केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले एक महीने से भी अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे तथा दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों की मुश्किलें रातभर हुई बारिश ने बढ़ा दीं। लगातार बारिश होने से आंदोलन स्थलों पर जलजमाव हो गया है।
दिल्ली में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाने से बुधवार को ठंड का प्रकोप बढ़ गया। मौसम विभाग के मुताबिक ठंडी हवाएं चलने से नववर्ष के पहले राष्ट्रीय राजधानी में ठिठुरन और बढ़ सकती है।
साल 2020 के जाते-जाते ठंड भी बढ़ती जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी मंगलवार को शीतलहर से ठिठुरती रही और न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिल्ली में अगले दो दिनों तक ठंडी हवाओं से लोगों को राहत नहीं मिलेगी।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सर्दी का दौर जारी है क्योंकि पिछले लगातार चार दिन से न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस के नीचे बना हुआ है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि दिल्ली में बुधवार सुबह शहर के कुछ हिस्सों में कोहरा छाने के साथ ही न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
देश के उत्तरी क्षेत्र में शुक्रवार को प्रचंड शीत लहर जारी है जिससे ठंड लगातार बढ़ रही है। देश की राजधानी दिल्ली में सर्दी के सारे रिकॉर्ड टूट रहे हैं। यहां पर पिछले 10 सालों में सबसे भयंकर सर्दी पड़ रही है।
दिल्ली में गुरुवार को मौसम का सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया, जिसके तहत पारा गिरकर 3.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार तक शीतलहर जारी रहने का अनुमान जताया है।
दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री रहा। पिछले 10 साल में पांचवीं बार दिसंबर में तापमान इतना नीचे गया है।
दिल्ली में सोमवार को पारे में भारी गिरावट देखी गई और अगर मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही साबित हुआ तो गुरुवार-शुक्रवार तक और गिरावट हो सकती है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार की सुबह न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो पिछले 14 साल में नवंबर महीने में सबसे कम है। मौसम विभाग ने इसकी जानकारी दी।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार की सुबह ठंड रही और न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री सेल्सियस रहा जो कि सामान्य से चार डिग्री कम था।
दिल्ली में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। पिछले 58 साल में इस बार अक्टूबर का महीना सबसे ठंडा महीना साबित हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि दिल्ली में 1962 के बाद पहली बार इस साल अक्टूबर सबसे ठंडा महीना रहा है।
दिल्ली के बाटला हाउस इलाके में रहने वाले एक परिवार का आरोप है कि शाहीन बाग और जामिया में पिछले 52 दिनों से चल रहे प्रदर्शन के दौरान ठंड लगने से उनके 4 महीने के बच्चे मोहम्मद जहान की मौत हो गई।
दिल्ली में कड़ाके की ठंड के साथ जबरदस्त कोहरे की मार पड़ रही है। विजिबिलिटी घटकर 25 मीटर से भी कम हो गया है। कुछ इलाकों में तो विजिबिलिटी 10 मीटर तक रह गया है। घने कोहरे का सीधा असर यातायात पर पड़ रही है।
पहाड़ों पर मौसम की तल्खी जारी है। कश्मीर से लेकर उत्तराखंड तक बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। पहाड़ बर्फबारी की वजह से भींग रहे हैं तो मैदानी इलाकों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि राजधानी दिल्ली में मौसम के इरादे बदल सकते हैं।
शनिवार को सुबह घने कोहरे के कारण दिल्ली हवाईअड्डे से चार विमानों का मार्ग परिवर्तित कर दिया गया। हवाईअड्डे के एक अधिकारी ने बताया कि विमान सीएटी 3 बी शर्तों के तहत उड़ान भर रहे हैं, जिसका मतलब है कि रनवे की दृश्यता सीमा 50 मीटर से 175 मीटर के बीच है।
दिल्ली में ठंड ने 118 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 1901 के बाद 2019 का दिसंबर का महीना सबसे सर्द महीना साबित हुआ और अब आज दिल्ली की ठंड ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। आज सुबह पारा 2.4 डिग्री तक लुढ़क गया है।
उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का कहर बरकरार है। दिल्ली में आज सुबह का न्यूनतम तापमान 4.2 दर्ज किया गया है जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है। 118 साल बाद सर्दी का नया रिकॉर्ड बन सकता है।
राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को भी भीषण ठंड का दौर जारी है। सुबह का तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है। मौसम विभाग के अनुसार, शहर में 1997 के बाद से अब तक दिसंबर के महीने में सबसे लंबी अवधि वाले और बेहद ठंडे दिन रिकॉर्ड किए गए हैं।
उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में बर्फीली हवाओं से राहत नहीं मिली और पारा नीचे गिरने से ठंड और बढ़ गई है। हाड़तोड़ ठंड के आगे लोग अब लाचार नजर आ रहे हैं। दिल्ली में भी ठंड का प्रकोप जारी है जहां 22 वर्षों में दूसरा सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
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