किसी बैंक में एफडीआई बढ़ाने का मतलब है विदेशी निवेश को बढ़ावा देना ताकि बैंक मजबूत हों, लेकिन साथ ही सरकारी नियंत्रण संतुलित बना रहे।
सरकारी बैंकों में आज नकद लेन-देन, चेक क्लीयरेंस और प्रशासनिक कार्यों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग सुचारू रूप से जारी रहेंगी।
भारतीय स्टेट बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में 20,160 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 10 प्रतिशत ज्यादा है।
वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने कहा कि डीएफएस कंपनियों को उनके अच्छी तरह बढ़ जाने के बाद लिस्ट करना चाहेगा।
जून 2025 में पब्लिक सेक्टर बैंकों का होम लोन बाजार में हिस्सा 46.2% तक पहुंच गया, जबकि प्राइवेट बैंक की और कम हो गई। इसके अलावा, अनसिक्योर्ड लेंडिंग जैसे पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड में ग्रोथ में कमी आई है।
होम लोन को लेकर सबसे पहले यह समझ लें कि यह आपकी मंथली इनकम, आपकी उम्र और आपके सिबिल स्कोर पर निर्भर करता है। बैंक इन तीन पैमानें पर आपकी मैक्सिमम होम लोन राशि तय करते हैं। सबसे सस्ता होम लोन का मतलब बैंक की तरफ से सबसे शुरुआत ब्याज दर पर ऑफर किया जा रहा लोन है। शुरुआती ब्याज दर पर होम लोन उन कस्टमर्स को ऑफर किया जाता ह
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का संचयी लाभ मार्च 2025 को खत्म हुए वित्त वर्ष में 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 26 प्रतिशत की ग्रोथ दिखाता है।
चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि में 12 सरकारी बैंकों ने 1.29 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सबसे ज्यादा नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। संसद में केंद्रीय बजट 2025-26 पेश किए जाने के बाद यह पहली मीटिंग होगी।
सरकारी बैंकों ने चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि में 1.29 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह सालाना आधार पर 31.3 प्रतिशत की ग्रोथ दर्शाता है।
सरकारी बैंकों के ग्रॉस एनपीए रेशो में जबरदस्त सुधार देखा गया है, जो मार्च 2018 में 14.58 प्रतिशत के उच्च स्तर से सुधार करते हुए सितंबर 2024 में 3.12 प्रतिशत पर आ गया। एनपीए में आई ये कमी बैंकिंग सिस्टम में तनाव को दूर करने के उद्देश्य से उठाए गए कदमों की सफलता को दर्शाती है।
बैंक के प्रबंध निदेशक का कहना है कि बैंक के चालू वित्त वर्ष में 50 शाखाएं खोलने की योजना है, जिससे उसकी कुल शाखाओं की संख्या 1,600 से अधिक हो जाएगी।
आईआईएफएल सिक्योरिटीज में वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता ने इंडिया टीवी को बाताया कि मजबूत फंडामेंटल वाले बैंक के शेयर हमेशा निवेशकों को फायदा कराते हैं।
छह कार्यसमूह सरकारी बैंकों की कार्यप्रणाली पर ध्यान देंगे और ग्राहक सेवा, डिजिटलीकरण, मानव संसाधन प्रोत्साहन, कॉरपोरेट शासन और सहयोग को बेहतर बनाने के तरीके सुझाएंगे।
Bank Strike News: देश भर के सरकारी बैंकों में आज और कल कोई काम नहीं होगा। दरअसल सरकारी बैंकों के प्राइवेटाइजेशन के सरकार के फैसले के खिलाफ़ बैंक यूनियनों ने हड़ताल का ऐलान किया है।
सूत्रों के मुताबिक, 2020-21 में बैंक अपने गैर प्रमुख कारोबार की बिक्री कर भी धन जुटा सकते हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी 2.0 सरकार का आम बजट एक फरवरी को पेश कर सकती हैं।
वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने त्योहारों के दौरान अक्टूबर-नवंबर में रिकार्ड 4.91 लाख करोड़ रुपए के कर्ज बांटे।
सरकारी बैंक कर्मचारियों के 2 संगठनों ने अगले हफ्ते मंगलवार (22 अक्तूबर) को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है, जिससे देशभर में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह सरकारी बैंकों में 55,250 करोड़ रुपये डालेगी, ताकि कर्ज देने को बढ़ावा दिया जा सके और विलय किए जाने वाले कर्जदाताओं का विनियामक अनुपाल सुनिश्चित की जा सके। इससे पहले सरकार ने 10 सरकारी बैंकों का विलय कर चार बड़े बैंक बनाने की घोषणा की थी।
आम बजट 2019-20 में सरकारी बैंकों को 70,000 करोड़ रुपये की पूंजी दिए जाने का प्रस्ताव उनकी ऋण देने की स्थिति मजबूत करेगा।
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार ने गुरुवार को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के NPA की बड़ी मात्रा सरकार के लिए ज्यादा चिंता का विषय नहीं है।
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