अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के स्वास्थ्य के हक में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने गर्भपात की दवा मिफेप्रिस्टोन पर प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया है।
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि भारत में अविवाहित महिलाओं को भी एमटीपी एक्ट के तहत गर्भपात कराने का अधिकार है।सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का अर्थ यह है कि अब अविवाहित महिलाओं को भी 24 हफ्ते तक गर्भपात का अधिकार मिल गया है।
HC give Abortion Permit: गर्भपात की अनुमति मांगने वाली एक याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। याचिकाकर्ता की अपील को स्वीकार करते हुए उच्च न्यायालय ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 16 वर्षीय बलात्कार पीड़िता के 28 सप्ताह के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति दे दी है।
UP Crime: उत्तर प्रदेश के वाराणसी के चोलापुर थाने के इलाके में 22 वर्षीय अविवाहित युवती की जबर्दस्ती गर्भपात कराने के दौरान मृत्यु हो गई। पुलिस ने युवती के मामा की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।
Noida Crime News: आरिफ खान नाम के एक युवक ने अपना नाम अरिकान राणा बताकर उसके साथ प्रेम संबंध बनाए।
Maharashtra News: पीड़िता बार-बार विरोध करती रही, मगर उस डॉक्टर ने बुखार का इंजेक्शन बताकर दिये हुए गर्भपात के इंजेक्शन से पीड़िता को पेटदर्द होने लगा। यह दर्द इतना ज्यादा था कि उस डॉक्टर ने पीड़िता का गर्भ ही काट दिया।
Delhi News: आरोपी व्यक्ति नोएडा में एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता है। महिला ने कहा कि उसके पास आत्महत्या करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।
गर्भपात पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बवाल मचा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में गर्भपात को कानूनी तौर पर मान्यता देने वाले 50 साल पुराने फैसले को पलट दिया। अदालत के इस फैसले के बाद से ही अमेरिका के अलग-अलग शहरों में भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है।
US: अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए देश में गर्भपात के अधिकार को समाप्त कर दिया। गर्भपात का मुद्दा अमेरिका की राजनीति में सबसे विभाजनकारी और कटु संघर्ष वाले मुद्दों में से एक था।
अल सल्वाडोर की एक अदालत ने एक महिला को गर्भपात कराने के मामले में 30 साल कारावास की सजा सुनाई है। महिला के समर्थकों ने कहा- 'न्यायाधीश ने पक्षपात किया। उन्होंने अटॉर्नी जनरल के कार्यालय द्वारा पेश किए गए संस्करण को अधिक तवज्जो दी, जो पूर्वाग्रह और रूढ़ीवादी सोच से भरा हुआ था। इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे।'
भारत में गर्भपात कराने के लिए किसी ठोस वजह का होना ज़रूरी है। भारतीय दंड संहिता की धारा-312 के मुताबिक यदि कोई ठोस कारण नहीं है तो डॉक्टर और गर्भपात कराने वाली महिला अपराध के दायरे में आएंगे। इन्हें तीन साल तक की सज़ा हो सकती है। यदि गर्भपात महिला की सहमति के बिना कराया जाता है तो दोषी को 10 साल या फिर उम्र कैद तक की सज़ा हो सकती है।
अमेरिका में गर्भपात कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट का मसौदा लीक होने से हंगामा हो रहा है। खबर है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट गर्भपात के संवैधानिक अधिकार से जुड़े 50 साल पुराने अपने फैसले को पलट सकता है। जिसको लेकर बवाल हो रहा है। 1973 में सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात के एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा था कि- 'गर्भपात कराना है या नहीं, ये तय करना महिला का अधिकार है।'
आवी॔ का रहने वाला एक 17 वर्षीय नाबालिक लड़के ने 13 साल की नाबालिक बच्ची से बलात्कार के बाद गर्भवती हो गई। आवी॔ पुलिस ने नाबालिग के बच्चे का अबॉर्शन करने वाले मां-बाप और एक महिला डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। आवी॔ पुलिस के मुताबिक डॉक्टर महिला ने 30,000 रुपये लेकर नाबालिक का अबॉर्शन किया था ।
चेन्नई में आठ महीने की गर्भवती महिला की गर्भ गिराने के लिए गोलियां खाने से मौत हो गई, क्योंकि वह कथित तौर पर प्रसव संबंधी जटिलताओं से डरती थी...
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अपने आप गर्भपात करने की कोशिश करते हुए, महिला की हालत खराब हो गई और परिजनों को उसे अस्पताल ले जाना पड़ा।
ओवैसी ने 2001 की जनगणना को उद्धृत करते हुए दावा किया कि ‘‘काफी संख्या’’ में आत्महत्या करने वाली विवाहिता या दहेज के लिए हत्या का शिकार बनने वाली महिलाएं हिंदू होती हैं।
सविता हलप्पनवार के पिता ने गर्भपात पर रोक की व्यवस्था को पलटने के लिए आयरलैंड के जनमत संग्रह का स्वागत करते हुए कहा है कि ‘हमें बेटी के लिए इंसाफ’ मिल गया है...
पपीता में भरपूर मात्रा में विटामिन्स पाई जाती है। जो कि अन्य चीजों से 300 गुना अधिक होती है। जो कि आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद है, लेकिन क्या आप ये बात जानते हैं कि इसके भी साइड इफेक्ट होते है। जानिए क्या है।
अमेरिकी सीनेट में डेमोक्रेट्स ने गर्भपात से संबंधित उस विवादित विधेयक को पराजित कर दिया, जिसमें 20 हफ्ते के गर्भ को गिराने पर प्रतिबंध लगाने एवं उसे आपराधिक करार देने का प्रावधान किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने 32 सप्ताह की गर्भवती 10 वर्षीय बलात्कार पीडि़त के गर्भपात की अनुमति के लिये दायर याचिका आज खारिज कर दी। इससे पहले, कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट को देखा जिसमे कहा गया था कि गर्भपात करना इस लड़की और उसके गर्भ के लिये अच्छा नहीं होग
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