बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर ईशनिंदा के झूठे आरोप लगाकर उनकी हत्या की जा रही है, हमले हो रहे हैं और उनकी जमीन हड़पी जा रही है। यह सनसनीखेज खुलासा बांग्लादेश के ही एक मानवाधिकार संगठन की रिपोर्ट में किया गया है।
International Human Rights Day पर जानिए पुलिस की सीमाएं क्या हैं, सोशल मीडिया कैसे आपके अधिकारों की रक्षा में बड़ा हथियार बन सकता है, EMI न चुका पाने पर धमकियों से कैसे बचना है और आखिर एक आम नागरिक अपने हक के लिए कौन-कौन से रास्ते अपना सकता है, पढ़िए सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट से हमारी बातचीत।
पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में हिंदू, ईसाई और अहमदिया अल्पसंख्यकों पर हिंसा, जबरन धर्म परिवर्तन और बाल विवाह के मामलों में खतरनाक स्तर तक वृद्धि हुई है। ईशनिंदा के झूठे आरोपों, भीड़ हिंसा और पुलिस की लापरवाही ने हालात और बिगाड़े हैं।
तालिबान शासन के 4 सालों में अफगानिस्तान में औरतों, अल्पसंख्यकों और मानवाधिकारों का गंभीर हनन हुआ है। महिलाओं की शिक्षा, रोजगार और आजादी पर पाबंदियां लगी हैं। अंतरराष्ट्रीय अदालतें कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। अफगान जनता तालिबान के सख्त शासन में सिसक रही है।
हरियाणा के मंडीखेडा सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। दरअसल यहां प्रसव के दौरान एक नवजात बच्चे का हाथ कट जाने के मामले में मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है।
इजरायल और ईरान एक-दूसरे पर हवाई हमले कर रहे हैं। दोनों ही देश रिहायशी इलाकों और सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बना रहे हैं। इजरायल के हमले में ईरान के लोगों की कितनी मौतें हुई हैं। इसकी जानकारी अमेरिकी मानवाधिकार संगठन ने दी है।
96 वर्षीय बुजुर्ग और उनकी 86 साल की पत्नी इलाज के अभाव में कराहते रहते हैं। उनके रोने की आवाज से सोसायटी में रहने वाले लोग भी परेशान हो चुके हैं। ऐसे में मानवाधिकार आयोग ने प्रशासन से बुजुर्ग की देखरेख करने के लिए कहा है।
गाजियाबाद पुलिस ने खुद को यूपी मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष बताने वाले शख्स को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल आरोपी खुद को यूपी मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष बताकर अलग-अलग जिलों के प्रशासन से सुरक्षा प्रोटोकॉल की मांग करता था। इस आरोप में उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
गाजा में मानवीय सहायता को लेकर संगठनों ने इजरायल पर गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इजरायल गाजा में मानवीय सहायता पहुंचने देने में विफल रहा है।
गाजा में लगातार हो रहे इजरायली हमलों में सैकड़ों लोग मारे जा रहे हैं। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों की भी मौत हो रही है। इसलिए सिंगापुर ने मानवीय आधार पर गाजा में युद्ध विराम की अपील की है।
हरियाणा के पानीपत से एक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। दरअसल अस्पताल में दाहिए पैर के घुटने की सर्जरी कराने गए एक शख्स के कथित तौर पर बाएं पैर का ऑपरेशन कर दिया गया है। इस पर अब मानवाधिकार आयोग ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है।
थानेदार ने कहा, ‘‘अमेरिका को भारत की शक्ति, उसकी आर्थिक शक्ति को पहचानना होगा और चीन की आक्रामकता का मुकाबला करने के लिए भारत ही सबसे अच्छा समाधान है। इसलिए मैं मजबूत भारत-अमेरिका संबंधों पर काम कर रहा हूं।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संदेशखाली में महिलाओं के उत्पीड़न और जमीन कब्जे के मामले में जांच और स्पॉट इन्क्वारी रिपोर्ट जारी की है। आयोग ने इसमें कई बड़े खुलासे और कई सिफारिशें की हैं।
विश्व उइगर कांग्रेस को वर्ष 2024 के लिए नोबेल शांति पुरस्कार के लिए चुना गया है। ऐसा दूसरी बार है, जब विश्व उइगर कांग्रेस को लगातार इस पुरस्कार के लिए नामित किया गया है। इससे पहले वर्ष 2023 में भी इस अधिकार संगठन को नोबेल के शांति पुरस्कार से नावाजा जा चुका है।
गाजा में मानवीय सहायता बढ़ाने के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक बड़े प्रस्ताव को अंगीकार किया है। यह प्रस्ताव संयुक्त अरब अमीरात की ओर से पेश किया गया था। 15 सदस्यीय इस मंच पर इसके पक्ष में 13 वोट पड़े और विरोध में किसी ने मतदान नहीं किया। यह प्रस्ताव पास होने से फिलिस्तीनी गदगद हो गए हैं।
चीन ने दुनिया भर के मुसलमानों को बड़ा झटका देते हुए देश भर में मस्जिदों को बंद करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। काफी लंबे समय से चीन इस प्रयास में था। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इसे इस्लाम पर प्रहार बताया है। अब तक किसी मुस्लिम देश ने चीन के इस कदम के खिलाफ कोई आवाज उठाने की हिम्मत नहीं दिखाई है।
ईरान में हिजाब के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर चर्चा में आई महसा अमीनी भले ही इस दुनिया में अब नहीं रही हों, लेकिन वह मुस्लिम महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए लड़ने का सलीका सिखा गईं। हिजाब के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजाने वाली अमीनी को अब मरणोपरांत मानवाधिकार के बड़े पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
अफगानिस्तान के शरणार्थियों को पाकिस्तान द्वारा जबरन निकाले जाने को लेकर संयुक्त राष्ट्र सख्त हो गया है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी देते कहा है कि इससे मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हो रहा है। इसे बर्बाद्श्त नहीं किया जा सकता। पाकिस्तान ने 17 लाख अफगानी नागरिकों को निष्काषित करने का ऐलान किया है।
सूडान में लगातार मानवाधिकारों का पतन होता गया है। इस दौरान सूडान में अत्याचार और अराजकता का बोलबाला है। इसी बीच मानवधिकार सूमूहों ने सूडान में इसके खिलाफ कदम उठाने को कहा हैे। साथ ही अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र से सूडानी नेताओं पर प्रतिबंध लगाने को कहा है।
बताया जा रहा है कि कुछ लोगों की जान मेडिकल सहायता न मिलने, दवा या भोजन जान-बूझकर न देने के कारण भी गई है।
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