Thackeray Brothers Politics: राज ठाकरे के एक कदम से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मच गई है। दरअसल, उनकी पार्टी ने चुनाव तो उद्धव ठाकरे के साथ मिलकर लड़ा लेकिन अब वे कल्याण-डोंबिवली में शिंदे सेना का समर्थन करने जा रहे हैं।
मातोश्री के बाहर ठाकरे गुट की शिवसेना ने "बाप तो बाप होता है" का पोस्टर लगाया है। बीएमसी चुनाव के नतीजे आने के बाद मातोश्री के बाहर ये पोस्टर लगाया गया है।
BMC चुनाव भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के गठबंधन की जीत हुई है। हालांकि, एक समीकरण ऐसा भी है जिसमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी का मेयर भी बन सकता है। शायद इसी कारण उद्धव की पार्टी ने 'भगवान की मर्जी' वाला बयान दिया है।
मुंबई बीएमसी में महायुति के मिली महाविजय के बाद बीजेपी का मेयर बनना तय है। हालांकि, इसे लेकर मुंबई में सस्पेंस लगातार बरकरार है। अब राज्य के डिप्टी सीएम और शिवसेना पार्टी के प्रमुख एकनाथ शिंदे ने मेयर पद को लेकर बड़ा बयान दिया है।
बीएमसी चुनावों में हार के बाद शिवसेना यूबीटी की तरफ से पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। शिवसेना यूबीटी ने साफ कहा है कि मराठी समुदाय को जब तक उसका वह सम्मान वापस नहीं मिल जाता, जिसका वो हकदार है, तब तक ये लड़ाई जारी रहेगी।
बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव का रिजल्ट सामने आया है जिसमें अबतक भाजपा गठबंधन बड़ी जीत की तरफ अग्रसर है और भाजपा सबसे आगे है। ऐसे में ठाकरे के इस किले पर 45 साल में पहली बार भाजपा का कब्जा होने जा रहा है। ऐसे में कौन होगा मेयर?
शिवसेना यूबीटी के लिए मुंबई समेत 29 नगर निगमों का चुनाव बेहद अहम था। खासकर उद्धव ठाकरे पर BMC में 25 साल पुराना दबदबा बनाए रखने का दारोमदार था लेकिन उद्धव ने एक 'गलती' की और बीएमसी में उनका पूरा किला ढह गया।
जनता रोज़ रोज़ मराठी बनाम गैर-मराठी, हिंदू बनाम मुसलमान, भारत बनाम पाकिस्तान जैसे मसलों पर नेताओं की बकझक से तंग आ चुकी है। उसे सुशासन चाहिए, ज़मीनी स्तर पर अपने शहर में स्वच्छ पानी, साफ सुथरी सड़क, अच्छे स्कूल, सुगम परिवहन जैसी सुविधाएं चाहिए।
BMC में ठाकरे ब्रदर्स की हार पर चुटकी लेते हुए निशिकांत दुबे ने X पर लिखा है, ''मंबई आकर उद्धव ठाकरे जी तथा राज ठाकरे जी से मिलूंगा।'' जानिए इसके पीछे का पूरा विवाद क्या है
महाराष्ट्र महापालिका के 29 शहरों में हुए चुनाव के रिजल्ट आज घोषित हो रहे हैं। इस चुनाव के लिए साथ आए ठाकरे ब्रदर्स का जादू अब लगता है खत्म हो गया है। राज ठाकरे की मनसे 22 शहरों में जीरो पर आउट हो गई है। जानें क्या है वजह?
महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनाव के परिणाम सामने आ रहे हैं। सुबह 10 बजे महाराष्ट्र की 29 महानगर पालिकाओं में वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है जिसमें भाजपा+ काफी आगे हैं। अब BMC के परिणाम पर शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने बयान दिया है।
BMC Election Results 2026: महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव के परिणाम सामने आए हैं। राज्य की सबसे अहम महानगरपालिका BMC में भाजपा और शिवसेना के गठबंधन ने बढ़त बनाकर बहुमत हासिल कर लिया।
महाराष्ट्र में 29 नगर निकायों के लिए आज सुबह से मतदान जारी है, बीएमसी के चुनाव के लिए जारी मतदान के बीच उद्धव ठाकरे और सीएम फडणवीस के बीच उंगली में लगाई जाने वाली स्याही को लेकर बयानबाजी हुई है। अब महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने जवाब दिया है। जानें क्या कहा?
उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि बीजेपी और उनके सहयोगियों ने फर्जी और डुप्लीकेट मतदाताओं की व्यवस्था कर दी है, जिससे ईवीएम का खेल सफल हो सके।
बीएमसी चुनाव के लिए गुरुवार (15 जनवरी 2026) को वोटिंग होगी। इससे पहले मुंबई में उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी की प्रमुख मुस्लिम महिला चेहरा साजिदा शेख ने अंतिम समय में भाजपा का दामन थाम लिया है। जानें कौन हैं साजिदा शेख?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने बीएमस चुनाव में महायुति की जीत का दावा किया। दोनों ने ठाकरे बंधुओं (उद्धव और राज ठाकरे) पर जमकर निशाना साधा और कहा कि मराठी मानुष का अस्तित्व नहीं उनका (उद्धव-राज) अस्तित्व खतरे में है।
बीएमसी चुनाव से पहले एक इंटरव्यू में राज ठाकरे ने कहा है कि मैं मंदिर में माथा झुकाउंगा लेकिन गंगा का पानी नहीं पिऊंगा। ठाकरे ने मराठी मुसलमान के मुद्दे पर भी बयान दिया है।
महराष्ट्र में हो रहे 29 महानगरपालिकाओं के चुनावों के लिए नामांकन के बाद बड़े पैमाने पर नामवापसी के परिणामस्वरूप बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति के 68 पार्षद निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। इसके खिलाफ राज ठाकरे के नेतृत्ववाली MNS लंबी कानूनी लड़ाई की तैयारी कर रही है।
महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर हलचल तेज होती जा रही है। राज्य की कुल 29 महानगरपालिकाओं के लिए 15 जनवरी को मतदान होना है जबकि नतीजे 16 जनवरी को आएंगे। इन चुनावों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल के बारे में जानने के लिए हमारे साथ बने रहें।
बीएमसी चुनाव में 87 सीटों पर ठाकरे बंधुओं और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच सीधी लड़ाई है। इनमें ज्यादातर मराठी इलाके हैं।
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