आज से पहले रुपये ने बीते 16 दिसंबर 2025 को 91.14 ऑल टाइम लो का रिकॉर्ड बनाया था। बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में बिकवाली ने भारतीय रुपये को कमजोर किया है।
घर-घर में पाए जाने वाले अप्लायंस टीवी को लेकर एक ऐसी खबर आई है कि ये आपकी चिंता बढ़ा सकती है।
अब खबर आ रही है कि टीवी और स्मार्टफोन दोनों के दाम में जोरदार इजाफा देखा जा सकता है और इसके पीछे दो खास वजह हैं जिनके बारे में आपको जान लेना चाहिए।
FPI ने इससे पहले जून में 14,590 करोड़ रुपये, मई में 19,860 करोड़ रुपये और अप्रैल में 4,223 करोड़ का निवेश किया था।
डोनाल्ड ट्रंप ने 'जीनियस एक्ट' कानून बनाकर डिजिटल करेंसी में वैश्विक नेतृत्व का दावा किया है। उन्होंने BRICS को डॉलर की सत्ता चुनौती न देने की चेतावनी भी दी।
दुनिया की छह प्रतिस्पर्धी मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 100.38 पर आ गया।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार मजबूत हो रहा है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है।
रुपये में मजबूती से भारत को आयात करना सस्ता होगा। इससे महंगाई कम करने में मदद मिलेगी। विदेश जाना और पढ़ाई करने का खर्च कम होगा। निवेशकों का भरोसा भारतीय अर्थव्यव्स्था पर बढ़ेगा।
वित्त वर्ष 2025 (जुलाई-मार्च) के पहले नौ महीनों में रेमिटेंस 28.07 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। यह एक साल पहले समान अवधि में 21.04 अरब अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 33 प्रतिशत की वृद्धि है।
डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने 21 मार्च को समाप्त सप्ताह में 1,794 करोड़ रुपये (19.4 करोड़ डॉलर) के शेयर बेचे हैं।
USD to INR exchange rate : पिछले पांच दिन तक सीमित दायरे में रहने के बाद भारतीय रुपये में मजबूती आई है। विदेशी बैंकों की डॉलर बिकवाली से रुपये में यह तेजी आई है।
जानकार का कहना है कि हम मौद्रिक नीति का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें बाजार अनुमान लगा रहा है कि आरबीआई 25 आधार अंकों की कटौती करेगा, लेकिन कमजोर रुपये के साथ आरबीआई को मुद्रास्फीति अनुमानों पर सतर्क रहने और अपने दृष्टिकोण में आक्रामक होने की जरूरत है।
आरबीआई की तरफ से रेपो रेट में कटौती की चिंताओं और विदेशी बाजार में अमेरिकी करेंसी की व्यापक मजबूती ने भी निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित किया है।
डोनाल्ड ट्रंप के कनाडा और मेक्सिको पर 25 प्रतिशत और चीन पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने से व्यापक व्यापार युद्ध की आशंका तेज हो गई है। इसका असर भारतीय मुद्रा पर देखा गया।
डॉलर पर छपे तस्वीर की तह दिखने वाले एक आदमी का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहे आदमी का चेहरा हूबहू डॉलर में छपे नोट पर व्यक्ति की तस्वीर से मेल खा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका की इकोनॉमी में मजबूती से डॉलर में जबरदस्त तेजी आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आयात पर शुल्क बढ़ाने की मंशा जताई है। इस वजह से भी दुनियाभर के मुद्रा कारोबारियों के बीच डॉलर की मांग बढ़ी है।
भारत का तेल आयात, जिसकी कीमत ज्यादातर डॉलर में होती है, रुपये के मूल्यह्रास के चलते काफी महंगा हो सकता था, हालांकि, ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 5 प्रतिशत की गिरावट से इसका असर कम हो गया है, जो दिसंबर 2023 में 77 डॉलर प्रति बैरल से 73 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस के राष्ट्रपति पुतिन के एक ऐलान से परेशान हो उठे हैं। दरअसल कुछ समय पहले ब्राजील में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन ने इसके सदस्य देशों को डॉलर की बजाय अपनी मुद्रा में व्यापार करने को विचार के लिए कहा था।
घरेलू बाजारों में बिकवाली और विदेशी कोषों की लगातार निकासी के चलते रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भी रुपये पर दबाव पड़ा।
इजरायल ने दावा किया है कि बेरूत में उसे हिजबुल्लाह का गुप्त खजाना मिला है। ये खजाना एक अस्पताल के नीचे था, जहां डॉलर और सोना देखकर आंखें फटी रह जाएंगी। देखें वीडियो
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