आयकर विभाग की तरफ से जारी किए जाने वाले पैन कार्ड के लिए व्यक्ति, नाबालिग, छात्र और अनिवासी भारतीय भी ऑनलाइन पैन कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। अप्लाई करने के 15 कार्यदिवस के भीतर यह बनकर आपके पते पर आ जाता है।
टैक्स रिफंड का इंतजार कर रहे लाखों करदाताओं के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। आयकर विभाग की गहन जांच में खुलासा हुआ है कि एक लाख से ज्यादा लोगों ने टैक्स बचाने और बड़ा रिफंड पाने के लिए फर्जी दावे किए, जिसके चलते एक लाख रुपये से ज्यादा के रिफंड फिलहाल रोक दिए गए हैं।
सरकार की यह सुविधा खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जिन्हें PAN कार्ड की तुरंत जरूरत होती है। जिस व्यक्ति के पास वैलिड आधार नंबर है और उसका मोबाइल नंबर उसमें रजिस्टर्ड है, वह महज चंद मिनट में इंस्टैंट e-PAN Card हासिल कर सकता है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक, इस अवधि में सिक्यॉरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स से कलेक्शन साल भर पहले की समान अवधि के मुकाबले 44,867 करोड़ रुपये पर लगभग स्थिर रहा।
जानकारों का कहना है कि इसका मुख्य कारण टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा कड़ी जांच है। जानकारों का यह भी कहना है कि रिफंड में देरी सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट टैक्सेजज (सीबीडीटी) द्वारा शुरू की गई NUDGE पहल के दूसरे फेज के कारण हो रही है।
लखनऊ के लुलु मॉल पर 27 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया था, जिसे समय पर नहीं चुकाया गया।
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लाखों टैक्सपेयर्स की चिंता बढ़ा दी है। दावा किया जा रहा है कि 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को लोगों के ईमेल, व्हाट्सएप चैट, इंस्टाग्राम और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच का अधिकार मिल जाएगा। इन दावे की क्या है सच्चाई?
डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई टैक्सपेयर कानून के अनुरूप सही कटौती या छूट का दावा कर रहा है तो उसे कोई और कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है।
आंकड़ों के विश्लेषण से मालूम चला कि कई टैक्सपेयर्स ने या तो संदिग्ध संस्थाओं को दान दिया था या प्राप्तकर्ता संगठनों की असलियत साबित करने के लिए जरूरी जानकारी नहीं दी थी।
एसएमएस और ईमेल में टैक्सपेयर्स से 31 दिसंबर 2025 से पहले ITR को रिव्यू और रिवाइज करने की सलाह दी जा रही है, ताकि सजा से बचा जा सके।
बुधवार को बीएसई पर वारी एनर्जी के शेयर 108.05 रुपये (3.29%) की गिरावट के साथ 3175.10 रुपये के भाव पर बंद हुए।
इमकम टैक्स एक्ट, 2025 संसद द्वारा 12 अगस्त को पारित किया गया था। इनकम टैक्स एक्ट के तहत लागू सभी फॉर्म जैसे- टीडीएस त्रैमासिक रिटर्न फॉर्म और आईटीआर फॉर्म पर दोबारा काम किया जा रहा है।
दिल्ली के एक शख्स को वॉट्सऐप चैट के आधार पर 22 करोड़ रुपये का नोटिस मिला था। हालांकि, ITAT दिल्ली ने कहा कि यह सबूत अविश्वसनीय और बिना पुष्टि के हैं। कोर्ट ने नोटिस को रद्द करते हुए पूरा मामला खारिज कर दिया और कर विभाग की कार्रवाई को अवैध ठहराया।
अगर आप भी अपने इनकम टैक्स रिफंड के लिए इंतजार कर रहे हैं तो यहां हम आपको रिफंड स्टेटस को ट्रैक करने का सबसे आसान तरीका बताने जा रहें हैं।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस तिथि को आगे बढ़ाते हुए आईटीआर फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है। इससे ऐसे लोग जो 15 सितंबर को चूक गए थे, उन्हें एक मौका मिल गया है।
टैक्सपेयर्स की शिकायतों पर जवाब देते हुए डिपार्टमेंट ने कहा है कि पोर्टल ठीक काम कर रहा है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अपने जवाब में कहा, ''कृपया अपना ब्राउजर क्लियर करें या किसी दूसरे ब्राउजर से ई-फाइलिंग पोर्टल पर पहुंचने की कोशिश करें।''
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की पोस्ट में कहा गया है कि आईटीआर फाइलिंग, टैक्स भुगतान और अन्य संबंधित सेवाओं के लिए टैक्सपेयर्स की मदद के लिए हेल्पडेस्क चौबीसों घंटे काम कर रहा है और विभाग अन्य माध्यम से भी सहायता प्रदान कर रहा है।
अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख चूक जाते हैं, तो इसका सबसे पहला और सीधा असर आयकर की धारा 234F के तहत लगने वाले पेनाल्टी चार्ज के तौर पर फेस करना होता है।
आईटीआर दाखिल करना एक ऐसा फॉर्म है जिसमें आप किसी विशेष वित्तीय वर्ष के लिए अपनी आय का विवरण, अन्य आय पर देय कर, कटौतियों और छूटों की घोषणा करते हैं। टैक्स योग्य आय या मूल छूट सीमा से अधिक आय वाले व्यक्तियों को हर साल नियत तिथि से पहले अनिवार्य रूप से आईटीआर दाखिल करना होता है।
नए इनकम टैक्स बिल, 2025 के संशोधित संस्करण के क्लॉज 22 में हाउस प्रॉपर्टी से होने वाली इनकम पर टैक्सेशन से संबंधित दो प्रमुख कानूनों को स्पष्ट किया गया है।
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