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21 दिन गेहूं की रोटी न खाने से शरीर में क्या फर्क आएगा? हेल्थ एक्सपर्ट से जानें इसके फायदे

Avoid Wheat Roti For 21 Days:ज्यादातर भारतीय घरों में गेहूं के आटे की रोटी खाई जाती है। खास नॉर्थ इंडिया में। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 21 दिनों तक गेहूं छोड़ने से शरीर में क्या क्या फायदे हो सकते हैं। चलिए हेल्थ एक्सपर्ट से जानते हैं इसके फायदे।

Written By: Ritu Raj
Published : Oct 19, 2025 08:09 am IST, Updated : Oct 19, 2025 08:10 am IST
21 दिन गेहूं की रोटी न खाने से शरीर में क्या फर्क आएगा- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK 21 दिन गेहूं की रोटी न खाने से शरीर में क्या फर्क आएगा

Avoid Wheat Roti For 21 Days: गेहूं के आटे की रोटी लगभग हर घर में बनाई जाती है। इसकी रोटियां लोग सालों से खा रहे हैं। गेहूं भले ही पौष्टिक गुणों से भरपूर होता है लेकिन इसे खाने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होती है। लेकिन क्या आपको मालूम है कि गेहूं में ग्लूटेन होता है और भारत में कई सारे लोगों को ग्लूटन से बनी चीजे पचाने में काफी दिक्कत होती है। ऐसे में डॉक्टर तरंग कृष्ण ने बताया है कि 21 दिनों तक गेहूं छोड़ने से शरीर को क्या क्या फायदे मिलते हैं।

क्या कहते हैं डॉ तरंग

डॉक्टर तरंग का कहना है कि गेहूं में ग्लूटेन होता है। पहले के जमाने में मिलने वाले गेहूं छिलके के साथ आते थे, लेकिन अब बिना छिलके वाले गेहूं बाजार में बिकते हैं। बाजार में मिलने वाले गेहूं जेनेटिकली मॉडिफाइड ओरिजिन है। ऐसे में ग्लूटेन छोड़ने से शरीर में कई तरह के फायदे दिखते हैं। चलिए जानते हैं ग्लूटेन छोड़ने से शरीर को क्या क्या फायदे मिलते हैं।

21 दिनों तक गेहूं न खाने के फायदे

वजन कम करने में सहायक

गेहूं की रोटी छोड़ने और उसकी जगह कम कैलोरी वाले या साबुत अनाज (जैसे बाजरा, ज्वार, रागी) को अपनाने से कैलोरी का सेवन कम हो सकता है और वजन घटाने में मदद मिल सकती है।

पाचन में सुधार

कुछ लोगों को गेहूं में मौजूद ग्लूटेन के कारण गैस, पेट फूलना (ब्लोटिंग), अपच या कब्ज जैसी पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं। 21 दिन तक गेहूं न खाने से इन समस्याओं में कमी आ सकती है और पाचन तंत्र को आराम मिल सकता है।

ब्लड शुगर लेवल करे कंट्रोल

गेहूं में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है, जो ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकता है। इसे डाइट से हटाने से ब्लड शुगर के स्तर को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है, खासकर मधुमेह के रोगियों के लिए।

सूजन और एलर्जी में कमी

कुछ लोगों में गेहूं का सेवन शरीर में सूजन या एलर्जी की प्रतिक्रिया को ट्रिगर कर सकता है। गेहूं को छोड़ने से जोड़ों के दर्द या त्वचा संबंधी समस्याओं (जैसे मुंहासे, एक्ने) में कमी आ सकती है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

 

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