मौजूदा सरकार ने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत बनाने और पुराने कर्ज को चुकाने के लिए चीन, यूएई जैसे मित्र राष्ट्रों से 10.40 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता हासिल की है।
वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने त्योहारों के दौरान अक्टूबर-नवंबर में रिकार्ड 4.91 लाख करोड़ रुपए के कर्ज बांटे।
क्षेत्रीय निदेशक (पश्चिमी क्षेत्र) द्वारा प्रस्तुत निरीक्षण रिपोर्ट में बैंकों और अधिकारियों की भागीदारी शामिल नहीं है।
सरकार ने सितंबर में सरकारी बैंकों से कर्ज वितरण बढ़ाने और 400 जिलों में लोन मेला आयोजित करने के लिए कहा था
सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने सभी परिपक्वता अवधि के ऋण पर सीमांत लागत आधारित ब्याज दर (एमसीएलआर) में 0.05 प्रतिशत तक कटौती करने की शुक्रवार को घोषणा की।
प्राइवेट क्षेत्र के बड़े एचडीएफसी बैंक ने विभिन्न अवधि के लिए अपने मार्जिनल कॉस्ट लेंडिंग रेट (MCLR) में 10 बेसिस प्वाइंट यानी 0.10 फीसदी की कटौती की है।
वित्त मंत्री ने कहा है कि बैंकों के पास पर्याप्त नकदी है और यह सुनिश्चित किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं कि बड़ी कंपनियों की तरफ से एमएसएमई को उनका बकाया जल्द से जल्द जारी कर दिया जाए।
बैंक देशभर के 250 जिलों में गुरुवार से 'लोन मेले' के प्रथम चरण की शुरुआत करेंगे। खुदरा ग्राहकों और लघु एवं मध्यम उद्योगों को तेजी से ऋण उपलब्ध कराने के लिए मेले के दौरान बैंक विशेष अभियान चलाएंगे ताकि त्यौहारी मौसम की मांग को पूरा किया जा सके।
आईएमएफ ने जुलाई में 39 माह के ऋण कार्यक्रम को मंजूरी दी थी। उस समय छह अरब डॉलर के कुल ऋण कार्यक्रम में से 99.14 करोड़ डॉलर की पहली किस्त जारी की गई थी।
1 अक्टूबर 2019 से देशभर में कई नए नियम लागू हो जाएंगे, जिसका आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। बैंकिंग, ट्रांसपोर्टिंग, जीएसटी रेट, कॉर्पोरेट टैक्स, प्लास्टिक के प्रयोग समेत कई चीजें बदल जाएंगी।
बैंकों को कर्ज देने के इरादे के साथ 29 सितंबर से पहले 200 जिलों में एनबीएफसी और खुदरा कर्जदारों के साथ खुली बैठक करने को कहा गया है।
गोयल ने यह भी कहा कि हालांकि, कुल निर्यात 2018-19 में 537 अरब डॉलर रहा, लेकिन भारत को अगले पांच साल में 1,000 डॉलर का निर्यात हासिल करना होगा।
डेयरी खोलने के लिए बिजनेस लोन पाने में असफल रहे यूपी के एक किसान ने एक खास हथकंडा अपनाया है। किसान ने सोशल मीडिया के साथ ही शहर भर में 'किडनी बिकाऊ है' के पोस्टर लगा दिए।
देश के सबसे बड़े ऑनलाइन लेंडिंग प्लेटफॉर्म को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2018 में लॉन्च किया था। इसका उद्देश्य एमएसएमई के लिए ऋण और बैंकिंग को पारदर्शी और बाधा रहित बनाना है।
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बाद शुक्रवार को बैंक ऑफ इंडिया, सिंडिकेट बैंक, आंध्र बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, केनरा बैंक आदि ने कर्ज की मानक ब्याज दरों में 0.10 से 0.30 प्रतिशत तक की कटौती करने की घोषणा की।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को कहा कि पिछली तीन मौद्रिक समीक्षाओं के दौरान नीतिगत ब्याज दरों में कुल 0.75 प्रतिशत की कटौती की गयी लेकिन बैंकों ने इस दौरान अब तक ग्राहकों को कर्ज पर ब्याज में कुल 0.29 प्रतिशत की कमी का ही लाभ दिया है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में कटौती करने के बाद देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने अपने ग्राहकों को तोहफा दिया है। एसबीआई ने सभी अवधि के कर्ज पर ब्याज दर 0.15 प्रतिशत घटायी है।
यह लगातार चौथा मौका है जब रिजर्व बैंक ने रेपो दर में कटौती की है। इस कटौती के बाद रेपो दर 5.40 प्रतिशत रह गयी है। रिजर्व बैंक की ओर से रेपो दर में इस कटौती के बाद बैंकों पर कर्ज और सस्ता करने का दबाव बढ़ गया है।
अगर आप भी कारोबार, पढ़ाई, मेडिकल बिल, घूमने, शादी, पर्सनल किसी काम या घर खरीदने के लिए बैंक से लोन लेना चाहते हैं तो आपको कुछ खास बातों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।
हम आपको उन पाठ्यक्रम से अवगत करते हैं जिसमें बच्चों को Education loan मिल सकता है।
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