अगर आप रिटायरमेंट के बाद एक स्थिर आय स्रोत चाहते हैं, तो ये फंड एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। अगर आप शेयर बाजार में निवेश करना चाहते हैं, लेकिन बहुत ज़्यादा जोखिम उठाए बिना, तो ये फंड आपके लिए सही हो सकते हैं।
तेजी से बढ़ते बाजार में फंड का इक्विटी हिस्सा असाधारण रिटर्न देता है, जबकि बाजार में गिरावट के समय डेट एक कुशन के रूप में कार्य करता है, जिससे पोर्टफोलियो के डाउनसाइड की सुरक्षा होती है।
SIP calculator: फाइनेंशियल एक्सपर्ट का कहना है कि 250 रुपये की सिप कम कमाई वाले और युवा निवेशकों के लिए बेस्ट है। मौजूदा समय में 250 की बचत करना कोई बड़ी बात नहीं है।
Mutual Fund Investment : म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एयूएम नवंबर 2024 तक 2024 में 68 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया। दिसंबर 2023 में एयूएम 50.78 लाख करोड़ रुपये था। इसका मतलब है कि इस अवधि में एयूएम में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
भारत में आज भी निवेशकों का एक बड़ा तबका बैंक एफडी को सबसे सुरक्षित निवेश मानता है। मौजूदा समय में देश के तमाम बैंक एफडी पर शानदार ब्याज दे रहे हैं। एफडी पर वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य नागरिकों की तुलना में 0.50 प्रतिशत ज्यादा ब्याज मिलता है। बताते चलें कि बैंक एफडी पर निवेशकों को एक फिक्स्ड रिटर्न मिलता है।
जो निवेशक लंबे समय से एसआईपी में निवेश कर रहे हैं, उनके पोर्टफोलियो पर बहुत ज्यादा बुरा असर नहीं पड़ा है। आज हम आपको एक ऐसी म्यूचुअल फंड स्कीम के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने सिर्फ 10,000 रुपये की एसआईपी को 25 साल में 5.31 करोड़ रुपये का फंड बना दिया।
फरवरी 2025 में लाल निशान में रहने वाले बाकी म्यूचुअल फंड्स ने निवेशकों को 0.15 प्रतिशत से लेकर 14.93 प्रतिशत तक का नेगेटिव रिटर्न दिया है। वहीं दूसरी ओर, फायदे में रहने वाले फंड्स ने फरवरी में अपने निवेशकों को 0.59 प्रतिशत से लेकर 27.41 प्रतिशत तक का पॉजिटिव रिटर्न दिया है।
म्यूचुअल फंड निवेशकों को बाजार में बड़ी गिरावट से भारी नुकसान हुआ है। हालांकि, कई ऐसे फंड हैं, जिसने इस टूटते बाजार में भी पॉजिटिव रिटर्न दिया है।
पिछले 5 साल में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले मिड कैप म्यूचुअल फंड्स की लिस्ट में क्वांट मिड कैप फंड पहले स्थान पर है। इस फंड के डायरेक्ट प्लान ने पिछले 5 साल में 29.52 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
जो निवेशक पिछले लंबे समय से एसआईपी में निवेश कर रहे हैं, उनके पोर्टफोलियो पर इसका बहुत खास असर नहीं पड़ा है। आज हम आपको एक ऐसी म्यूचुअल फंड स्कीम के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने सिर्फ 10,000 रुपये की एसआईपी को 25 साल में 8.47 करोड़ रुपये का फंड बना दिया।
शेयर बाजार में पिछले कई महीनों से चल रही इस गिरावट की वजह से निवेशकों के स्टॉक पोर्टफोलियो के साथ-साथ उनका म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो भी नहस-नहस हो गया है। हालांकि, कुछ फंड्स ने इस ताबड़तोड़ गिरावट में भी निवेशकों के पोर्टफोलियो को काफी हद तक संभालकर रखे हुए हैं।
एसआईपी लंबी अवधि का निवेश प्लान है। इसलिए बिना तरीख का ख्याल रखें निवेश करते रहें। मोटा रिटर्न बनना तय है।
भारत में निवेशकों के बीच म्यूचुअल फंड काफी पॉपुलर है। पिछले कुछ सालों में SIP के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले तेजी से बढ़े हैं। वहीं, अमेरिका में ईटीएफ निवेशकों के बीच पहली पसंद है। आइए जानते हैं कि ऐसा क्यों?
फाइनेंशियल एक्सपर्ट का कहना है कि लंबी अवधि में म्यूचुअल फंड एक बेहतरीन विकल्प है। ऐसा इसलिए कि आप इसमें SIP के जरिये निवेश कर लंबी अवधि में बड़ा कॉर्पस बना सकते हैं।
एनपीएस, एसडब्लूपी या पीपीएफ तीने अलग-अलग लाभ प्रदान करते हैं, लेकिन सही विकल्प चुनना आपके लक्ष्यों पर निर्भर करता है। इसलिए किसी भी इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट में निवेश से पहले अपना लक्ष्य जरूर तय करें और फिर निवेश शुरू करें।
घरेलू म्यूचुअल फंड की कुल नकदी होल्डिंग दिसंबर 2024 में 4.52 प्रतिशत के मुकाबले जनवरी 2025 में बढ़कर 5.62 प्रतिशत हो गई। महीने-दर-महीने आधार पर शुद्ध नकदी होल्डिंग 3.02 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले बढ़कर 3.75 लाख करोड़ रुपये हो गई।
शेयर बाजार में लगातार गिरावट से म्यूचुअल फंड निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है। बाजार टूटने से उनके पोर्टफोलियो का मूल्य घट गया है। इससे वे चिंतित हैं।
सेंसेक्स ने 27 सितंबर को 85,978.25 अंकों का लाइफटाइम हाई अचीव किया था तो निफ्टी 50 ने भी इसी दिन 26,277.35 अंकों का अपना लाइफटाइम हाई टच किया था। हालांकि, शेयर बाजार में जारी गिरावट से आम निवेशक तंग आने लगे हैं और वे निवेश के लिए कोई ऐसा प्लान देख रहे हैं, जहां शेयर बाजार जैसा रिस्क न हो।
मिड कैप शेयरों में जारी विनाशकारी गिरावट को देखते हुए 6 म्यूचुअल फंड ने 9 अलग-अलग मिड कैप स्टॉक्स से पैसा निकाल लिया है। एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने जनवरी में टाटा केमिकल्स के 37.17 शेयरों को बेचकर पैसा निकाल लिया। एसबीआई म्यूचुअल फंड ने पर्सिस्टेंट सिस्टम के करीब 1.52 लाख शेयर बेच दिए हैं।
फाइनेंशियल एक्सपर्ट का कहना है कि जब आप अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाना चाहते हैं, तो सोने में निवेश करना एक बढ़िया विकल्प है, क्योंकि शेयर बाजार में गिरावट का आमतौर पर सोने की कीमतों में गिरावट नहीं होती है। इसके साथ ही एफडी और पीपीएफ में भी निवेश करना फायदेमंद होता है।
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