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लेते हैं रोजाना इतने घंटे की नींद तो आपको होंगे ये फायदे, जानिए कैसे

कम नींद लेना हमारे लिए कई बीमारी की जड़ हो सकती है। इसलिए जब भी आपको नींद से जुड़ी कोई प्रॉब्लम हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए, नहीं तो आगे जाकर आपके लिए प्रॉब्लम हो सकती है।

Written by: India TV Lifestyle Desk
Published : Apr 25, 2018 12:14 pm IST, Updated : Apr 25, 2018 12:14 pm IST
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हेल्थ डेस्क: कम नींद लेना हमारे लिए कई बीमारी की जड़ हो सकती है। इसलिए जब भी आपको नींद से जुड़ी कोई प्रॉब्लम हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए, नहीं तो आगे जाकर आपके लिए प्रॉब्लम हो सकती है।

उम्र का संबंध सोने और जागने के समय से भी जुड़ा है, जिसका खुलासा ब्रिटेन में हुए एक शोध से हुआ है। ब्रिटेन में 38 से 73 साल के 4 लाख 30 हजार लोगों पर किए गए एक शोध में यह बात सामने आई है कि जो लोग देर रात तक जागते हैं और सुबह देर तक सोते रहते हैं, उनमें जल्दी सोने और जल्दी जागने वालों की तुलना में मरने की आशंका 10 प्रतिशत अधिक होती है। यानी जो लोग देर रात तक बिस्तर से दूर रहते हैं और सुबह देर तक सोते रहते हैं, वे जल्दी सोने वालों की तुलना में कम जीते हैं। 

इंग्लैंड की सरे (surrey) यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता मैल्कम वैन शेंटज कहते हैं कि यह लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मसला है और इसे अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वहीं, शिकागो की नॉर्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता और रिपोर्ट के सह-लेखक क्रिस्टन कुनटसन का कहना है कि रात में जागने वालों में शारीरिक समस्याएं भी अधिक होती हैं। 

शोध में शामिल करीब 27 प्रतिशत लोगों ने खुद को पूरी तरह से सुबह काम करने वाला व्यक्ति बताया, 35 प्रतिशत ने खुद को ज्यादा काम सुबह तो कुछ काम शाम में करने वाला बताया। 28 प्रतिशत लोगों ने बताया कि वे शाम में ज्यादा और सुबह कम काम करते हैं, जबकि 9 प्रतिशत लोग पूरी तरह से खुद को शाम में काम करने वाला व्यक्ति मानते हैं। शोध में इन लोगों के वजन, धूम्रपान की आदत, सामाजिक-आर्थिक स्थिति को भी सूचीबद्ध किया गया। 

पिछले कई सालों से चल रहे इस शोध में साढ़े छह साल के दौरान इन 4 लाख 30 हजार लोगों में से हुई मौतों का विवरण भी तैयार किया गया। इस दौरान कुल 10 हजार 500 मौतें सामने आईं। अनुसंधानकर्ताओं ने देखा कि जो समूह रात को जागता है, उनमें मृत्यु की आशंका, सुबह उठने वाले समूह से 10 प्रतिशत अधिक है। 

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