में क्रिप्टो निवेश के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया गया है। आइए जानते हैं कि इस बारे में अब तक क्या पता लगा है।
बैंक के विश्लेषकों ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि क्रिप्टो बाज़ार में उतार-चढ़ाव भले ही सामान्य हो, लेकिन मौजूदा परिस्थितियाँ यह दर्शा रही हैं कि निवेश पोर्टफोलियो में बिटकॉइन की भूमिका पर अब पहले से अधिक दबाव और सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्रिप्टो मार्केट में लगातार हो रही गिरावट निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे। बिटकॉइन अचानक 35% तक टूट गया और इसके साथ ही पूरी क्रिप्टो मार्केट में ऐसी भगदड़ मची कि निवेशकों के 27 लाख करोड़ रुपये हवा हो गए।
दुनिया की क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में पिछले 24 घंटे किसी ब्लैक डे से कम नहीं रहे। निवेशकों की आंखों के सामने महज एक दिन में 17 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति हवा हो गई। क्रिप्टो मार्केट का हाल ऐसा था मानो किसी ने एक झटके में पूरी इमारत धराशायी कर दी हो।
क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में पिछले 6 हफ्तों में ऐसी हलचल हुई है जिसने निवेशकों को हिलाकर रख दिया है। कभी रिकॉर्ड हाई पर पहुंच चुका क्रिप्टो मार्केट अचानक ऐसी ढलान पर आ गया कि निवेशकों की जेब से लगभग 100 लाख करोड़ रुपये हवा हो गए।
पूरे क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में बुधवार को गिरावट का सिलसिला जारी रहा, जिससे अधिकांश प्रमुख कॉइन लाल निशान पर आ गए।
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजार में एक बार फिर हलचल देखने को मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन से आने वाले गुड्स पर 100% टैरिफ लगाने के ऐलान के बाद ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट में भारी गिरावट आई है।
क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में रविवार को एक नया इतिहास रचा गया। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin ने पहली बार 1,25,000 डॉलर के आंकड़े को छू लिया।
वित्त मंत्रालय ने बुधवार को जारी किए गए एक बयान में कहा कि इन VDA संस्थाओं को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के प्रावधानों के तहत भारत में अपने ऐप और वेबसाइट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने से रोकने का आदेश भी दिया गया है।
क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज कंपनी CoinDCX में बड़ी क्रिप्टोकरेंसी चोरी हुई है। हैकर्स ने कंपनी के वॉलेट से लगभग 44 मिलियन डॉलर की हेराफेरी की है।
साल 2025 की कुल क्रिप्टो चोरी में ByBit से की गई 1.5 अरब डॉलर की चोरी का एक बड़ा हिस्सा है। ये क्रिप्टो इतिहास की सबसे बड़ी हैकिंग भी थी।
डोनाल्ड ट्रंप ने 'जीनियस एक्ट' कानून बनाकर डिजिटल करेंसी में वैश्विक नेतृत्व का दावा किया है। उन्होंने BRICS को डॉलर की सत्ता चुनौती न देने की चेतावनी भी दी।
क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने वाले हो जाएं सावधान! कभी भी आपको इनकम टैक्स विभाग से नोटिस आ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को क्रिप्टोकरेंसी को विनियमित करने के लिए एक ‘स्पष्ट’ नीति तैयार करने का पिछले महीने निर्देश दिया था। न्यायालय ने अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव को भी रेखांकित किया था।
पाकिस्तान पर अमेरिकी प्रशासन का रुख इस बार इतना लचीला क्यों है, इस रहस्य से पर्दा उठ गया है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परिवार से जुड़ी एक सीक्रेट डील को इसकी वजह माना जा रहा है। लिहाजा ट्रंप -1 और ट्रंप-2 के कार्यकाल में पाकिस्तान के प्रति रवैये में जमीन-आसमान का फर्क है।
सोमवार को बिटकॉइन 76,881 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। जनवरी में, जिस दिन ट्रंप ने शपथ ली थी, उस दिन बिटकॉइन 110,000 डॉलर के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था।
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