बंधन निफ्टी अल्फा लो वोलैटिलिटी 30 इंडेक्स फंड अधिक जोखिम वाले निवेशकों के लिए डिजाइन किया गया है, जो एक प्रभावशाली, मल्टी-फैक्टर रणनीति के साथ अपने पोर्टफोलियो को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। यह उन लोगों के लिए है जो लॉन्गटर्म वेल्थ क्रिएशन, डायविर्सीफिकेशन और ग्रोथ क्षमता चाहते हैं।
सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) में निवेश 26,459 करोड़ रुपये रहा, जो नवंबर में 25,320 करोड़ रुपये था। एसआईपी प्रबंधन के तहत एसेट 13.63 लाख करोड़ रुपये रहीं, जो कुल का लगभग पांचवां हिस्सा है।
ईएलएसएस यानी इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम है। ये फंड 3 साल के लॉक-इन पीरियड के साथ आते हैं। इन्हें टैक्स सेवर फंड कहा जाता है क्योंकि इनमें इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स बचाया जा सकता है।
म्यूच्युअल फंड हाउस स्कीम को रन करने के लिए लगने वाले चार्जेस को पूरा करने के लिए एक्सपेंस रेश्यो लेते हैं। इसमें कई तरह के चार्ज शामिल होते हैं।
एनपीएस पोर्टफोलियो इक्विटी, सरकारी बॉन्ड्स, कॉर्पोरेट बॉन्ड्स और अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स जैसे विभिन्न एसेट क्लास में इन्वेस्ट करता है।
सिप के तहत हर महीने एक तय रकम किसी म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) में निवेश किया जाता है। हालांकि, ये बात कम ही लोग जानते हैं कि एसआईपी भी कई तरह की होती है।
Mutual Fund SIP : एसआईपी शुरू करने से पहले फाइनेंशियल गोल फिक्स करें। फाइनेंशियल गोल्स निर्धारित करना एक निवेशक के लिए उनकी यात्रा में एक प्रेरक शक्ति के रूप में कार्य करता है।
अगर आप 10,000 रुपये की एसआईपी करते हैं तो 10 साल में आपका कुल निवेश 12,00,000 रुपये हो जाएगा। अगर आपको हर साल औसतन 12 प्रतिशत का अनुमामित रिटर्न मिलता है तो आप 10,000 रुपये की एसआईपी से 10 साल में करीब 23.23 लाख रुपये का फंड तैयार कर सकते हैं।
आदित्य बिड़ला सन लाइफ पीएसयू इक्विटी फंड ने साल 2024 में -11.13 की XIRR के साथ नेगेटिव रिटर्न दिया है। अगर किसी निवेशक ने इस स्कीम में जनवरी 2024 से 10,000 रुपये की एसआईपी की होती तो साल के आखिर में उसके फंड की वैल्यू घटकर 1,02,955.77 रुपये हो जाती, जबकि उसने कुल 1,20,000 रुपये का निवेश किया था।
Investment Tips: अपनी कमाई के एक हिस्से को हमेशा बैंक अकाउंट में रखें, जिससे आपको पैसों की तत्काल जरूरत पड़ने पर इंस्टैंट मदद मिल सके। बैंक अकाउंट में रखे पैसे आपको जबरदस्त लिक्विडिटी प्रदान करते हैं।
बुल मार्केट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले म्यूचुअल फंड, बियर मार्केट में भारी गिरावट का सामना कर सकते हैं। इसलिए फंड का प्रदर्शन को एकमात्र निवेश का आधार नहीं बनाना चाहिए।
निफ्टी रूरल इंडेक्स का लक्ष्य निफ्टी 500 सूचकांक से शेयरों के प्रदर्शन को ट्रैक करना है, जो ग्रामीण विषय का प्रतिनिधित्व करते हैं। पात्र बुनियादी उद्योगों के सबसे बड़े 75 शेयरों का चयन 6 महीने के औसत फ्री-फ्लोट बाजार पूंजीकरण के आधार पर किया जाता है।
मल्टी एसेट फंड एक संपूर्ण पोर्टफोलियो बनाने के लिए वन-स्टॉप सॉल्यूशन प्रदान करते हैं। एसेट क्लास में संतुलित आवंटन से जोखिम कम होते हैं, जिससे लगातार और स्थिर रिटर्न सुनिश्चित हो पाता है।
अगर आपके पास इक्विटी बेस्ड म्यूचुअल फंड यूनिट्स हैं तो आपको तुलनात्मक रूप से लोन के रूप में कम पैसे मिलेंगे। लेकिन आपके पास अगर डेट बेस्ड म्यूचुअल फंड यूनिट्स हैं तो आपको ज्यादा लोन मिल सकता है। आइए अब म्यूचुअल फंड पर मिलने वाले इंस्टैंट लोन के कुछ बड़े फायदे और नुकसान के बारे में भी जान लेते हैं।
स्टॉक मार्केट में गिरावट के इस दौर में भी ऐसी कई म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं, जिन्होंने पिछले एक साल में ताबड़तोड़ रिटर्न दिया है। आज हम यहां उन ELSS म्यूचुअल फंड स्कीम्स के बारे में जानेंगे, जिन्होंने पिछले एक साल में निवेशकों को मालामाल कर दिया है।
एसआईपी से मिलने वाला रिटर्न कई अहम बातों पर निर्भर करता है जैसे कि आप हर महीने कितने रुपये का निवेश कर रहे हैं, कितने साल के लिए निवेश कर रहे हैं और आपको हर साल किस दर से रिटर्न मिल रहा है?
बाजार में जारी इस गिरावट के बीच निवेशकों के म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो पर भी काफी बुरा असर देखने को मिला है। हालांकि, इस बीच ऐसी कई म्यूचुअल फंड स्कीम्स रहीं, जिन्होंने निवेशकों के पोर्टफोलियो को काफी हद तक मेनटेन रखने में अहम भूमिका निभाई।
Mutual Funds Tips : फंड का चयन करते समय यह देखना काफी अहम है कि उसने पहले कैसा परफॉर्म किया है। विभिन्न समय सीमा में फंड के रिटर्न की जांच करें। इससे आपको फंड की स्टेबिलिटी और विभिन्न बाजार स्थितियों में परफॉर्मेंस के बारे में जानकारी मिलेगी।
अगर आपने फंड से अपना टारगेट पूरा कर लिया है, तो आप इसे भुनाने पर विचार कर सकते हैं। दूसरी तरफ, अगर नहीं, तो आपको तब तक निवेश बनाए रखना चाहिए जब तक कि यह हासिल न हो जाए।
AMFI के आंकड़ों के मुताबिक हीलिऑस फ्लेक्सी कैप फंड के डायरेक्ट प्लान ने पिछले 1 साल में 34.14 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। इस स्कीम में 1 साल पहले 1 लाख रुपये का एकमुश्त निवेश किया जाता तो आज वो पैसा बढ़कर 1,34,140 रुपये हो जाता।
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